🇮🇳 India wins the 45th FIDE #ChessOlympiad! 🏆 ♟️
Congratulations to Gukesh D, Praggnanandhaa R, Arjun Erigaisi, Vidit Gujrathi, Pentala Harikrishna and Srinath Narayanan (Captain)! 👏 👏
Gukesh D beats Vladimir Fedoseev, and Arjun Erigaisi prevails against Jan Subelj; India secures at least a tie in their match against Slovenia, and clinches the gold!
Complex #cloud strategies comprising multi and #hybridcloud environments can pose challenges for IT leaders. How can you manage them smartly?
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@CIOonline#cloudcomputing
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बरसात की शाम में परिवार के साथ बैठकर गर्मागर्म चाय के साथ अजवाइन और कलौंजी की बनी निमकी का मजा ही अलग होता है। हमारे यहां बिहार में शाम को अक्सर ही हलवाई की दुकानों में निमकी छनते हुए दिख जायेगी। हमारा दावा है कि अगर आप एकबार इसे छनते हुए देख लेंगे तो बिना खाए रह नहीं पाएंगे।
गर्व अगर कोई चीज़ होती है तो आज बिहार का गर्व आहत है, उसका वैभव चकनाचूर है और पूरी संस्कृति अपमानित है। अब बिहार के पुनर्निर्माण का समय है, वही गौरवशाली बिहार बनाने का समय है, जहां रोज़गार भी हो और हमारा गर्व भी हो। हमें हमारा बिहार वापस चाहिए। #LetsOpenBihar#30YearsLockdown
लोग मुख्यमंत्री तक बन गए लेकिन हाल वैसा ही बेहाल! "अपने लोग" की जगह पॉलिसीमेकिंग को नये बिहार की राजनीति में जगह मि���ेगी तभी बिहार बदलेगा और बुनियादी चीजों के लिए नहीं तरसेगा। #LetsOpenBihar #30YearsLockdown
"कोई नहीं सुनता, अनाज नहीं मिलता, डाँट कर भगा देता है, लॉकडाउन में कुछ नहीं मिला" ऐसा कहते सीधे-सादे लोग रो पड़ते हैं! बिहार के गाँवों में स्थिति विकट है। जहानाबाद के मखदूमपुर जैसी जगहों के गाँव अनाज, ईलाज, दवा, पानी, शिक्षा, सब कुछ के लिए दशकों से तरस रहे हैं और कोई सुनवाई नहीं।
कोहरा, जहानाबाद गाँव की अगरबत्ती इंडस्ट्री! बबलू जी जैसे उद्यमी सैकड़ों महिलाओं, लड़कों, लड़कियों को रोज़गार उपलब्ध करा रहे। 2005 में फ़ैक्टरी डाली और आज दिल्ली-जयपुर तक सप्लाई करते हैं। लाडली, सबीना, जूही, रुख़तार जैसी महिला और लड़कियों के जीवन का सहारा है यह अगरबत्ती फ़ैक्टरी!
नमामि गंगे के हज़ारों करोड़ पड़े रहते हैं क्योंकि बिहार सरकार झाड़ू लगाने के काबिल भी नहीं है। एक तरफ़ स्वर्गिक गंगा और दूसरी तरफ़ भगवान के पद-चिह्न, इनके बीच एक सरकार प्रायोजित नर्क जहां बक्सर का कचरा गिरता रहता है और गंगा अकेली तड़पती रहती है।
प्राईमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी (पैक्स) बिहार में फसल ख़रीदारी और राजनीति का अड्डा मात्र है। इस राज्य में क्रेडिट-डेबिट अनुपात देश में सबसे दयनीय (45%) है, बैंक किसानों ��ो ऋण देना नहीं चाहते, तब एग्री-क्रेडिट में जासो जैसे अच्छे प्रदर्शन वाले पैक्स की अहम भूमिका हो सकती है।
आरा के बलुआ पंचायत का अचरज लाल टोला, केवटिया पिछले कई दशक से गंगा ��े कटाव का शिकार है, 20 साल में चार किलोमीटर खिसक चुका है और इस साल रात भर जागकर आशंकाओं से ग्रस्त है। सरकार कुछ बोरे डाल कर चली जाती है और गाँव वालों को पता है कि दशकों से यह सब लूट का चक्कर है!
पूरा तम्बाकू उद्योग बैठ गया और किसान इतनी शानदार एक्सपोर्ट वाली नक़दी फसल को छोड़कर बिना मुनाफ़े वाले खाद्यान्न उपजाने लगे। संजय लोहिया जी जैसे उद्यमी और किसान फिर से जुटें तो चीन को पछाड़ने में बिहार क्या पीछे रहेगा! #LetsOpenBihar#30YearsLockdown