ओमप्रकाश @oprajbhar राजभर जी आपकी तबियत तो ठीक है?
अखिलेश @yadavakhilesh यादव जी के ख़िलाफ़ आज सुबह से कोई पोस्ट नहीं आयी आपकी! मीडिया वाले भी परेशान हैं हमसे कोई प्रतिक्रिया नहीं ले पा रहे हैं।
आपकी तबीयत खराब है या आपकी पोस्ट लिखने वालो को उनका पुराना पेमेंट नहीं मिला?
भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी पद से दिया इस्तीफा
पार्टी में कोई बड़ा पद नहीं मिलने के कारण दिया इस्तीफा
बताया गया है कि कांग्रेस की तरह उनको भाजपा में भी प्रमुख बनना था
लेकिन पार्टी ने साफ कह दिया था कि तुम सिर्फ दरी बिछाने के लिए हो
Students aren't criminals. Free everyone arrested during the anti-paper leak protests. The movement isn't over. @AmitShah, the face of this crackdown, the next movement demands your resignation.
Thanks @TheOPHindi for the interview with @neha_aisa
इन बच्चियों को सुनिए।
इन्होंने अपने भीतर के डर को हराया है। इन्होंने चुप रहना नहीं, अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना सीखा है। बिहार के एक स्कूल की ये बच्चियाँ बता रही हैं कि जागरूक नागरिक बनने की शुरुआत सवाल पूछने से होती है।
जब बच्चे स्कूल में बुनियादी सुविधाएँ, बेहतर पढ़ाई और अपने अधिकार माँगने लगते हैं, तो समझिए लोकतंत्र साँस ले रहा है।
जो सरकारें अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं दे पातीं, उनसे बड़े-बड़े वादों की उम्मीद कैसी?
सवाल करने वाले यही बच्चे, दरअसल भारत का भविष्य हैं। इन्हें डराना नहीं, सुनना चाहिए।
Gen Z को इतनी बुरी तरीके से पिटावाने वाले जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रहे है?
कब तक ये लोग झूठ परोसेंगे?
युवा सब देख रहा है,
अब ज्यादा दिन तक झूठ नहीं चलने वाला है।
प्रवक्ता जी ने पूरी ताकत लागई थी कि मालवीया की कुर्सी मिल जाए.
इसके लिए पेड कैंपेन चलवाए. मालवीया के खिलाफ खूब उल्टा सीधा लिखवाया.
लेकिन इससे कुछ हुआ नहीं, क्योंकि प्रवक्ता जी का मजहब आड़े आ गया. अब इस्तीफा-इस्तीफा खेल रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव है,
ऐसे में बड़े बड़े इंफ्लूएंसर को लगा दिया है,
लोगों को भ्रमित करने के लिए,
इनका मानना है कि एक दूसरे को जातियों में लड़वाओ तो हम सफल हो जाएंगे,
पर उत्तर प्रदेश के लोग समझदार है किसी के झांसे में नहीं आने वाले है।
अरे भाई, जब गौमूत्र अमेरिका में पेटेंटेड है ही, तो तुम लोग भी गौमूत्र में नहाओ, पियो, और पैदा होते ही अपने बच्चों को दूध की जगह गौमूत्र पिलाओ। किसने रोका है?
पूरे देश में अब स्कूल के छात्रों को आंदोलन शुरू हो गया है। उनकाी मांगें है की सरकारी स्कूल में टीचर्स हो, पंखे हों, टॉयलेट हों। और सब जगह वही नारा गूँज रहा है: “हम अपना अधिकार माँगते, नहीं किसी से भीख माँगते”