Train no. 22943 Daund indore express
Traveling since 2022 from Surat to Indore.... Requirement of one more train from Daund To indore route on daily basis @RailMinIndia@RailwaySeva@AshwiniVaishnaw@RailMadad Please look into this matter ASAP🙏
25 points on What I see in Market / Local Surroundings / Global Cues
1) Real Estate Prices are above Sky
2) Stock Markets are at high
3) When you talk to small Businesses, they are not able to grow or even sustain
4) Inflation all time high
5) More natural disasters frequently
6) Food prices spike frequently
7) Speculation is the main source of Income - Be it Real Estate or Markets
8) USA printing more everyday
9) People not able to pay EMIs in many countries
10 ) Less skilled countries are Bankrupt now
11) India getting good money from Donkey guys working abroad
12) Real Estate Uncles making big money in speculation and is the main cause of inflation
13) Poor getting poor everyday due to this speculative inflation
14) New comers are still expecting their stocks to go 2x from here
15) Growth on paper is different from real situation
16) Housing is the biggest problem middle class will face due to this speculation done by people playing with free capital
17) Canada students ( Indian ) also in depression
18) Next to impossible to set a new Business due to inflation in input materials
19) Middle class not left with much money after Roti Kapda Makaan so not consuming much which may lead to
20) People with free capital buy a plot for 50 lac and sell in 60 next month but for a salaried person this 10 lacs will take 3-4 years to save
22) Saving initial free capital required to rise above middle class is getting difficult everyday
23) In most of the towns collector rate is 25% of market rate = 75% black money = more speculation = more inflation = more pressure on middle class
24 ) After covid world is totally different be it market / real estate
25) Don’t envy or follow anyone - Just take small steps to save some capital
Just my Observations on current scenes in India in Reality
@WeekendInvestng@vivbajaj@kuttrapali26@dmuthuk@FI_InvestIndia
Forget True Indology for a while and think of this hypothetical situation:
A guy named X, a BJP supporter, lives in a BJP-ruled state. X has given 20 yrs of his life defending BJP leaders on SM, not for money but for his trust in them. BJP leaders like him too.
One day X...
RSS वालों को शूट करने की बात हो
हम तुम्हें मंदिर में टाँग देंगे, जीवित जलाने के नारे हों
राम-लक्ष्मण-सीता के कार्टून में नग्न सीता हो
मुहर्रम पर कई शहरों में पत्थरबाजी हो
दिल्ली में भगवा झंडे देख कर मुसलमानों का हमला हो
स्टालिन द्वारा चंद्रचूड़ पर पोस्ट करने वाले की गिरफ़्तारी हो
बिहार में हो रही अनगिनत हत्याएँ हों
ताजिए के जुलूस में बच्ची का रेप हो
हम क्या बोलें? कितना बोलें? क्यों बोलें? बोल-बोल कर सारे शब्द समाप्त हो चुके हैं! क्या बोलें कि भाजपा चुप क्यों है? क्या बोलें कि इस पर लिबरलों ने फेवीकॉल पी लिया है? क्या बोलें कि अमित शाह जवाब दो? क्या बोलें कि इंडिया गठबंधन यही है तुम्हारे मुहब्बत की दुकान?
आक्रमण इतने अधिक और इतने सटीक होते जा रहे हैं कि हमारी संवेदना सूखती जा रही है। एक दल इस विश्वास में जी रहा है कि उसे हिन्दू वोट नहीं देंगे तो किसे देंगे, इसने सारे हिन्दुओं को अकेला छोड़ रखा है। लोगों में दूसरे विकल्प का भय दिखा कर अपने मूल मतदाताओं को मरने को छोड़ने वाले दल संभवतः नगण्य होंगे विश्व में।
हम संघियों को गोली मारने की बात पर क्यों उद्वेलित होएँ? संघ ने कभी कहा है कि आप उनके लिए बोलें? आप उनको कहने जाएँगे कि इसकी आलोचना तो कीजिए, तो कहा जाएगा कि यह संघ का काम नहीं है। आप इस पोस्टर के चक्कर में, आक्रोशित हो कर कुछ लिख देंगे और अगले दिन आपको ११ अगस्त तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
हम और आप डिस्पोजेबल ग्लास हैं जो हवा के झोंके से उड़ कर किसी सड़क पर पहुँचेंगे और सामने से आती कार हमें कुचल कर निकल जाएगी। जिसने प्रयोग किया वह खुमारी में होगा और आप रीसायकल हो कर पुनर्जन्म के लिए देह खोज रहे होंगे।
आप जो बोलते हैं (यह तो मैं स्वयं से ही कह रहा हूँ) वह तोल कर बोलिए। यह पार्टी विचारधारा को त्याग चुकी है और यह आपके बच्चों, बच्चियों की बलि लेती रहेगी ताकि रैलियों में उसकी संख्या बताई जा सके।
स्वर तीव्र करना कार्यकर्ताओं का कार्य है, यदि आप वह नहीं हैं, तो ऐसे लिखिए जैसे कोई अवलोकन हो। प्रतिक्रिया, आक्रोश या वैचारिक विश्लेषण मत दीजिए। आपका कौन-सा शब्द पकड़ कर कौन सा नेता, किस राजनैतिक कारण से आपका सर माँगने लगेगा, आप समझ नहीं पाएँगे।
मनीष कश्यप NSA लगवा कर जेल में सड़ रहा है। उसका एक बना-बनाया चैनल था, कुछ लोगों को रोजगार मिला करता था। वह सब चला गया। सरकारें सर्वसमर्थ होती हैं, उसे कोई न्यायपालिका नहीं रोक सकती।
आप नग्न सीता माता को देख कर कुछ लिख देंगे, पर उन्हें चिंता नहीं होगी जिन्होंने राम के नाम पर सत्ता पाई है। एक कार्टून बनाने पर शार्ली एब्दो के बारह कार्टूनिस्ट मारे गए थे। बाद में सैमुअल पैटी मारा गया। हडीथ की बात कहने के बाद छः हिन्दू मार दिए गए। मारने वाले सदैव ही बच जाते हैं और हम एक घिसा-पिटा संवाद बोल देते हैं कि सरकार तुम्हारी है, पर सिस्टम हमारा है।
आप उसी नग्न सीता माता के कार्टून पर मुसलमानों के एक प्रतीक, एक व्यक्ति का नाम ले लीजिए, आप केवल जेल में नहीं होंगे बल्कि आपके पूरी कॉलोनी की कारें डीजे हल्ली के स्टाइल में जला दी जाएँगी और आपका घर कई वर्षों तक उस राज्य में नहीं होगा जहाँ आपका जीवन बीता है।
यह मेरा दुख नहीं है, मेरी पीड़ा नहीं है, कोई फ़्रस्ट्रेशन नहीं है। यह हमारी सामूहिक सच्चाई है। आपको हवा दे कर ये निकल लेंगे। उज्जैन के महाकाल कॉरीडोर ने उमेश कोल्हे को मरने से नहीं रोका, काशी कॉरीडोर ने कन्हैया लाल की हत्या नहीं रोकी, राम मंदिर ने सीता माता के नग्न कार्टून को नहीं रोका।
हम हिन्दू हैं, हम बहुसंख्यक हैं, हमारी सरकार है और हम न रामनवमी मना सकते हैं, न होली पर डीजे बजा सकते हैं, न दुर्गा विसर्जन कर सकते हैं, न शिवरात्रि मना सकते हैं, न काँवर यात्रा पर जा सकते हैं क्योंकि हर जगह मुसलमानों के पत्थर हैं जो किसी भी बात पर बरस जाते हैं।
हमारी बहनों के वीडियो हॉस्टलों में मुस्लिम लड़कियाँ बना रही हैं, उस पर कोई मानवता लज्जित नहीं होती, न कोई लोकतंत्र मरता है! अरे मरने का बाद भी चैन से सोने नहीं देते जब किसी श्रीकांत पासवान के शव को मुस्लिम आरोपित पीटता है, उस पर पेशाब करता है… कोई दलित चिंतक नहीं उठता, चर्चा तक नहीं होती!
हम लोड लिए फिर रहे हैं जैसे कि हम न लिखें तो मोदी को कोई वोट ही नहीं देगा! हम न बोलें तो भाजपा को डेढ़ सौ सीटें नहीं आएँगी। भाई! सत्ता का चरित्र है सत्ता में बने रहने की सतत चेष्टा। उसका इंधन मत बनिए। ऐसे नेताओं और पार्टियों के लिए मेरे-आपके जैसे हजार लोग बलि चढ़ जाएँगे और इनका प्रवक्ता सह कहता रहेगा कि वो तो हमारे ही समर्थन में लिखता था, लेकिन गाँधी पर अनुचित कहा तो देखिए हम उसे चौराहे पर टाँग देंगे!
१/२
@itspramods Ok No problem sir
Btw Thanks for Guiding 🙏😀
Mujhe To Sirf Apka draw Kara hua chart dekhna Tha .. ki bde Trader Kya dekhte h ...
Mujhe apse sikhna tha 😛
@itspramods Sir Mere pass 50 coromandel ke shares h 907 se
Ek baar apka Chart dekhne ko mil jata to acha Rhta ...
If possible for you please Guide me 🙏😀
हम मिडिल क्लास आदमी हैं। जब हम गोवा नहीं जा पाते तो चुप मार के अपने गाँव चले जाते हैं! एक उमर तक ना हम ढेर आस्तिक हैं ना कम नास्तिक। कुछ कुछ मौक़ापरस्त! पीड़ा में होते हैं तो भगवान को याद करते हैं। जब सब कुछ तबाह हो जाए तो भगवान को दोष देते हैं और जब मनोकामना पूरी हो जाए तो भगवान को किनारे कर देते हैं।
हम नेताओं को गरियाते हैं और एक्टरों को पूजते है। हम अपने नेता चुनते हैं पर उनसे सवाल नहीं करते। उनको ना कोस के खुद को कोसते हैं।अमिताभ और सचिन हमारे भगवान होते है। हमको अटल बिहारी बाजपेयी के अलावा कोई और नेता लीडर लगता ही नहीं हम वो हैं जो कभी कभी फटे दूध की चाय बना लेते हैं। एक ईयर फ़ोन में दोस्त के साथ रेडियो पे नग़मे सुन लेते हैं। गरमी हो या बारिश हमें विंडो सीट ही चाहिए होती है। १५ ₹/किलो आलू जब हम मोलभाव करके १३ में और धनिया फ़्री मे लेके घर लौटते हैं तो सीना थोड़ा चौड़ा कर लेते हैं।
हम कभी कभी फ़ेरी वाला समान अनायास ही ख़रीद लेते हैं। हम पैसे उड़ाते तो हैं पर हिसाब दिमाग़ में रखते हुए चलते हैं। हम दिया उधार जल्दी वापस नहीं माँग पाते ना ही लिया हुआ जल्दी चुका पाते हैं। संकोच जैसे हिमोग्लोबिन में तैरता हो हमारे। हम ताला मारते हैं तो उसे दो तीन बार खींच के चेक कर लेते है कि ठीक से तो बंद हुआ है ना? लाइट कटी हो तो बोर्ड की सारी स्विच ओन ओफ़ करके कन्फ़र्म करते हैं की कटी ही है। हमें ख़ुद की बिजली कटी होने पे तकलीफ़ तबतक नहीं होती जबतक पड़ोसी के यहाँ भी ना आ रही हो!
बेकरी वाला बिस्क़िट हम सिर्फ़ ख़ास मेहमानों के लिए रखते हैं।ज़िंदगी में कभी हवाई यात्रा का मौक़ा मिला तो हम उसका टिकट(बोर्डिंग पास सहित) हाई स्कूल-इण्टर की मार्कशीट की तरह सहेज के रखते हैं। हम स्लीपर ट्रेन में आठ की आठ सीटों पे बैठे यात्रियों की बात चाव से सुनते हैं और उनको अपनी तकलीफ़ और क़िस्से सुनाते हैं।
भीड़ में कोई चेहरा पसंद भी आजाए तो पलट के देखना अपनी तौहीन समझते हैं। कोई लिफ़्ट माँग ले तो रास्ते भर ये सोचते रहते हैं कि यार बैठा ही लिया होता।
अपने लिए नए जूते लेने के लिए हम दस बार सोचते है और दोस्तों के साथ पार्टी मे उससे दुगने पैसे उड़ा देते है। हम इमोशनल होते हैं तो रो देते हैं पर आँसू नहीं गिराते। आँसू सिर्फ वही गिराते है जहाँ मालूम होता है कि सामने वाला आँसू चुन लेगा।
हम अपनी गलतियों को याद नहीं करना चाहते। वाहवाही को हम ज़िंदगी से ज़्यादा सिरियस लेते हैं। हम किसी के व्यंग का जवाब उसे नज़रअन्दाज़ करके देते हैं। हम झगड़ा तबतक नहीं करते जबतक सामने वाला इतना इम्पोर्टेंट ना हो। हमें दूसरों के आगे चुप रहना पसंद है और अपनों के आगे तो हम उसे चुप करा करा के सुनाते हैं।
कोई सम्मान से बात भर कर ले हम उसे सिर चढ़ा लेते हैं और जो कोई फन्ने खाँ बना तो नज़र में! मिडिल क्लास लोग हैं। हम सुबह का खाना शाम को भी खा लेते हैं और कभी कभी तो अगली सुबह भी।
प्रेम को हम सीरियासली लेते हैं। हम जब प्रेम करते हैं और तो अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं उनपे और बना लेते एक मुकम्मल दुनिया। अपने अपने बजट से। मिडिल क्लास आदमी अपनी छोटी छोटी ख़्वाहिशों को बड़े बड़े अरमान के साथ जी लेता है। गाने की लिरिक्स ना याद हो तो आधा गा के पूरी धुन गुनगुना लेते हैं। कभी कभी साबुन से बाल भी धुल लेते हैं। छोटी छोटी ख़ुशियों को पनीर खा के सेलेब्रेट कर लेते हैं।
मिडिल क्लास आदमी उतना ही सच्चा होता है जितनी निरछल उसकी मुस्कान। गौर कीजियेगा कभी।
...कलमकार ।।
Development and infra shouldn't be priority over public safety. It's time India invest in Riot PoIice. A large force with specialised training, equipment, weapons and legal immunity.
Zero tolerance to mob vioIence is needed or else before 5 trillion economy, we'll become Syria.
Introducing Trader's Anthem - Hum Traders Kehlate Hai 🫡
For traders who always have markets on their minds, expressing our gratitude to all Traders in India 🙏🇮🇳
#MadeForTrade