अफसोस कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को टोल टैक्स का कॉन्सेप्ट ही नहीं पता। प्राइवेट गाड़ियों पर टोल न लेना जनता का कोई बहुत भला नहीं करने वाला। उल्टा टोल टैक्स का purpose defeat होगा।
और कमर्शियल गाड़ी से ज़्यादा टैक्स लेने का बोझ भी अंततः सवारी पर ही आएगा।
इन ऊल जुलूल बातों से राज्य के बुनियादी मुद्दे नहीं सुलझने वाले।
मैं धोनी का कई मामलों में अनुयायी रहा हूं लेकिन कुछ बातें अब चुभती हैं...
धोनी 4 साल से परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं
वो लगातार अब युवाओं के मौके खा रहे हैं
धोनी बस दर्शन देने मैदान पर आते हैं
क्या आप महेंद्र सिंह धोनी को IPL 2027 में खेलते देखना चाहते हैं?
#dhoni
तारीख़ के आज के एपिसोड में देखिए ददुआ डकैत की कहानी. 17 साल के एक लड़के ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए एक साथ 9 लोगों को मौत के घाट उतार दिया और फिर कभी घर नहीं लौटा. कहानी उस डकैत की जिसे बुंदेलखंड का वीरप्पन कहा गया. जिसके सिर पर लाखों का इनाम था, जिसे पकड़ने में पुलिस को 32 साल लग गए और जिसकी सिर्फ एक तस्वीर ही दुनिया के सामने आ सकी. जानिए कैसे ददुआ ने बीहड़ों में अपना साम्राज्य खड़ा किया, राजनीति को प्रभावित किया और कैसे यूपी एसटीएफ के सबसे बड़े ऑपरेशन में उसका अंत हुआ.
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इतिहास कहता है कि किसी बड़ी अर्थव्यवस्था की मुद्रा का हज़ारों गुना मजबूत हो जाना लगभग अभूतपूर्व है।
अधिकांश बड़े बदलाव युद्ध, अतिमुद्रास्फीति (hyperinflation), राज्य के विघटन, या मुद्रा सुधार (currency reform) के दौरान हुए हैं।
ऐसे में सबसे यथार्थवादी निष्कर्ष ये हो सकता है कि
रुपया धीरे-धीरे मजबूत या कमजोर होता रहे।
डॉलर का वैश्विक दबदबा कुछ कम हो, लेकिन पूरी तरह समाप्त न हो।
भारत की अर्थव्यवस्था बड़ी बने, जिससे रुपये की अंतरराष्ट्रीय भूमिका बढ़े।
लेकिन ₹1 = $100 जैसी दर आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि किसी अत्यंत असाधारण वैश्विक संकट, बड़े पैमाने के मुद्रा सुधार, या पूरी अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक व्यवस्था के बदल जाने जैसी घटनाओं से ही संभव दिखाई देती है। इसलिए इसे व्यावहारिक नहीं कहा जा सकता।
Sorry Baba Ramdev 😥
क्या बाबा रामदेव की मनोकामना पूरी हो सकती है?
एक रुपया, 100 डॉलर के बराबर पहुंचे इसके लिए, रुपये को क़रीब-क़रीब 8 हज़ार गुना ज़्यादा मजबूत होना पड़ेगा। और ऐसा होने के लिए कुछ possible scenario ये हो सकते हैं:
Scenario 1: अमेरिका में अभूतपूर्व आर्थिक पतन
कल्पना कीजिए कि:
अमेरिकी सरकार अपने कर्ज़ का भुगतान करने में विफल हो जाए।
डॉलर पर दुनिया का भरोसा खत्म हो जाए।
दुनिया की केंद्रीय बैंक डॉलर छोड़ दें।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था गहरे संकट में चली जाए।
ऐसे में डॉलर बहुत कमजोर हो सकता है। लेकिन तब भी दुनिया संभवतः डॉलर छोड़कर किसी दूसरी मुद्रा, सोना, या बहु-मुद्रा प्रणाली की ओर जाएगी। इसका मतलब यह नहीं कि भारतीय रुपया सीधे $100 का हो जाएगा।
श्वेता सिंह_ आजकल रामदेव बाबा पार्टी लाइन से अलग बोल रहे हैं?
रामदेव बाबा_ मेरी क्या पार्टी मैं संयासी आदमी हूं!
श्वेता सिंह_ रुपया की डॉलर के सामने बड़ी कठिन स्थिति हो गई?
रामदेव बाबा_ अच्छा अब पता लगा श्वेता जी मुझे सरकार के खिलाफ बुलवाना चाहती है 😂🤣
ट्रंप सॉलिड डॉलर लेकर आए तब उसको ₹1 पकडाओ तब उसके मुंह पर तमाचा लगेगा!
Scenario 3: डॉलर की जगह बिल्कुल नई वैश्विक मुद्रा
यदि भविष्य में International Monetary Fund जैसी कोई संस्था या देशों का समूह नई वैश्विक रिज़र्व मुद्रा बनाए,
और डॉलर धीरे-धीरे समाप्त हो जाए,
तो पुराने डॉलर की तुलना अर्थहीन हो सकती है। तब "₹1 = $100" जैसी तुलना का महत्व भी खत्म हो जाएगा।
आज #TheLallantopShow में देखिए-
- क्या भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की बर्फ फिर पिघल सकती है?
- शांति की हर कोशिशों को पाकिस्तान ने कैसे किया विफल?
- राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपी के घर पर बरामद बक्से में क्या मिला?
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तारीख़ के आज के एपिसोड में जानिए क्या था सरला भट हत्याकांड.
36 साल तक एक फाइल धूल खाती रही. अब जम्मू-कश्मीर पुलिस की एसआईए ने सरला भट हत्याकांड में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें यासीन मलिक समेत 5 लोगों के नाम हैं. 27 साल की एक नर्स, जिसे अगवा किया गया, बेरहमी से टॉर्चर किया गया और फिर मार दिया गया.
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प्राथमिक तौर पर ये फ़ैसला थोड़ा अजीब जान पड़ रहा है. अगर किसी सरकार अस्पताल में कोई इलाज नहीं है और मरीज की स्थिति सुधर नहीं रही है तो ऐसे में अस्पताल क्या करेगा? मरीज को रेफर करेगा या मुख्यमंत्री जी का आदेश मानकर मरीज को वहीं पड़े रहने देगा?
फ़ैसले में स्पष्टता का अभाव है.
आज योगी आदित्यनाथ की कही ख़ास बातें:
# साइकिल चलेगी तो कर्फ्यू लगेगा
# बबुआ को समय पर जगने की आदत नहीं है
# ये लोग ग़रीब की पीड़ा नहीं जान सकते
# 9 साल पहले दंगे होते थे
क्या @samajwadiparty का जवाब आएगा?
वैभव सूर्यवंशी को खिलाना है या बैठाना है, ये कॉल श्रेयस अय्यर और गौतम गंभीर का होगा। ना कि x के क्रिकेट ज्ञानियों का।
तगड़ा प्लेयर है वैभव। लेकिन टीम में किसे कब कैसे लाना है ये कप्तान कोच का फैसला है। सर्वाधिकार सुरक्षित। उन्हें सिखाइए मत। खासकर जब अपनी टीम हारी हो।
तारीख़ के आज के एपिसोड में देखिए 'ब्लडबाथ इन जमैका' की कहानी. वो टेस्ट मैच जिसमें सबाइना पार्क की पिच भारतीय खिलाड़ियों के खून से लाल हो गई. वो मुकाबला जिसमें वेस्ट इंडीज की खतरनाक गेंदबाजी देखकर सुनील गावस्कर ने कहा, 'मैं यहां मरने नहीं आया हूं.' कहानी उस दिन की जब माइकल होल्डिंग की रफ्तार ने भारतीय बल्लेबाजों को अस्पताल पहुंचा दिया. और वो मैच जिसने वेस्ट इंडीज की तेज गेंदबाज़ी को दुनिया का सबसे बड़ा खौफ बना दिया.
Full Episode: https://t.co/RL6VtxWU3v
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‘FIFA जी नमस्ते’ Episode 1: जानिए कैसे #Italy के तानाशाह Mussolini ने कैसे खरीदा 1934 का खिताब? FIFA World Cup 2026
फुल शो : https://t.co/C18jfTh5FR
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