“ये पंजाब है इंडिया नही ”
लड़की चेहरे पर तिरंगा पेंट कराकर गई थी। जब वह स्वर्ण मंदिर पहुंची तो पगड़ी पहने एक कर्मचारी ने उसे ये कह कर रोक दिया कि ये पंजाब है, इंडिया नहीं।
इन्हें सावरकर कैसे समझ सकते है���, सावरकर जी तो वीर भी थे और महान देशभक्त भी।
ये तो उन नेहरू जी के वंशज हैं, जो एक साल कारावास की सजा से भी डर गए थे और सात दिन में ही अंग्रेजों को माफीनामा बांड देकर निकले भागे थे!
फेयर एंड लवली से काली भैंस गोरी हो जाती है
इसका लाइसेंस देने वाला IMA बाबा रामदेव पर उंगली उठा रहा हैं
कोई कुछ भी कहे मगर आजतक आयुर्वेदिक चिकित्सक ने किसी गरीब की किडनी निकाल कर नहीं बेची
#मैं_भी_रामदेव