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क्या आप जानते हैं कि बिहार का मंदराचल पर्वत केवल समुद्र मंथन की मथानी ही नहीं, बल्कि भगवान शिव की लीलाभूमि, भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का आधार, जैन धर्म का पवित्र तीर्थ तथा भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक भी है?
मंदराचल पर्वत (मंदर हिल): सनातन गाथाओं, जीवंत इतिहास और सर्वधर्म समभाव का महातीर्थ
जब भी भारतीय जनमानस में मंदराचल या मंदर पर्वत का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले समुद्र मंथन की कथा स्मरण आती है। देवताओं और दैत्यों द्वारा वासुकी नाग को रस्सी बनाकर क्षीरसागर का मंथन, भगवान विष्णु का कूर्म अवतार और अमृत की प्राप्ति—इन सभी घटनाओं के केंद्र में यही मंदराचल था। किंतु यदि हम शिवपुराण, महाभारत, विष्णुपुराण, श्रीमद्भागवत महापुराण, कूर्मपुराण, मत्���्यपुराण, जैन परंपरा तथा उपलब्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्त्विक साक्ष्यों का गंभीर अध्ययन करें, तो स्पष्ट होता है कि मंदराचल का महत्व केवल समुद्र मंथन तक सीमित नहीं है।
आज बिहार के बांका जिले में स्थित मंदर पर्वत को व्यापक रूप से प्राचीन मंदराचल से जोड़ा जाता है। यह केवल एक भ��गोलिक संरचना नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की हजारों वर्षों पुरानी स्मृतियों का जीवंत दस्तावेज है। यहाँ धर्म, दर्शन, इतिहास, पुरातत्त्व और लोकसंस्कृति एक-दूसरे के साथ विकसित हुए हैं। यही कारण है कि यह स्थान शैव, वैष्णव और जैन परंपराओं में समान श्रद्धा का विषय है, जबकि स्थानीय संथाल तथा अन्य आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक स्मृतियों में भी इसका विशिष्ट स्थान है।
शिवपुराण में मंदराचल भगवान शिव की प्रमुख लीलाभूमियों में से एक माना गया है। ग्रंथ में भगवान शिव और माता पार्वती के मंदराचल पर निवास, विहार तथा देवताओं, ऋषियों और शिवगणों के आगमन का उल्लेख मिलता है। मंदराचल के वनों, गुफाओं, औषधियों, जलधाराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन केवल भौगोलिक विवरण नहीं, बल्कि उसकी आध्यात्मिक महिमा को भी व्यक्त करता है। यहाँ तपस्या करने वाले ऋषि, योग में लीन सिद्ध पुर���ष, गंधर्वों का संगीत और शिवगणों की उपस्थिति इस पर्वत को एक दिव्य आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करती है।
कुछ पारंपरिक कथाओं में मंदराचल द्वारा भगवान शिव की आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने का उल्लेख मिलता है। विभिन्न संस्करणों में इस कथा का स्वरूप भिन्न हो सकता है, किंतु शिवपुराण की परंपरा में यह निर्विवाद रूप से भगवान शिव का अत्यंत प्रिय स्थल माना गया है। यही वह भूमि है जहाँ आगे चलकर माता पार्वती द्वारा भगवान शिव के नेत्र ढँकने की लीला, अंधक के जन्म का प्रसंग और अंधकासुर से जुड़ी घटनाएँ घटित होती हैं, जो शिवपुराण के अत्यंत महत्वपूर्ण दार्शनिक प्रसंगों में गिनी जाती हैं।
मंदराचल का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। भारतीय परंपरा में पर्वतों को सदैव तप, ज्ञान और आत्मसाक्षात्कार का प्रतीक माना गया है। हिमालय जहाँ तप का सर्वोच्च प्रतीक है, वहीं मंदराचल भगवान शिव की लीला, भगवान विष्णु के कूर्म अवतार, समुद्र मंथन, जैन तीर्थ परंपरा और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का संगम बनकर सामने आता है। यही बहुआयामी स्वरूप इसे भारत के अन्य तीर्थों से विशिष्ट बनाता है।
इसी मंदराचल पर आगे चलकर वह अद्भुत प्रसंग घटित होता है जिसमें सम्पूर्ण सृष्टि क्षणभर के लिए अंधकार में डूब जाती है, भगवान शिव का त्रिनेत्र प्रकट होता है और अंधक की कथा प्रारंभ होती है। यही कथा आगे चलकर भगवान शिव के रौद्र और करुणामय—दोनों स्वरूपों को प्रकट करती है।
🚨 Banka deserves better rail connectivity!
A modernised Banka Junction under Amrit Bharat Station Scheme must be matched with better train services.
🚆 Banka–Delhi
🚆 Banka–Kolkata/Howrah
🚆 Banka–Gaya via Jasidih–Kiul–Nawada
🚆 Banka–Patna via Jasidih–Kiul
@EasternRailway
सर, 05573/74 राघोपुर देवघर मेमू स्पेशल आज आखिरी ट्रिप के लिए चल रही है। अभी तक इसके ट्रिप बढ़ाने की सूचना नहीं मिली है।
कृपया इस ट्रेन को दिसंबर तक विस्तारित किया जाए यह ट्रेन कोसी क्षेत्र से भागलपुर और देवघर जाने के लिए एकमात्र ट्रेन है। इसे बंद होने से बचाईए @spjdivn@ECRlyHJP
Today, at Nabanna, officials from the Central Government visited my office and completed the first phase of the Census process. I feel proud to have participated in this important national exercise. 🇮🇳
#Census2026#Census#India#WestBengal
माननीय देवघर प्रशासन से विनम्र आग्रह है कि श्रावणी मेला अवधि के लिए Toto, Tempo, Bus एवं 4-Wheeler के किराया की आधिकारिक रेट लिस्ट भी सार्वजनिक कर दी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को राहत मिले, अनावश्यक वसूली न हो और सभी को सुगम यात्रा का लाभ मिल सके।
@VisitJharkhand@JharkhandCMO@DCDeoghar
#ShravaniMela #Deoghar
@BaidyanathdhamT क्या लगता है कब से शुरू हो जाएगा यहां से परिचालन?
देखा जाए तो अब देवघर के लिये धनबाद से प्रस्तावित रेल परिचालन सुनिश्चित हो पाएगी । जो जसीडीह में ट्रैफिक के कारण नहीं हो पा रही थीं ।
Big boost for #Amarpur, Bihar! 🚀
The Bihar Government has initiated the expansion of Amarpur Nagar Panchayat, paving the way for its upgrade to a Nagar Parishad. The move could increase wards from 14 to around 25, bringing better urban infrastructure and civic services.
🚧 Raxaul–Haldia Expressway Update
Bihar's alignment for the ₹60,000 crore Raxaul–Haldia Expressway has been revised to avoid the proposed Raxaul Airport and sensitive sites. Land acquisition may be delayed by 3–4 months. The 407-km Bihar stretch will pass through 11 districts.
Vikramshila Central University is continuously being delayed and delayed .
As the title says , Like Nalanda is Like Vikramshila . @TourismBiharGov@samrat4bjp@EduMinOfIndia needs to step into this matter asap.
Regional Connectivity also needs to be checked.
अगर आप किसी भी तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर @bihar_police को टैग या मेंशन करें। आपकी बात संबंधित टीम तक पहुंचाने और आवश्��क कार्रवाई का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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#HainTaiyaarHum #followus #janpolice #bihar
@BaidyanathdhamT जनशताब्दी ��िश्चित रूप से किफायती और आम यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प होगी। विशेषकर श्रावणी मेला के दौरान भारी यात्री मांग को देखते हुए वंदे भारत अधिक उपयुक्त रहेगी। दोनों ट्रेनों की अपनी-अपनी उपयोगिता है।
देवघर भागलपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की मांग कोई नई नहीं है। ��मय-समय पर इस रूट को लेकर मीडिया में प्रस्ताव और चर्चाएँ सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
श्रावणी मेला, बाबा बैद्यनाथ धाम, विक्रमशिला, भागलपुर तथा पूरे अंग संथाल क्षेत्र के लाखों यात्रियों की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेल को देवघर भागलपुर (या पटना देवघर वाया भागलपुर) वंदे भारत एक्सप्रेस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
@RailMinIndia @AshwiniVaishnaw @DrmAsansol
@EasternRailway #Deoghar #Bhagalpur #bolbam