नवसारी जिले के आछवणी गांव में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल जी के साथ मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया।
नवसारी जिले के सुरखाई गांव में आयोजित प्राकृतिक कृषि परिसंवाद में किसान भाइयों के साथ विस्तृत चर्चा की। धरती माता को बचाने और आने वाली पीढ़ियों को विषमुक्त आहार उपलब्ध करवाने का संकल्प ही आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
रासायनिक खेती की वजह से मिट्टी का ऑर्गेनिक कार्बन स्तर तेजी से गिर रहा है। प्राकृतिक खेती से न केवल जमीन पुनः उपजाऊ बनती है, बल्कि उत्पादन लागत भी लगभग श��न्य हो जाती है।
आज रासायनिक खाद और कीटनाशकों के कारण अनाज, फल और यहां तक कि जीवन का आधार, मां का दूध भी जहरीला हो रहा है। प्राकृतिक खेती ही कैंसर और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्ति का एकमात्र मार्ग है।
मेरा सभी किसानों से आग्रह है कि वह अपने परिवार के उपयोग के लिए कम से कम अपनी जमीन के एक हिस्से से प्राकृतिक खेती की शुरुआत करें। विश्वास रखें, परिणाम आपके जीवन में नयी खुशहाली लाएंगे।
आ���ए, हम सब मिलकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्राकृतिक कृषि मिशन को जन-आंदोलन बनाएं।
नवसारी जिले के आछवणी गांव में आज प्रगतिशील किसान श्री महेशभाई पटेल के हियान प्राकृतिक फार्म का दौरा किया। प्रकृति की गोद में, खलिहान में खाट पर बैठकर किसान भाइयों के साथ हुआ सीधा संवाद मेरे लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
खेत से स्वयं ��ारे की कटाई की और उसे अपने हाथों से गौ माता को खिलाकर दुग्ध दोहन भी किया।
किसानों को प्राकृतिक खेती के पांच महत्वपूर्ण आयामों जीवामृत, बीजामृत, आच्छादन, वापसा और मिश्र-फसल के वैज्ञानिक और व्यावहारिक लाभों के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
महेशभाई जैसे किसानों ने रासायनिक खेती त्यागकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्राकृतिक विधियों से खेती करने पर मिट्टी पुनः उपजाऊ और सोने जैसी बहुमूल्य ब�� सकती है।
कैंसर और अन्य असाध्य बीमारियों से बचने का एकमात्र अचूक मार्ग प्राकृतिक खेती है। जब हमारी धरती विषमुक्त होगी, तभी हमारा समाज और आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ होंगी।
सभी शिक्षित युवाओं और किसानों से आह्वान है कि वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के इस प्राकृतिक कृषि मिशन में सहभागी बनें। यह केवल खेती नहीं, बल्कि देश को स्वस्थ और समृद्ध बनाने की एक संजीवनी है। आइए, मिलकर भारत को विषमुक्त और आत्मनिर्भर बनाएं!
नवसारी जिले के पाणीखड़क गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के सामान्य कक्ष में रात्रि विश्राम किया। सुबह की शुरुआत प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में योग के साथ हुई।
योगः चित्तवृत्ति निरोधः, योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी नयी ��कारात्म�� ऊर्जा से भर देता है।
योगाभ्यास के दौरान विद्यालय के बच्चों और ग्रामीणों का उत्साह देखकर हृदय प्रसन्न हो गया। स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ समाज का आधार हैं।
आइए, हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के फिट इंडिया के विजन को साकार करने में अपना योगदान दें।
नवसारी जिले के पाणीखड़क गांव में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल जी के साथ रात्रि सभा में सम्मिलित होकर ग्रामवासियों के साथ सीधा संवाद किया। गांव के विकास कार्यों की समीक्षा करना और सीधे जनता से उनकी समस्याओं को सुनना अत्यंत स���तोषजनक अनुभव रहा।
ग्रामजनों ��्वारा बताई गई स्थानीय समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित निर्देश दिए।
सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वह अपने बेटों और बेटियों को उच्च शिक्षा के अवसर दें, क्योंकि सुशिक्षित युवा ही उज्ज्वल भविष्य और सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
किसान भाइयों से अपील की कि वह धरती माता को विषमुक्त बनाने और अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए प्राकृतिक खेती अपन���एं। यह समय की मांग है और हमारे स्वास्थ्य और समृद्धि का एकमात्र आधार है।
ग्रामीणों का उत्साह और उनकी सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि हमारा विकसित गुजरात से विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से जल्द ही साकार होगा।
नवसारी जिले के आछवणी गांव की यात्रा एक अविस्मरणीय अनुभव रही। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल जी के साथ मिलकर 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के अंतर्गत जन-भागीदारी से वृक्षारोपण किया। आछवणी में 1600 पौधों के साथ एक नये वन की नींव रखी गई।
प्रधानमंत्री श्री न���ेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप, गुजरात में ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाने का हमारा लक्ष्य है। यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ जीवन देने का संकल्प है।
गांव में ग्रामीणों के साथ सामूहिक ग्राम स्वच्छता अभियान में सहभागिता की। स्वच्छता और प्रकृति का संरक्षण ही ग्रामोदय का असली मार्ग है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्रभाई पटेल जी और विधायक श्री जगदीशभाई विश्वकर्मा जी के साथ अहमदाबाद से नवसारी तक की यात्रा वंदेभारत ��्रेन से की।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रभाई मोदी जी के संकल्पों को चरितार्थ करते हुए राज्य के भीतर अपने प्रवासों के लिए सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी है। ट्रेन की यह यात्रा सह-यात्रियों के साथ सीधे जुड़ने और उनके अनुभवों को जानने का एक सुखद माध्यम है।
नवसारी जिले के खेरगाम और चिखली में आयोजित ग्राम कल्याण कार्यक्रम में उपस्थित रहकर हम ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों के साथ मिलकर उ��के सर्वांगीण विकास के संकल्प को और अधिक मजबूत करेंगे।
गुजरात के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक श्री जी.एस. मलिक जी ने गांधीनगर स्थित लोकभवन में पधारकर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्��ें पुलिस बल के सर्वोच्च पद का दायित्व संभालने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
राज्य की आंतरिक सुरक्षा, नागरिकों की सुख-शांति और कानून व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। पुलिस प्रशासन को और अधिक संवेदनशील और सक्रिय बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि श्री मलिक जी के कुशल नेतृत्व में गुजरात पुलिस और अधिक मुस्तैदी के साथ जन-सेवा और सुरक्षा के अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
हवा, जमीन और पानी, तीनों प्रदूषित हो चुके हैं। यदि धरती मां को बचाना है, पानी को बचाना है और देश के भविष्य को सुरक्षित रखना है, तो अब 'प्राकृतिक खेती' ही एकमात्र विकल्प है।
समय व्यर्थ ना गंवाएं, वरना बहुत देर हो जा��गी! जागिये और प्राकृतिक खेती अपनाइए।
@narendramodi @AmitShah @Bhupendrapbjp @InfoGujarat
जयपुर प्���वास के दौरान फर्स्ट इंडिया समाचार समूह के कार्यालय जाने का अवसर मिला। इस अवसर पर डॉ. जगदीश चंद्र जी ��े प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ऐतिहासिक कार्यकाल और उनकी उपलब्धियों को समर्पित फर्स्ट इंडिया के विशेष जैकेट का पोस्टर भेंट किया।
इस अवसर पर श्री पवन अरोड़ा जी और श्री वीरेंद्र चौधरी जी की उपस्थिति में मीडिया की भूमिका और समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाने के विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
आज रात 9:00 बजे भारत 24 और फर्स्ट इंडिया न्यूज पर प्रसारित होने वाले द जेसी शो में डॉ. जगदीश चंद���र जी के साथ विशेष बातचीत में हम 'गुजरात से भारत के हृदय तक' प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणादायी यात्रा और उनके नेतृत्व में हो रहे राष्ट्र के कायाकल्प पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री जी का विजन, उनका संकल्प और भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में उनके साहसी कदम, हम सभी के लिए गर्व का विषय हैं।
आज रात 9:00 बजे इस विशेष चर्चा को अवश्य देखें।
लिंक - https://t.co/mGMY2LeLuv
राजस्थान के जयपुर में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला। यहां के अन्नदाता किसान भाइयों और बहनों का उत्साह देखकर मन प्रसन्न हो गया।
इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल श्र�� हरिभाऊ किशनराव बागड़े जी, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री श्री भगीरथ चौधरी जी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा जी तथा किसान मोर्चा के पदाधिकारिगण उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का संकल्प है कि भारत का किसान आत्मनिर्भर हो और देश की धरती रासायनिक जहर से मुक्त हो। उसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए हम निरंतर कार्य कर रहे हैं।
पैदावार की अ��धी दौड़ में रसायनों का अत्यधिक उपयोग हमारी धरती को बंजर बना रहा है। आज रासायनिक खाद और कीटनाशकों के कारण न केवल मिट्टी की उर्वरता नष्ट हुई है, बल्कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां भी हमारे परिवारों में प्रवेश कर चुकी हैं।
अक्सर यह भ्रम फैलाया जाता है कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन कम हो जाता है, जो पूरी तरह निराधार है। कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकुल में 180 एकड़ में हो रही प्राकृतिक कृषि ने यह सिद्ध किया है कि बिना यूरिया-डीएपी के भी इस प्रद्धति में रासायनिक खेती से अधिक उत्पादन मिलता है। यह शून्य-लागत खेती किसान को कर्जमुक्त और समृद्ध बनाने का एकमात्र रास्ता है।
क्या हम आने वाली पीढ़ी को जहरीला अनाज और बंजर भूमि देकर जाएंगे? बिलकुल नही। यह समय की मांग है कि हम अपनी परंपरागत कृषि पद्धतियों की ओर लौटें और स्वस्थ भारत का निर्माण करने में सहयोगी बनें।
किसान पूरी मानवता का पेट भरता है, वह राजाओं का राजा है। जब वह गौ-आधारित खेती अपनाएगा, तभी असली समृद्धि आएगी।
राजस्थान के अन्नदाताओं का उत्साह यह दर्शाता है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। आइए, प्रधानमंत्री जी के आह्वान को शिरोधार्य करें और अपनी धरती माता को पुन�� उपजाऊ और हरा-भरा बनाएं।
जयपुर प्रवास के दौरान, राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े जी से लोकभवन में शुभेच्छा भेंट हुई।
इस अवसर पर केंद्री�� कृषि राज्यमंत्री श्री भगीरथ चौधरी जी की उपस्थिति में प्राकृतिक खेती और कृषि कल्याण के विभिन्न विषयों पर अत्यंत सार्थक चर्चा हुई।
राज्यपाल महोदय के साथ हुई यह चर्चा कृषि के क्षेत्र में राजस्थान और गुजरात के परस्पर सहयोग और प्राकृतिक कृषि मिशन को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण रही।
कुरुक्षेत्र स्थित गुरुकु�� में सार्वदेशिक आर्यवीर एवं वीरांगना दल के राष्ट्रीय शिविर में सम्मिलित होकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। देश के 15 प्रांतों से आए 1000 से अधिक ऊर्जावान युवाओं को देखकर विश्वास और दृढ़ हुआ कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी जड़ों की ओर लौट रही है।
महर्षि दयानंद सरस्वती जी का कृण्वन्तो विश्व��ार्यम् का संदेश आज के अशांत विश्व के लिए एकमात्र समाधान है। आर्य समाज की मान्यताएं केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के कल्याण के लिए हैं।
देश को आज शारीरिक शक्ति से कहीं अधिक चारित्रिक बल की आवश्यकता है। आर्यवीर दल का यह शिविर युवाओं को न केवल आत्मरक्षा के गुर सिखाता है, बल्कि उन्हें व्यसनों और कुसंस्कारों से दूर रखकर एक अनुशासित राष्ट्रभक्त बनाता है।
माता जीजाबाई और रानी लक्��्मीबाई के संस्कारों से प्रेरित हमारी वीरांगनाएं आज जिस प्रकार आत्मरक्षा में सक्षम हो रही हैं, वह एक सशक्त और सुरक्षित समाज की नींव है।
आर्यवीर दल केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक पाठशाला है, जो हर आपदा में सेवा के लिए सबसे आगे खड़ा होता है।
आइए, हम सब मिलकर वैदिक संस्कृति और संस्कारों के इस दीपक को प्रज्वलित रखें।
हरियाणा सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद गीता सदन में आयोजित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा एवं कलस्टर गठन कार्यक्रम, कृषि कार्यशाला में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायबसिंह सैनी जी और कृषि मंत्री श्री श्यामसिंह राणा जी के साथ इस मिशन को आगे बढ़ाना अत्यंत संतोषजनक रहा।
मुख्यमंत्री जी ने कुरुक्षेत्र में स्मार्ट एग्रीकल्चर के तहत 2,000 एकड़ के कलस्टर में प्राकृतिक खेती शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें किसानों के किसी भी नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। यह कदम किसानों का मनोबल बढ़ाने वाला है।
ज्यादा पैदावार की अंधी दौड़ में रसायनों का उपयोग हमारी धरती को बंजर बना रहा है और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन रहा है। अब समय आ गया है कि हम अपनी जड़ों की ओर लौटें। मात्र एक देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से 10 एकड़ भूमि ��र शून्य-लागत वाली प्राकृतिक खेती की जा सकती है। किसानों की मेहनत और सरकार का साथ, मिलकर ही भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाएंगे।
कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में स्थापित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से अब तक 12,000 से अधिक किसान और सरपंच प्रशिक्षित हो चुके हैं। गुरुकुल, कुरुक्षेत्र में राज्य सलाहकार की नियुक्ति इस दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।
वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत संकल्प को साकार करने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
आइए, हम सब मिलकर इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाएं ताकि आने वाली पीढ़ियों को हम शुद्ध भोजन और स्वस्थ पर्यावरण का उपहार दे सकें।
गुजरात से कुरुक्षेत्र तक ट्रेन से सफर किया। कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से गुरुकुल तक की यात्रा के लिए ई-रिक्शा को चुना। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ईंधन बचाओ और प्रकृति बचाओ के विजन के प्रति मेरी प्रतिबद्धता है।
ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक चुनौतियों के दौर में, यह हमारा सामूहिक दायित्व है कि हम संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करें।
ई-रिक्शा में सफर कर यह संदेश देने का प्रयास किया कि प्रदूषण मुक्त भविष्य के लिए हमें इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण-हितैषी जीवनशैली को अपनाना होगा।
पर्यावरण तभी सुरक्षित रहेगा जब हम अपनी धरती को रसायनों के विष से मुक्त करेंगे। रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाना ही धरती को बचाने का एकमा���्र मार्ग है।
आइए, हम सब मिलकर इस पर्यावरण रक्षा के महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।
वलसाड जिले के देहरी गांव में आयोजित ग्राम कल्याण कार्यक्रम में पहुंचने के लिए अहमदाबाद से वापी तक ट्रेन में यात्रा की। यह दो दिवसीय कार्यक्रम के पश्चात, अब कुरुक्षेत्र, हरियाणा पहुंचने के लिए भी ट्रेन के माध्यम को चुना।
ट्रेन सफर में सह-यात्रियों के साथ संवाद करना, उनकी बातें सुनना और समाज की नब्ज को समझना मेरे लिए सदैव सुखद और प्रेरणादायक रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पों को आत्मस��त करते हुए जब तक ईंधन की स्थिति सामान्य नहीं होती, मैंने यह निश्चय किया है कि राज्य में आयोजित कार्यक्रमों के लिए मैं ट्रेन और बस जैसे सार्वजनिक साधनों का ही उपयोग करूंगा।
उमरगाम में प्राकृतिक खेती और ग्रामोत्थान के कार्यक्रम के बाद, अब कुरुक्षेत्र में होने वाले प्रांत स्तरीय प्राकृतिक कृषि सम्मेलन में कृषि वैज्ञानिकों और किसान भाइयों के साथ विषमुक्त प्राकृतिक खेती और स्वस्थ भारत की कार्ययोजना पर चर्चा होगी। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी और कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा जी भी विशेष उपस्थित रहेंगे।
आइए, हम सब मिलकर प्राकृतिक ��ृषि को एक जन-आंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ भारत सौंपें।