आदरणीय श्री @dpradhanbjp जी ने शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक इस देश को नई दिशा देने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। संगठन से सरकार तक अनेक महत्वपूर्ण जवाबदेहियों के बावजूद वे सदैव अपनी सौम्यता, संवेदनशीलता और जमीन से जुड़ी पहचान बनाए रखने वाले जनप्रतिनिधि रहे हैं।
मोदी जी के नेतृत्व उज्ज्वला योजना के माध्यम से उन्होंने करोड़ों गरीब बहनों को धुएँ भरे चूल्हे से मुक्ति दिलाई और कौशल विकास मंत्री के रूप में युवाओं के हुनर को सम्मान और रोजगार से जोड़ा।
शिक्षा मंत्री के रूप में उनके नेतृत्व में देश की शिक्षा व्यवस्था ने ऐसे परिवर्तन देखे, जिनकी कल्पना दशकों तक कठिन रही। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के साथ बच्चों तक मातृभाषा में शिक्षण की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हुई। भारतीय भाषाओं में परीक्षाएँ, निपुण भारत, पीएम श्री, पीएम विद्यालक्ष्मी और 'वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन' जैसे कदमों ने शिक्षा को अंतिम पंक्ति तक और विश्व स्तर तक पहुँचाया।
युवाओं के प्रति संवेदनशीलता उनके पूरे सार्वजनिक जीवन की पहचान रही है। मैं मन की गहराई से उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त करता हूँ। उन्हें आगे जो भी दायित्व मिलेगा, उसे निखारने में वे अमूल्य भूमिका निभाएँगे। वे सदैव स्वस्थ और दीर्घायु हों, यही कामना है।
माननीय @dpradhanbjp जी का इस्तीफा दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पूरी निष्ठा, समर्पण और सकारात्मक नजरिए से सभी खामियों को दूर करने का प्रयास किया। शिक्षा में नए सफल प्रयोग किए। सिस्टम है, तो उसमें खामियां भी होंगी। धर्मेंद्र जी ने उन सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया।
“जंतर-मंतर पर जो स्थिति पैदा हुई है, राष्ट्रविरोधी ताक़तें उसका फ़ायदा न उठा लें। एक भी विद्यार्थी का हित क़ानूनी पेचीदगियों में फँसकर प्रभावित न हो, इसलिए मैं प्रधानमंत्री को त्याग पत्र भेज रहा हूँ। “
बड़ी बात कही प्रधान जी ने। निजी हित पर देश हित को तवज्जो देकर धर्मेंद्र प्रधान ने अपना क़द और ऊँचा कर लिया। @dpradhanbjp
Sri @dpradhanbjp as Education Minister successfully oversaw the implementation of NEP 2020. He brought in an over 100 big - small reforms in education field. He had to resign keeping larger social interests in mind. We all are confident of successful future days for him.
Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns.
"...To ensure that anti-national elements are not benefitted by the situation at Jantar Mantar and across the country, that the nation remains united, students in India do not get tangled in legal complexities and focus on their studies and their career, I have tendered my resignation to the Prime Minister..," reads the letter.
गृह जिले देवरिया के माननीय सांसद श्री @shashankmanibjp जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
देवरिया के विकास के लिए आपका सतत् प्रयास तथा अमृत प्रयास के माध्यम से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का आपका संकल्प सराहनीय है। प्रभु श्रीराम आपको सदैव यश प्रदान करें।
"Hope" is the thing with feathers.
What unfolded in the National Capital was not merely police excess. It was the banality of evil. Men in uniform: ordinary men, devoid of reflection, carrying out acts of staggering cruelty under the guise of obeying orders.
But there are young people such as these who are willing to risk the comfort of a "government job" or the security of a "stable life" because they know that blind obedience is not always virtue. They are the beacons of light India desperately needs.
We can hope that when history places ordinary people at moral crossroads, they choose to think before they choose to obey, because thinking is often the last barrier between authority and authoritarianism.
Another competitive drama unfolding at @RahulGandhi ‘s home . With buses arriving & @INCIndia MPs dropping in he is up to some theatrics to upstage Janta Mantar protests . Nation is a casualty for sometime in this theatrical competition .
कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, क्योंकि उन्हें मालूम है कि जैसे ही वे सदन के पटल पर आएंगे, उनका दोहरा चरित्र देश की जनता और युवाओं के सामने पूरी तरह जगजाहिर हो जाएगा।
हम पूरे विपक्ष को खुली चुनौती देते हैं। आइए, सदन के पटल पर NEET सहित छात्रों और युवाओं से जुड़े हर विषय पर खुलकर चर्चा कीजिए। एनडीए सरकार हर विषय पर संवाद करने और हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
लेकिन राहुल गांधी और विपक्ष का राजनीतिक इतिहास चर्चा से बचने का रहा है। यही कारण है कि वे सदन में बहस का सामना करने के बजाय उससे दूर भागते हैं।
युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी। प्रधानमंत्री जी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है।
पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard. This continues our series of steps for safeguarding the interests of students.
Those who try to harm the future of our youth will not be spared.
देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।