बकलोली बंद करो चिराग जी। खड़गे के लोग ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगा रहे थे रामलीला मंचन के मैदान से। इसलिए हवन कराया गया।
क्या बात है कि @iChiragPaswan कभी दलित नेता द्वारा ब्राह्मणों के रेप को ‘शुद्धिकरण’ बोलने पर कभी कुछ नहीं बोलता?
और हाँ, मैं और गुरु प्रकाश पासवान जी ने कई बार स्टेज शेयर किया है, अभी सांसद हैं शशांक मणि जी, उन्होंने तो शुद्धिकरण नहीं करवाया। तो ये संदर्भहीन बातें कर के क्या साबित करना चाहते हैं?
और आप आज भी अपने लिए ‘संभवतः’ का प्रयोग कर रहे हैं कि आरक्षण नहीं चाहिए? भाई, किस तर्क से आपके जैसों के लिए SC सीट रिजर्व होती है? आप तो अपने दम पर लड़ो ओपन में!
धुआँ-धुआँ कर दिया @ajeetbharti 🔥🔥
कृपया मुझे इस बात पर भावनात्मक ब्लैकमेल ना करें कि मोदी जाएगा तो राहुल आ जाएगा, योगी जाएगा तो अखिलेश आ जाएगा।
कल को कोई ऐसी पार्टी आई जो आप जैसा कह रहे हैं कि बदतर बना देगी, तो उससे सड़कों पर निपट लेंगे।
आपसे तो केवल शब्दों से लड़ रहे हैं। @BJP4UP@BJP4India
@AshwiniVaishnaw@PMOIndia रेल मंत्री जी स्वयं जॉच कराए भोपाल चिकित्सालय में डॉक्टर का रवैया भी रेलवे कर्मचारियों के साथ बहुत बुरा है । रेलवे के सभी कर्मचारियों की समस्या का निराकरण करें और निर्देश दें कि बीमारी हेतु छुट्टी शीघ्र दी जाए ।
@AshwiniVaishnaw@PMOIndia#RailwayHospital @ajeetbhart
भोपाल रेलवे चिकित्सालय में रेलवे कर्मियों को बीमारी हेतु छुट्टी लेने के लिए बहुत चक्कर लगाने पड़ते हैं मंत्री जी से निवेदन है अलग से एक विभाग या काउंटर बनाए ,एक ही जगह काम हो जाए रेलवे कर्मचारी यदि बीमार होते हैं तो छुट्टी लेने में बहुत दिक्कत आती है @AshwiniVaishnaw@PMOIndia
भगवत्पाद शिवावतार जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य भगवान ने जिस सनातन सिद्धांतों, वर्णाश्रम धर्म, प्रशस्त मानबिंदुओं की रक्षा की और जो भगवती श्रुति के वास्तविक चरमोत्कृष्ट सिद्धांत को पुनः प्रतिपादन किया, प्रत्येक सनातन धर्मावलबियों को इस पर आस्थान्वित होना चाहिए।
उज्जैन के विक्रांत भैरव को भगवान भैरव का अत्यंत उग्र, जागृत और तांत्रिक स्वरूप माना जाता है। उज्जैन की पावन भूमि, जो स्वयं महाकाल की नगरी है, वहाँ अष्ट भैरवों की विशेष उपासना की परंपरा रही है। विक्रांत भैरव उन्हीं प्रमुख भैरव स्वरूपों में से एक हैं, जिन्हें शत्रु बाधा, तंत्र-बाधा, भय, नकारात्मक शक्तियों और अदृश्य संकटों का नाश करने वाला देव माना जाता है।🧵
आज कितने लोग हैं जो भारतको हिन्दुराष्ट्र देखना चाहते हैं ?अन्य जो तंत्र हैं उन्हें छोड़ दिया जाय तो भी 110करोड़ लोग हिन्दू तो हैं ही। अन्य तंत्रो के पूर्बज भी हिन्दू रहे हैं, इस बात को वे सब लोग बेबाकी से स्वीकार करते हैं। फिर तटस्थ बने रहने में लाभ ही क्या है? सबके प्रयास हों।
♦️कीर्तिमुख : मंदिरों का द्वारपाल♦️
कीर्तिमुख (कीर्ति + मुख) हिंदू धर्म में एक अत्यंत रहस्यमय और तांत्रिक प्रतीक माना जाता है। यह मुख्यतः मंदिरों के द्वार, शिखर और तोरणों पर स्थापित किया जाता है। पुराणों के अनुसार यह भगवान शिव की उग्र शक्ति से उत्पन्न हुआ दिव्य रक्षक है, जिसे स्वयं शिव ने देवालयों का प्रहरी बना दिया।🧵
जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी की बात करने वालो के लिए अजीत भारती का ये उत्तम विचार है और मेरा भी यही मानना है कि देश दो वर्ग बना दो आरक्षित और अनारक्षित उनके लिए व्यवस्था भी अलग अलग कर दो अन्यथा रोते रहेंगे कि शोषण हो गया।