@RajsthaniTweet स्तरहीन लोग बेहूदा बात ही करते है, छद्म रूप से आरोप कोई भी लगा सकते है, लेकिन सच यह है की आरपीएससी की नियत सभी को फेल करने की थी लेकिन ज���जा सहित लगभग 100 पूर्व चयनित फिर से सेलेक्ट हो रहे है।
शायद रद्दी गैंग के लोग पेपर चोरी से पिछली बार परीक्षा में पासिंग मार्क्स ले आए थ��।
@rahul1993dhaka@rao_satyendra पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों(जिनको पेपर चोर घोषित किया जा चुका है) के अलावा जो पासिंग मार्क्स नहीं ला प��� रहे वो सभी पेपर चोर है क्या?
आए पेपर दुबारा करवाने वाले, दुबारा ही तो करवाया है, अब तो बन जाओगे थानेदार🤔
@hemantkumarnews पुनः परीक्षा से लगभग सभी 8 लाख अभ्यर्थियों को न्याय मिल गया है। साथी ही पूर्व में चयनितों के अलावा भी जिन अभ्यर्थियों ने पहले फिजिकल के लिए क्वालीफाई किया था और इस बार नहीं कर पाए तो वो सभी भी आपकी नजरों में ईमानदार न होकर पेपर चोर होंगे।
@Maanzu2900@JATbera1@MAHESHS25878872 पुराने चयनित अभ्यर्थियों के अलावा जो पासिंग मार्क्स नहीं ला पा रहे हैं, क्या उन सभी लोगों ने पेपर खरीदा था? मतलब जो पासिंग मार्क्स नहीं ला पा रहे है वो सभी पेपर चोर है, भले ही वो पिछली बार अंतिम चयन हासिल नहीं कर सके।
#केसरीसिंह_इस्तीफा_दो
Col केसरी सिंह जी का ये वीडियो वायरल हो रहा हैं, हालांकि वीडियो में वो बड़ी शालीनता, सौम्यता के साथ प्रेरणादायक बातें कर रहे हैं। वो अच्छी बात हैं, ऐसे विचारों का हम समान करते हैं।
Col केसरी सिंह जी ने कहा कि विश्नोई समाज पर जो पेपर लीक के आरोप लगते हैं, वो उनसे सहमत नहीं हैं। अच्छी बात हैं लेकिन केसरी सिंह जी जब #SI_भर्ती में विश्नोई समाज पर आरोप लगे थे, आप कहा थे ?????
जब जालोर के एक गांव से 100 थानेदारों की फ़र्जी प्रोपगेंडा फैलाया तब आप कहो थे ?????
क्या आपने कभी भी सेग्रीगेशन की बात कही, क्या आपने अपराधियों को पकड़ने की बात कही।
क्यों ना आप पुलिस को कहते हैं कि सेग्रीगेशन करें ज�� अपराधी हैं उनको #RPSC हैं आजीवन डिबार करेगी।
सफ़ेद पोशाक पहनकर तो अक्सर हमारे देश में नेत���जी झूठ ही बोलते हैं।
सर्व समाज से आग्रह हैं कि ये कार्यक्रम अपनी जातिवादी छवि को ढकने के लिए एक महज PR हैं, आप पहचानो #RPSC में जब तक केसरी सिंह जैसे बहरूपिए बैठे हैं तब तक युवाओ के साथ धोखा होगा।
@BhajanlalBjp @narendramodi RPSC बचाओ केशरी सिंह को भगाओ।
@RajGovOfficial जब अभ्यर्थियों को फेल करने की नियत से ही प्रश्न पत्र तैयार किए जाते है तो फिर सरकार को परीक्षा करवाने की जरूरत क्या है?
क्या सरकार की मंशा सिर्फ आंकड़ो के लिए ही परीक्षा करवाना है?
सरकार की मंशा ���ौकरी देने की ��ै तो राजनीति विज्ञान के पेपर बनाने वालों की जाँच होनी चाहिए।
@8PMnoCM 8 लाख लोगों के साथ न्याय करने का राग अलपाया लेकिन पुनः परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले तो सिर्फ 2 लाख 21 हज़ार के करीब ही है।
चयनित 800 थानेदारों का जीवन बर्बाद कर दिया और उनमें से लगभग 500 चयनितों की पुरानी नौकरी भी छीन ली।
ऐसा ही है न्याय।
@GovindDotasra मेहनत की स्याही से इतिहास लिखते हैं,
हम ख़ामोश रहकर भी अपनी बात लिखते हैं।
आरक्षण की आड़ में जो उँगली उठाते हैं,
उन्हें क्या पता, हम किस हक़ की बात करते हैं।
@Rohit_saran_@CharanSubhash18@kodaratnoo "जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" के सिद्धांत के तहत जब तक ओबीसी वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा, तब तक यह विषमता दूर नहीं हो सकती। आबादी के अनुपात में आरक्षण लागू होने से ही ओबीसी समाज को उनका वास्तविक अधिकार मिलेगा।
@TheLallantop चप्पल-दाढ़ी में घूमते ये कैसे रखवाले हैं..
न वर्दी, न पहचान, बस लाठी का गुरूर।
निहत्थे बच्चों पर जो ज़ुल्म ढाये,
और खुद को ही कानून का बाप बताये।।
आओ मिलकर पूछें उनसे, जो सत्ता के नशे में चूर हुए
क्या कानून के हाथ भी अब, इतने लाचार और मजबूर हुए?
कल 4 जुलाई को प्रधानमंत्री के दौरे की आड़ में जिला मुख्यालयों पर युवाओं को जुटाकर जॉइनिंग लेटर बांटने का जो भद्दा तमाशा रचा जा रहा है, वह युवाओं के स्वाभिमान पर चोट है।
जिला प्रशासन को लक्ष्य देकर भीड़ इकट्ठी करना, उनके आने, जाने और खाने के लिए सरकारी धन का दुरुपयोग कर राजनीति करना अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजस्थान की भाजपा सरकार कान खोलकर सुन ले- आप युवाओं को नौकरी देकर कोई 'एहसान' नहीं कर रहे हैं। इन युवाओं ने दिन-रात मेहनत करके कंप्टीशन पास कर अपना हक प्राप्त किया है। हमारी सरकार ने भी रिकॉर्ड लाखों नौकरियां दीं, लेकिन अपनी पीठ थपथपाने के लिए कभी युवाओं का ऐसा राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया।
शर्मनाक बात यह है कि प्रदेश में भर्तियां समय पर पूरी नहीं हो रहीं, जो कैलेंडर जारी किए गए उनके अनुरूप परीक्षाएं नहीं हो रही हैं, लेकिन वीआईपी दौरों के नाम पर इनके नौटंकीनुमा इवेंट एकदम समय पर हो जाते हैं। वाहवाही लूटने के लिए मंच से फोटो खिंचवाकर लेटर तो बांट दि�� जाते हैं, पर वास्तविक जॉइनिंग के लिए युवा महीनों दर-दर भटकते रहते हैं।
पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार से लेकर वर्तमान भाजपा सरकार तक, भाजपा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सर्कस और सरकारी सिस्टम को मजाक बनाकर रख दिया है। राजस्थान का युवा इस झांसा तंत्र को देख रहा है और वक्त आने पर इस एहसान जताने के अपमान का करारा जवाब देगा।
@SARITA_BISHNOI2 वैसे अब तो स्कूल व्याख्याता भर्ती में पोलिटिकल साइंस और अन्य सब्जेक्ट्स, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर आदि भर्तियों में योग्य अभ्यर्थी मिलते ही नहीं है, सारी की सारी सीटें ख़ाली रह रही है… ज़रा खुलकर बताए क्या ख्याल है?