I would like to convey my sincere appreciation to @AusHCIndia for his proactive gesture in deputing the Agriculture Counsellor Mr.Kiran Karamil for a comprehensive and highly productive meeting with the Government of Jharkhand. The engagement was extremely valuable, and we are grateful for the promptness and thoughtfulness with which this was arranged.
The discussions have opened up promising avenues for collaboration, particularly in the areas of animal husbandry and agricultural development. We are especially keen to explore partnerships with universities as well as other Australian and research and development institutions, with a focus on genetic enhancement of livestock, scientific breeding practices, and capacity building for farmers in Jharkhand. Such collaborations have the potential to significantly strengthen animal productivity, sustainability, and farmer livelihoods in the region.
We are confident that this engagement will serve as a strong foundation for a long-term, sustainable, and mutually beneficial relationship.
@vlwjharkhand@HemantSorenJMM@ShilpiNehaTirki जनसेवक को सभी गैर कृषि विभाग के अधिकारी ऐसे उपयोग करने लगे हैं, जैसे किसी व्यक्ति का अपने घर का कोई काम ही नहीं,और पड़ोस और पड़ोसी की सेवा कराना और ग़लती किसी ने भी की हो जिम्मेदार जनसेवक को बना कर कार्यवाही करना।
"माननीय मंत्री के निर्देश का सरेआम उनल्लंघन"
#vlw_for_Agriculture
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM महोदय, लगता है कि राज्य के अधिकारी अपनी अलग सरकार चला रहे हैं। आपके 2019 और 2024 के मेनिफेस्टो के विपरीत जाते हुए जनसेवकों को गैर कृषि कार्य (खाद्य आपूर्ति)के लिए आज फौरी तौर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्या संज्ञान लिया जाएगा?@ShilpiNehaTirki
क्या सरकारी कर्मी सरकारी सेवा में इसीलिए आता है कि वह वेतन के आभाव में बीमारी का ईलाज नहीं करवा पाने के कारण असमय काल के गाल में समा जाय? संवेदनशीलता का परिचय दे झारखण्ड सरकार और अपेक्षित कार्यवाही हो।
@HemantSorenJMM@aajtak@ShilpiNehaTirki@DainikBhaskar@jharotef
पंचायती राज विभाग द्वारा आज शाम ६ बजे पेसा प्रारूप पुनः प्रकाशित किया गया है । इसे मेरे कार्यकाल में ही तैयार किया गया था और पूर्ण पारदर्शिता से अंतिम रूप दिया गया था
मैंने पेसा क़ानून को ठंडे बस्ते से निकाला था - इस बात से कई विशेष लोगों को तकलीफ़ हुई थी
पेसा प्रारूप की निम्नलिखित विशेष बातें है :
(i) पूर्व में अगस्त 2023 को यह प्रकाशित किया गया था
(ii) कई सुझाव और संशोधन के बाद , प्रारूप को विधि विभाग भेज कर, 2024 मार्च में महाधिवक्ता का मंतव्य प्राप्त किया गया था। लगभग ३०० ग्राम प्रधान ने भी सुझाव दिए थे ।
(iii) यह संशोधित प्रारूप पारदर्शिता के साथ कई लोगों के साथ साझा किया गया , विशेषकर उनके साथ जिन्होंने सुझाव दिए थे । यही संशोधित प्रारूप समाज में प्रचलित है ।
(iv ) किंतु , ऐसा पाया गया की प्रारूप की कुछ धाराओ की लीगल भाषा को ग़लत ढंग से मीडिया में प्रस्तुत किया गया और भ्रम फैलाया गया ।
(v) अतः, पुनः संशोधन करते हुए प्रारूप की भाषा को सरल किया गया , ताकि ग़लत विश्लेषण ना किया जा सके ।
(vi ) पुनः, कार्यशालाओ के माध्यम से , आदिवासी समाज के पारंपरिक सदस्यों के साथ प्रारूप की चर्चा की गई और जरूरत अनुसार भाषा सरल की गई ।
(vii) जागरूकता के लिए की जा रही कार्यशालाओ पर भी कुछ लोगों द्वारा आपत्ति की गई थी , किंतु काम जारी रखा गया था ।
(viii) IPC की संबंधित धाराओ के बदले BNS की धाराओ को जोड़ा गया
(ix) इसे मेरे द्वारा पुनः प्रस्तावित किया गया ।
आज का पुनः प्रकाशित प्रारूप, (iii) में वर्णित पूर्व से प्रचलित संशोधित प्रारूप से भिन्न नहीं है । मेरे द्वारा केवल उसकी भाषा सरल की गई है , ताकि उसका ग़लत विश्लेषण ना किया जा सके ।
कुछ लोगों की माँग थी की आधिकारिक तौर पर संशोधित प्रारूप को साझा किया जाए । अतः आज प्रकाशित किया गया है ।
प्रस्तावित प्रारूप में बाक़ी पेसा राज्यों की तुलना में , ग्राम सभा को सबसे अधिक शक्तियां दिए जाने का प्रस्ताव हैं ।
मैं उन सभी की आभारी हूँ , जिनके सुझाव से यह प्रारूप बन पाया - विशेषकर जमशेदपुर के मांझी परगना महल , गुमला और लोहरदगा के पड़हा और गुमला का ढोकलो सोहर व्यवस्था को मैं आभार व्यक्त करती हूँ 🙏🏽
माननीय कृषि मंत्री @ShilpiNehaTirki महोदय से पूरे राज्य के जनसेवक आशान्वित हैं।सभी को उम्मीद है कि आगामी दिनांक 7 मई को प्रस्तावित कैबिनेट की बैठक में जनसेवक संवर्ग के चीर प्रतीक्षित मांगों पर मोहर लगेगी।
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO