@yadavakhilesh आपसे अनुरोध है कि आप अपनी सरकार आने पर चुनाव प्रक्रिया में संक्रमन के कारण मृतक सभी शिक्षकों को अनुकम्पा राशि जारी करने का बयान जारी किए जाने की कृपा करें
विशेषज्ञों पर भरोसा करें,अफ़वाहों पर नहीं। प्रमाणित स्रोतों का ही यकीन करें।
सच से सरोकार रखें,सनसनी से नहीं। तथ्यों पर चलें,कल्पनाओं पर नहीं। विवेक को भावुकता से अधिक महत्व दें।
डर की एक बड़ी काट है तथ्य। गंभीर खतरे के सामने स्थिरचित्त होना ज़रूरी है🙏
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हिम्मत रखें, मन डूबे नहीं।
कुछ स्थाई नहीं कभी।
अच्छा समय कभी टिका है? बुरा समय भी नहीं टिक सकता।
शारीरिक रोग से दवाइयाँ व डॉक्टर लड़ लेंगे। पर मानसिक लड़ाई आपको ही लड़नी है- हारिएगा मत।
मन घबराने लगे, तो अपनी संस्था से बात कर लीजियेगा, यूँ ही।
दो बातें:https://t.co/ztLpSrRXvm
जो सही है उससे पीछे मत हटो।
जब तक तुम्हें भ्रम था तब तक माफ़ी, क्योंकि तुम जानते ही नहीं थे। पर अब जब जान गए हो तो पीछे मत हटना। जिसे जान गए हो कि करने लायक है, उसपर अडिग रहना।
वचन की कीमत हो। जिस व्यक्ति की करनी-कथनी में भेद आ गया वह व्यक्ति अपने ही प्रति अपराधी हो गया।
वो नीयत चाहिए जो कृष्ण को पढ़े भर नहीं, कृष्ण को ज़िन्दगी बना ले।
जीवन लाए कोई इम्तिहान तुम्हारे सामने और तब भी तुम अपने कर्तव्य को ही समर्पित रहो, तब जानना कि गीता और उपनिषद तुम्हारे काम आए।
फूलों का हार पहनना एक बात होती है और फूलों से लदा वृक्ष हो जाना बिल्कुल दूसरी बात।
शुद्ध शाकाहार (वीगनवाद या निरवद्यता) अपनाने का साहस और ईमानदारी अधिक से अधिक युवा दिखाएँ। सामाजिक, वैश्विक और व्यक्तिगत - सभी तरह की समस्याओं की जड़ अपने और दूसरे के प्रति क्रूरता में है।
दूसरे का शोषण किए बिना रहा जा सकता है, और रहा जाना चाहिए।