सिंधु सभ्यता का इतिहास बताता है कि आप में से अधिकांश (आर्य) बाहर से आए हुए घुसपैठिए हैं। :जयपाल सिंह मुंडा संविधान निर्माण सभा की पहली बैठक में।
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#जयपालसिंह_मुंडा आज के झारखंड के टकरा पाहनटोली गाँव के रहनेवाले थे। वे मुंडा आदिवासी समुदाय के हैं और उनके पिता परंपरागत रूप से मुंडा समाज के ‘पाहन’ थे।
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झारखंड से निकला एक युवा जो ऑक्सफोर्ड विवि. में अर्थशास्त्र में पारंगत होकर, IAS की नौकरी हासिल कर उसे हॉकी के लिए छोड़ देता है,1928 के ओलम्पिक में कप्तानी कर देश को गोल्ड दिलाता है,संविधान सभा में आदिवासियों को हक़ दिलाता है.अलग झारखंड उन्हीं की देन है।
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आदिवासी लोग इस देश के सबसे प्राचीन बाशिंदे और गणतांत्रिक समुदाय हैं, भारतीय सभ्यता के निर्माता हैं, आदिवासी दर्शन प्रकृतिवाद और जीववाद की देन है - #जयपा���सिंह_मुंडा
जोहार जयपालसिंग मुंडा कल 20मार्च को आदिवासी की आवाज बुलंद करने वाले 5 ,6अनुसूची को1935अधिनियम से हूबहू वर्तमान इंडिपिनेड1950 में रखने की पैरवी पुरजोर स��� की थी उनकी स्मृति दिवस पर हार्दिक जोहार #जय_आदिवासी
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