क्या कोई अमेरिका की किसी यूनिवर्सिटी मे नारा लगा सकता हैकि लादेन हम शर्मिंदा है,,तेरे कातिल जिंदा है??
क्या कोई इजरायल की यूनिवर्सिटी मे फिलिस्तीन के समर्थन मे नारे लगा सकता है??
क्या कोई रूस की यूनिवर्सिटी मे सीरिया के समर्थन मे नारे लगा सकता है??
फिर ये बीमारी भारत मे क्यों?
जहर पिलाकर मजहब का, इन कश्मीरी परवानों को,
भय और लालच दिखलाकर तुम भेज रहे नादानों को,
खुले प्रशिक्षण, खुले शस्त्र है खुली हुई शैतानी है,
सारी दुनिया जान चुकी ये हरकत पाकिस्त���नी है,
🇮🇳जय हिन्द🇮🇳
टमाटर और केले का पाकिस्तान को निर्यात बंद। यही युद्ध है। आधुनिक युद्ध। जिनकी रगों में 6 दिन पहले जोश था लड़ने का वो भी आगे आए और पाकिस्तान व च���न के सामान का बहिष्कार कर युद्ध में हिस्सा ले।
#पुलवामा_आतंकी_हमला #पुलवामा #IndiaWantsRevenge #india
It's true, the adversity when it comes,
The coward is the only one who burns,
The Soorma do not get distracted,
The moment does not lose patience.
Let's embrace the problems,
Let's make the way in the thorns. .
#IndianArmy#FutureReadyArmy#NationFirst
अभी अभी इजरायल ने पाकिस्तान को साफ साफ शब्दों में कहा है कि हम किसी भी तरह की कार्रवाई में भारत के साथ हैं।
इसलिए हम सभी को इजरायल को धन्यवाद देना चाहिए #ThankYouIsrael🇮🇱
बाहरी दुश्मन से तो हमारे बाहदुर जवान निपट लेंगे हमें तो देश मे छुपे हुए देशद्रोही से निपटना ��ै। कोई भी देश के ख़िलाफ़ बोले बस आप आवाज उठाओ आपके साथ हज़ारों लोग होंगे।
न राजनीति,न कोई राजनीतिक पार्टी सबसे पहले देश और देश का सम्म���न🇮🇳
#KashmiriStudents
#ExposeDeshDrohis
Pulwama terror attack: पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत के रुख से पीओके में हलचल है। लॉन्चिंग पैड्स से आतंकवादियों को सेना के शिविरों में भेजा जा रहा है।
कौन कौन चाहता है कि
भारत मे लोकसभा से पहले पाकिस्तान मे
शोकसभा हो___
वो Retweet करे___
और Retweet की संख्या इतनी ज्यादा हो कि प्रधान मंत्री @narendramodi जी भी मजबूर हो जाए पाकिस्तान में शोक सभा मनवान��� के लिए
पुलवामा के आतंकी मोहम्मद आदिल जो पत्थर बाज था,मासूम बताने का कैंपेन शुरू कर दिया गया है.
इस कैंपेन को लीड कर रहा है कुख्यात प्रशांत भूषण..
कहा कि वो आतंकी नहीं था,वो तब आतंकी बना जब उसे सैनिको ने पीटा..
इस गद्दार का लाइसेंस निरस्त कर राष्ट्रद्रोह लगाया जाए.यही है स्लीपर सेल.😡
ख़ंजर ताने हाथों पर जब तक मरहम लगाएँगे।
तब तक शौर्य और बलिदान यूँ ही छले जाएँगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर दो बोलियाँ नहीं हो सकतीं। ‘जिम्मेदारी’ जैश ने ली। पर उन नेताओं की ज़िम��मेदारी का क्या जो आतंकियों पत्थरबाज़ों के पक्ष में खड़े होते हैं।