करियर का पहला इंटरव्यू है। संयोग कितना कमाल है कि मुकेश मेरे गांव के ही हैं। पढ़िए बताईए कैसा है..😍
@DayaSagar95 @Mithileshdhar#IndvsSAodi
https://t.co/sP6L1Igo2e
Virat Kohli is a fraud, ODI is the easiest format of cricket #ViratKohli
[Virat Kohli, King Kohli, ODI, team India, Indian cricket team, India vs West Indies, INDvsWI, Virat Kohli Century]
उत्तर प्रदेश –
लखनऊ के न्यूज संस्थान "गांव कनेक्शन" से 9 पत्रकारों को आधी रात में ईमेल भेजकर अचानक नौकरी से हटा दिया गया। इन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। इस संस्थान के मालिक नीलेश मिश्रा हैं, जो फिल्म मेकर भी हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब "गांव कनेक्शन" में पत्रकारों की इस तरीके की अचानक छंटनी हुई है।
बहुत ज़्यादा बुरा लग रहा है सभी फ़ील्ड रिपोर्टर्स के लिए.. न तो एंकरों,संपादकों की तरह इनकी मोटी तनख़्वाह होती है..न ये दिन भर AC में बैठते हैं..न बुलेटिन का एजेंडा तय करने में इनकी कोई भूमिका होती है..न ये संपादक के किसी भी फ़ैसले के खिलाफ जा सकते हैं..ये बस अपनी नौकरी करते हैं..जिससे कभी भी निकाल दिए जाते हैं क्योंकि ये चैनल का "face" नहीं होते..फिर भी भीड़ इन्हें निशाना बना रही है,इन पर हमले कर रही है..इससे किसी को क्या हासिल होगा? मत कीजिए रिपोर्टर्स के साथ ये हिंसा🙏 रोकिए ऐसा करने वालों को🙏🙏🙏
From an opponent to a friend over the years. It’s been a pleasure watching you bat and compete against you over so many years but more than that I value our friendship and shared perspectives on the game and beyond. I continue to cherish every time we speak or meet. Wishing you nothing but the best always brother. You’ve done your bit, you deserve to enjoy all of it now and put your feet up. Well done mate, life’s only just begun. ❤️ #KaneWilliamson
इरफ़ान एयर इंडिया विमान के क्रू मेंबर में से एक थे.
एक साल पहले अहमदाबाद में हुए हादसे में इरफ़ान की मौत हो गई.
लेकिन उनके पिता ने इरफ़ान के नंबर पर अभी तक रिचार्ज कर रखा है. वे उसके व्हाट्सएप नंबर पर हर रोज मैसेज भेजते हैं.
पिता 💔
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in India categorically rejects the reports and claims circulated by certain media outlets regarding the economic situation in Iran and alleged difficulties in the supply of essential goods and public necessities.
It is emphasized that, despite the imposition of three wars and extensive pressures against the Iranian nation, no shortage of essential commodities or basic necessities has occurred to date. Owing to the effective measures and responsible management of the Government of the Islamic Republic of Iran under the leadership of President Dr. Masoud Pezeshkian, the procurement, supply, and distribution of the goods required by the country continue in a normal, stable, and uninterrupted manner.
The Embassy of the Islamic Republic of Iran also urges respected Indian media organizations to obtain and disseminate news and reports concerning Iran from credible, official, and verifiable sources. In this regard, it should be recalled that Iran International is a media outlet affiliated with opponents and adversaries of the Iranian people and has a long record of disseminating biased narratives aligned with anti-Iranian political agendas. Consequently, it cannot be regarded as a credible source for accurately reflecting the realities of Iran.
@aajtak
Ravi Ashwin on Vaibhav Suryavanshi:
"I don't wanna play 15 years old boy card but tell me how many matches did he play at age of 15 to get this level of mental maturity?
If you remember his uppercut over 3rd man for six, the same ball at start of season he was trying to play staight & it was getting top edged, inside a season he made such changes at age of just 15.
He is not a normal player, his mom & dad need to do whatever it takes to remove bad evil eye from him. This boy in post match interview was saying that 100 will come later, I tried to win a match tonight for my team & the way he bats, he doesn't care about 100s as he knows he will get it here & there & there was a question on him, how he gonna play under pressure & he was incredible."
@shubhendupk मैदान पर आग उगलता जुनून, हर गेंद पर जीत छीन लेने की भूख और आखिरी पल तक हार न मानने वाली मानसिकता... यही विराट कोहली की पहचान है। वह सिर्फ रन नहीं बनाते, बल्कि अपने एग्रेसिव तेवर से विपक्षी टीम के हौसले तक तोड़ देते हैं।
Indian Football Club defeated Liverpool U-15 सच में?
बीते कुछ वक्त से पूरा सोशल मीडिया एक क्लेम से भरा है. एक भारतीय क्लब ने दुनिया के सबसे बड़े क्लब्स में से एक की अंडर-15 साइड को बुरी तरह से हरा दिया. दावे हैं कि ये मैच यूथ वर्ल्ड कप टाइप के किसी इवेंट में हुआ. इसे भारतीय फ़ुटबॉल के लिए आशा की किरण बताया जा रहा है. काफी सेलिब्रेशंस हैं. लेकिन सच क्या है? कौन बताएगा? अगर आपके दिमाग़ में भी ऐसे सवाल आए तो सुनिए- मैं हूं ना.
सच है कि मिनर्वा फ़ुटबॉल क्लब ने लिवरपूल की अंडर-15 टीम को कैटालोनिया में हराया. लेकिन सच बस इतना ही है. इस ख़बर के इर्द-गिर्द चल रहे लगभग सारे दावे बेकार हैं. उनमें उतना ही दम है जितना किसी क्रिकेटर के बच्चे के चलते आदित्य धर के अंडर-19 वर्ल्ड कप मिस करने की ख़बर में. जिस टूर्नामेंट में ये मैच खेला गया वो कम से कम इस लेवल पर तो बहुत सीरियस टूर्नामेंट नहीं है. ये एक मेले जैसी व्यवस्था है. पैसे देकर आप भी अपनी टीम के साथ इसमें भाग ले सकते हैं.
भाग लेने के लिए शुल्कों की बाक़ायदा सूची है. आपको होटल समेत तमाम व्यवस्थाएं चाहिए तो ज्यादा पैसे, नहीं तो कम पैसों में काम हो जाएगा. तो सबसे पहली बात तो यहीं क्लियर है कि ये योग्यता पर आधारित टूर्नामेंट नहीं है. और जिस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए योग्यता नहीं, पैसे लगते हों. वहां के रिजल्ट्स को मैं उतना ही मानता हूं जितना साउथ वाले फिजिक्स को. इस टूर्नामेंट में भाग लेने के पीछे मुख्यतः दो कारण होते हैं- पहला एक्सपोज़र मिल जाएगा और दूसरा भाग्य सही रहा तो किसी स्काउट की नज़र में आ जाएंगे. जिससे बड़े लेवल पर मौके मिलने की उम्मीद जग जाती है.
आगे ब़ढ़ने से पहले एक और चीज़ जाननी जरूरी है. एलीट क्लब्स की अकैडमीज़ इन टूर्नामेंट्स में अलग स्ट्रैटेजी के साथ उतरती हैं. इनमें सबसे कॉमन स्ट्रैटेजी है- नीचे के ग्रुप वाले बेस्ट प्लेयर्स को उनकी उम्र से ऊपर खिलाओ. जिससे उन्हें और बेहतर होने का मौका मिले. इस मैच मे भी यही हुआ. लिवरपूल के अंडर-15 के बेस्ट प्लेयर्स ऊपर की टीम्स में खेल रहे थे. बचे हुए प्लेयर्स में भी जो एलीट थे, वो इस मैच में नहीं खेले. क्योंकि सुबह ही टीम ने एक और मैच खेला था. जी हां, यहां ऐसे ही मैच खेले जाते हैं. दिन में एक से ज्यादा मैच खेलना कॉमन है. और ये मैच भी रेगुलर 90 मिनट की जगह 25-25 मिनट के दो हाफ में बंटे होते हैं.
क्यों, क्योंकि जग दर्शन का मेला. और 5-6 दिन चलने वाले इस मेले में आने वालों की नज़र खेलने और मौज-मस्ती दोनों पर होती है. खेलो, टहलो-घूमो, एन्जॉय करो और घर जाओ. हालांकि इन तमाम चीजों के बावजूद मिनर्वा की उपलब्धि कम नहीं हो जाती. यूरोप की घटिया से घटिया अकैडमी के पास भी भारत की टॉप अकैडमी से बेहतर सुविधाएं होती हैं. किसी भी लेवल पर उन्हें हराना एक बड़ी अचीवमेंट है. इसे सेलिब्रेट करना चाहिए, लेकिन ज़मीन पर रहते हुए. इस जीत का बिल्कुल भी अर्थ नहीं है कि हमारी फ़ुटबॉल एकाएक बहुत शानदार हो गई है.
आपकी फ़ुटबॉल अभी भी उसी स्तर पर है. इस जीत का कोई ख़ास महत्व नहीं है. ये ऐसा ही है कि किसी broke person को गिरे हुए पांच लाख मिल गए. पांच लाख के मजे उठाइए, खुशियां बांटिए लेकिन याद रखिए कि आप अभी भी वही broke person हैं. जिसे ग़रीबी रेखा से ऊपर उठने के लिए भी बहुत प्रयत्न करने हैं. तो ये जीत की बधाई रहेगी आप सबको, लेकिन जानकारी पूरी रखिए. अरे हां, इससे बड़ी जीत 5-6 अगस्त 2018 को मिली थी. जब हमने सीरियस टूर्नामेंट Cotif में अर्जेंटीना अंडर-20 को हराया था. वो टीम भी असली थी और उसके प्लेयर्स भी एलीट थे. आधी से ज्यादा टीम आज यूरोप की टॉप लीग्स में खेल रही है. ये जीत उसके आगे कुछ नहीं है. कुछ भी नहीं.
#football #indianfootball #LiverpoolU15 #Minerva
🚨 2025 WISDEN PHOTOGRAPH OF THE YEAR WINNER 🚨
Matthew Lewis takes the overall prize, and the women’s category, with this extraordinary image of Harmanpreet Kaur 📸
A moment of focus… hidden in chaos. Can you spot the ball among a sea of flashing lights?
🤝@Metro_Bank
दीदी रंगबाज हैं
दीदी क्रांतिकारी हैं
दीदी को बदला लेने का शौक है
दीदी ने बदले में सामने वाले की बुलेट तोड़ दी
दीदी ने बाइक में कुछ नहीं छोड़ा, सब तोड़ा
दीदी का पुलिस भी कुछ नहीं कर पाई। सरेआम कहा- पुलिस कुछ नहीं कर सकती।