ख़ान चचा और उनके जैसे स्वयंभू ज्ञानी लोग एक मुग़ली सेना की तरह @anjanaomkashyap पर टूट पड़े हैं, पत्रकार भाई लोग मौन है।
महाराणा बहुत वीर योद्धा थे,अपनी आख़िरी साँस तक लड़े थे पर उनके अपनों ने साथ दिया होता तो इतिहास कुछ और होता।
अंजान जी पीढ़ी के भविष्य के लिए आप डटी रहिए।।
कॉकरोच, क्रांति और कपटी लालसा
कुछ लोगों को नेपाल की तस्वीरों में बडा पोटेंशियल दिखा है। बस किसी तरह भारत का भी यूथ भड़क जाए तो मजे ही आ जाए। मिसगाइडेड क्रोध और क्रांति में अंतर होता है। नेपाल में वहां की जेनरेशन ने जिस तरह कहर और नरक काटा। देश और देश के संसाधनों से प्यार करने वाले देखकर द्रवित ही हुए। लेकिन श्रीलंका और नेपाल की तस्वीरों जैसे बस मोदी को किसी तरह नीचा दिखाने की मंशा बहुत से दिलों में हिलोरे मार रही हैं। देश बेहतर करने को नहीं बस मोदी को नेस्तनाबूद करने के लिए वो कॉकरोच तक बनने को तैयार है।
जबकि कटु सत्य ये है जब तब आपकी नानी विदेश ना रहती हों, आप बड़े स्केल पर देश में ये कोहराम होता नहीं देख सकते क्योंकि आग लगने से पहले या बाद में आपको रहना इसी देश में हैं। ना आपकी नानी बाहर रहती है ना दादी। ये सपना तो बस उनका हो सकता है, जिन्हें बस लुई विटां उठा के विदेश चल देना है।
जब समस्या ही ये है, कम्पटीशन ही इस बात का है कि संसाधन सीमित हैं और जनसंख्या ज्यादा। तो लड़ाई समान अवसरों को लेकर है । ना कि सरकार की पूंछ में आग लगाकर अपनी लंका लगा देने की और ये जेन ज़ी को चाभी भरकर सत्ता तक पहुंचने का सपना भी वैसे ही किसी का हो सकता है जो ये प्रयोग अपने हक के लिए पहले भी देख चुका हो।
साल 2011 दिल्ली के रामलीला मैदान में हमनें जो कुछ भी देखा, वो 15 -20 साल के जोश से भरे लड़के से लेकर, बड़ी कंपनियों में बड़े पदों पर काम रहे रहे 35 -40 साल को युवाओं के लिए भी कुछ अद्भुत था। तजुर्बेकार लोगों ने हमें बताया शायद हम वो खुशनसीब पीढ़ी हैं, जिसने अन्ना को देखा, इस आंदोलन को देखा। लेकिन इस समुद्र मंथन से जो निकला उसने शायद दूर दूर तक लोगों के भरोसे और उनकी क्रांति की परिभाषा को मटियामेट कर दिया।
मैने वो दिन भी देखा जब महाराजा रणजीत सिंह फ्लाईओवर के एक मुहाने से लेकर बारहखंभा रोड के चौराहे तक सड़क पर लोगों का हुजूम ही हुजूम था। मैंने देखा कैेसे इंडिया गेट पटा पड़ा था उत्साह, उम्मीद से भरे और दंभी सरकार के प्रति उदासीन लोगों से।
फिर मैंने देखा कैसे एक चैनल के एडीटर ने झूठे एसएमएस पोल करवाए कि जनता आपको सरकार बनाते देखना चाहती हैं। जनता आपको गठबंधन करते देखना चाहती है। फिर आंदोलन से उपजी लालसा,झूठे एसएमएस पोल जनता के मत्थे मढ़ सत्ता तक आ गई।
अब जो भी सत्ता में नहीं हैं वो बस सत्ता चाहता है, भले ही उसके रास्ते में देश आ जाए। जो अभी अभी बहुमत पाकर आया है। देश फूंककर उसे हटाने के सपने आपके हैं। लेकिन पलीता लगाने के लिए आपको आंच में तपता हुआ वो युवा चाहिए, जिसके आगे भविष्य है। अनंत संभावनाएं हैं.. और हां पेपर लीक से परे भी।
हर वो नेता जिसे नेपाल का जेन जी आंदोलन भा रहा है, जिसकी भुजाएं फड़कती हैं उन तस्वीरों को देखकर, जो बस वैसा ही कुछ इस देश में कर देना चाहता हैं। वो नेता सब कुछ हो सकता है इस देश का शुभचिंतक नहीं और अगर वो आपका नेता है तो सोचना आपको हैं।
जेन ज़ी का मतलब तर्करहित बैटरी वाला युवा नहीं है। हाड मांस की वो अथाह संभावना है, जो जी जान लगा देती है अपनी बात के लिए। बर्शते आप उसे कन्विंस कर सके। युवाओं के लिए रास्ते बनाइए उनसे अपने लिए रास्ता ना खोजिए।
#NDTVCreatorsManch | 'डर लगता था, कहीं किस्मत में इंडियन एयरफोर्स का बम न लिखा हो' – पूर्व राजनयिक रुचि घनश्याम
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@vikasbha
कोई बता सकता है की ये #ModiFountain कहाँ लगाया गया है ?
पहले इस फाउंटेन यानी फव्वारे की खासियत देखिए, सबसे ऊपर शिखर पर देश के प्रधानमंत्री की चार तस्वीरें हैं, तीन तस्वीरें उनके तीन कार्यकाल की ओर इशारा करती हैं जबकि चौथी तस्वीर उनके भविष्य के चौथे कार्यकाल की कामना है, इसकी परिकल्पना जल शक्ति मंत्री @CRPaatil ने की है, फ़व्वारे में प्रधानमंत्री मोदी के जल संचय #CatchTheRain कार्यक्रम का सिम्बल “अँजुरी यानी हाथ” बना हुआ है, उसके नीचे पार्टी @BJP4India का सिम्बल कमल का फूल है, अँजुरी से जल कमल के फूल पर गिर रहा है, कमल के फूल से जल की वर्षा, गांव की अनुकृति पर हो रही है जो वॉटर हार्वेस्टिंग यानी जल संचयन के अंतिम पायदान की और संकेत कर रहा है, वैसे आपको बता दे #CatchTheRain कार्यक्रम के तहत अब तक 28 लाख से ज़्यादा जल संचयन प्रणाली तैयार हो चुकी हैं.
उत्तरप्रदेश के कई गाँवों में पिछले ३-४ दिनों से बिजली बिल्कुल ग़ायब है, उससे पहले भी सिर्फ़ १०-१२ घण्टे ही आ रही थी । कर्मचारी अधिकारी फ़ोन नहीं उठाते। गर्मी से लोग परेशान बिना पानी के किसान परेशान है ।
@myogiadityanath@myogioffice@AKSharmaOffice@narendramodi
पीएम @narendramodi ने सेट किए 11 रूल
1.आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब देंगे
2. एटमी ब्लैकमेल नहीं सहेगा भारत
3. आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आका एक
4.टेरर और टॉक, टेरर और ट्रेड एक साथ नहीं हो सकते
5.पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता
6.पाकिस्तान से बात होगी तो आतंकवाद पर ही होगी
7.पाकिस्तान से बात होगी तो POK पर ही होगी
8.न्यू एज वॉरफेयर में भारत ने श्रेष्ठता साबित की
9. मेड इन इंडिया हथियारों ने दिखाई ताकत
10.शांति का मार्ग शक्ति से होकर जाता है
11.समृद्ध भारत के लिए शक्तिशाली भारत जरूरी
#OperationSindoor