BREAKING: Bill tabled in Parliament making it mandatory for the President, the Prime Minister, the Chief Justice, and all their near and dear ones to be treated for their medical needs and emergencies only by doctors who obtained -40 marks out of 800 in NEET-PG medical exam.
A person scoring 1/800 in PG entrance has been granted MS in Orthopaedics while those scoring 500+ are denied.
The nation is going to dogs and instead of being ashamed, political jokers are presenting it as an achievement.
No support from Leftists
No Junaid's Bhandara
No youtubers to cover the protest
No Media coverage
No sikh NGO support
Jharkhand Students are still fighting for their rights!!
झारखंड पीजीटी भर्ती परीक्षा में 300 में से 299.175 नंबर लाने वाले एक उम्मीदवार का फिर भी सिलेक्शन नहीं हुआ।
झारखंड सरकार ये बताए कि अगर 299.175 नंबर काफी नहीं हैं, तो सिलेक्शन के लिए क्या करना होगा?
हामिद अंसारी
फ़ारूक़ अब्दुल्ला
और
अब ‘अविमुक्तेश्वरुद्दीन’
(ये शब्द अविमुक्तेश्वरानंद जी ने ही इस्तेमाल किया)
-बीच PODCAST light काटी
-Camera बंद करने की कोशिश
-टीम के mobile छीने
- सहयोगियों ने गालियां दी,धमकाया (सब कैमरा में रिकॉर्ड )
-महाराज जी ने स्वयं मुझे उग्र करने की धमकी दी
-बाहर निकल कर सहयोगियों ने हाथ मरोड़ा और देख लेने की धमकी दी।
लेकिन सारे सवाल TAP किए।
TAP का पहला PODCAST है।
Premiere कल Saturday 7 PM करूँगा।
धन्यवाद 🙏
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ये छोटी सा हिस्सा।
Thank You @AmitShah Ji
दिल्ली को नेपाल बनाने से आपके दबंग अधिकारियों ने रोक लिया।
हमे गर्व है दिल्ली पुलिस के इन अधिकारियों ने जिन्होंने अपने विवेक से जो भी किया वो
सही किया।
@crpfindia के डीजी @gpsinghips को सुनिए।
क्योकि कई कांग्रेसी पालतू पत्रकार दिल्ली के अधिकारियों के पीछे पड़े है।
लेकिन हम ऐसे दबंग अधिकारियों के साथ हर कोई साथ खड़ा है।
Proud of You
@DCPNewDelhi सचिन शर्मा
@DcpNorthDelhi राजा बांठिया 💪🏾
@CPDelhi@HMOIndia@PMOIndia
बता दें:
आरक्षण ना तो किसी का जन्मसिद्ध अधिकार है, ना ही मौलिक अधिकार!
दरअसल आरक्षण अधिकार है ही नहीं!
संविधान कहता है-आरक्षण सिर्फ़ एक विशेष प्रावधान है और इसे देने की इजाज़त है!
यानि इसको दिया जाना ज़रूरी भी नहीं!
सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ किया है कि आरक्षण कोई अधिकार नहीं!
The CJP protest is over, but the fire is spreading. Why is the demand to abolish reservations getting louder now? What is the real story behind the 'Reservation Hatao Andolan'?
What are the real problems faced by students that never found a place at the Jantar Mantar protest?
@RitikaChandola speaks to @Harshdubey9956 on the growing Reservation Hatao Andolan and the debate over reservation in education.
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
यहाँ बच्चा 550+ मार्क्स और top 10k रैंक लाकर भी एक सीट के लिए तरस रहा है, और दूसरी तरफ 4 नंबर और माइनस वाले आराम से सीट उठा रहे हैं!
यह सिर्फ सिस्टम का फेलियर नहीं, बल्कि उन लाखों काबिल और मेहनती बच्चों के सपनों का कत्ल है जो दिन-रात एक करते हैं।
यह लड़का कौन है?
मुझे लगता है यह रिकॉर्डेड कार्यक्रम नहीं है। शायद लाइव ही रहा होगा। तभी ऑन एयर हो गया होगा। वरना ऐसे गुस्सों को कौन चैनल 1.20 मिनट की जगह देता है। कौन चैनल इतना स्पेस दे सकता है?
अगर यह लड़का जंतर-मंतर पर ऐसी बात कर दे तो पक्का भीड़ से पिटकर आएगा। वो भी बुरी तरह। नहीं?