क्या एंकर अब चिल्लाएंगे?
• दिल्ली में BJP की पदयात्रा से व्यापारियों को भारी नुकसान.
• करवाचौथ से पहले BJP ने धंधा किया मंदा.
• आखिर दिल्ली को BJP ने हाइजैक क्यों कर लिया?
ये पदयात्रा जहां निकाली जा रही है, वो चांदनी चौक का इलाका है. पूरा मार्केट प्रभावित हुआ होगा.
मोदी तेरी ये मक्कारी
ज्ञानेश तेरी ये मक्कारी
नहीं चलेगी - नहीं चलेगी
जहां-जहां जाएँगे…’वोट चोरों’ की शामत लाएँगे 🔥
(ग़ाज़ियाबाद की सदर विधानसभा में, महानगर अध्यक्ष वीर सिंह जाटव जी और अन्य पदाधिकारियों के साथ - वोट चोरों की बैंड बजाते हुए 🔥🔥🔥)
“चलो दिल्ली रामलीला मार्च” किसी एक राजनीतिक पार्टी का नहीं - पूरे हिंदुस्तान का मार्च है
आप सब आइए
एक ही protest है - देश का protest है
🗓️ 1 नवंबर
📍 रामलीला मैदान, नई दिल्ली
#ChaloDilli@RahulGandhi
एक तो हार ऊपर से अपनी फ़ज़ीहत 😂😂
पत्रकार: मोदी के निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी की हार क्यों हुई?
बीजेपी की सहयोगी पार्टी के नेता: क्योंकि इस चुनाव में सिर्फ पढ़े-लिखे मतदाताओं ने वोट दिया था।
😂
कांग्रेस प्रवक्ता @YashRRJ तूफ़ान की तरह BJP के नैरेटिव को ध्वस्त कर रहे हैं-
सवाल: PM जी ने एक पोस्ट किया है
यश: PM के पास Emoji, Memes के अलावा कुछ होता तो हमें ख़ुशी होती. उनसे पूछ लीजिए, अरुणाचल, मणिपुर के बारे में, लेकिन उनके पास कोई जवाब नहीं है.
डिलीवरी पार्टनर्स से तेज़ काम की उम्मीद लेकिन उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी कौन लेगा?
Flipkart के Delivery Partner Sameer Hussain की मौत के बाद भी सरकार कब जागेगी? गिग वर्कर्स की सुरक्षा के लिए ठोस कानून कहाँ है?
पूरा इलेक्टोरल तंत्र BJP ने Centrally Hack कर रखा है. निष्पक्षता ख़त्म है.
ऐसे दौर में विपक्ष से एक भी सवाल पूछने को आप अब अधिकृत नहीं हैं. सारे सवाल अब सत्ता पक्ष से ही पूछें.
#MLCElection2026#VoterListScam
मतलब यह भी झूठ बोला
भाजपा के झूठे नैरेटिव का भंडाफोड़!
दिल्ली के रामलीला ग्राउंड के व्यापारियों ने खुले दिल से 1 नवंबर की ऐतिहासिक रैली का स्वागत किया है और साफ-साफ कह दिया है:
रैली से हमारा कोई नुकसान नहीं होता! अगर अमित शाह जी की पुलिस जबरन हमारी दुकानें बंद न करवाए, तो इस त्योहार के सीजन में 1 नवंबर को भीड़ आने से हमारी बिक्री और कमाई कई गुना बढ़ जाएगी।
🔥 EXCLUSIVE INTERVIEW 🔥
सुप्रीम कोर्ट के जजों पर सबसे बड़ा सनसनीखेज खुलासा...
न्यूयॉर्क के वकील और एक्टिविस्ट अशोक अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट की न्यायपालिका के अंदर छिपे Dark Secrets का खुलासा किया है।
न्याय के मंदिर में 'बंदरबांट' या जजों का खेल? सुप्रीम कोर्ट के डार्क अंडरबेली से उठे गंभीर सवाल!
अशोक अरोड़ा का कहना है कि कॉलेजियम में जजों के चयन के दौरान मेरिट के बजाय आपसी तालमेल और सिफारिशों से "बंदरबांट" होती है।
उन्होंने दावा किया कि एक जज रात को 1:00 बजे अपनी महिला इंटर्न को "I Love You" का मैसेज भेजते थे।
हाल-फिलहाल में जिस तरह के खुलासे सुप्रीम कोर्ट के जजों के लिए फैसलों को लेकर हो रहे हैं, देश के लिए शर्मिंदगी ही नहीं जिल्लत का मुद्दा है।
जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ के सत्ता के सामने नतमस्तक होने की कहानी सामने आ रही है।
यह सचेत होने का समय है। सिर्फ जागरूकता से इस मसले का हल नहीं मिलेगा।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश गोगोई का ब्लैकमेलिंग का किस्सा अयोध्या के फैसले को ही जमींदोज कर गया था। सत्ता की गोद में नहीं, सत्ता के चरणों में बिछ चुकी है न्यायपालिका।
जस्टिस किशन कौल जजों को देवतुल्य ठहरा रहे हैं अपनी किताब में, जिस काम का मेहनताना और सुविधाएं देश का सिस्टम जजों को देता है, वीआईपी होने का सम्मान भी।
अगर कोई फैसला सही दे दिया, तो देश पर कोई एहसान नहीं किया है। हर फैसला सही हो, यह जिम्मेदारी है सुप्रीम कोर्ट की।
जज का पद भी भीख में पाया जा रहा है, यह आज सार्वजनिक हो चला है। एक भी व्यक्ति उस पद की गरिमा का हत्यारा है जो उस पद के काबिल नहीं है।
जज खुद को भगवान समझ बैठे हैं। ऐसे स्वघोषित खुदाओं को घसीट कर सड़क पर खींचने का वक्त आ गया है।
चुनाव आयोग ने इलेक्शन का भद्दा मजाक बना दिया है, जो सुप्रीम कोर्ट की कारगुजारियों से ही संभव हुआ है। इंसाफ की शपथ लेकर जज की कुर्सी मिलती है।
सभी को मिलकर लोकतंत्र को स्वस्थ रखने के लिए इन जजों के कारनामे और नाम सार्वजनिक करने होंगे।
लोकतंत्र चाहिए, तो इतनी जिम्मेदारी प्रत्येक जागरूक नागरिक की बनती है... क्या आप इस मुहिम में योगदान देंगे या लोकतंत्र को सिसक-सिसक कर मरने देंगे?
2014 से पहले हमारे देश में लोकतंत्र था और उस समय बीजेपी जैसी पार्टी भी विरोध-प्रदर्शन कर सकती थी, जिसके पितृ-संगठन ने अंग्रेज़ों का साथ दिया था। अब वही गद्दार गिरोह इस देश के लोगों को, कांग्रेस के नेताओं को रोकने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। देश के लोगों के वोट का अधिकार सुरक्षित रखना, देश के संविधान को क़ायम रखना हमारी ज़िम्मेदारी है और इसके लिए हम आज़ादी की दूसरी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं