“ये दे देना मादर*$*द CJI को…” ये बोल कर लखनऊ के प्रबल प्रताप सिंह नाम के याचिकाकर्ता ने अपने केस के कागज़ात सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के डायस पर बैठे न्यायाधीशों की तरफ उछाल दिए। इसके पहले उसने सुप्रीम कोर्ट के जजों को "मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट" कहकर संबोधित किया और कहा कि "मैं आपको आदेश देता हूं..." कहा जा रहा है कि “तारीख पर तारीख़” यानि सालों साल चलने वाली उबाऊ, झेलाऊ, पकाऊ, खर्चाऊ व्यवस्था से प्रबल प्रताप सिंह इस कदर परेशान हो गया कि उसने सुप्रीम कोर्ट में अपना आपा खो दिया। सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ कर कोर्ट रूम से बाहर कर दिया। गौरतलब है कि दोनों जजों ने इस व्यवहार पर कड़ी नाराज़गी तो जताई, लेकिन सुहानुभूति दिखाते हुए Contempt of Court की कार्यवाही शुरू नहीं की और विचाराधीन याचिका को खारिज कर दिया।
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इजरायली तर्क
"हमारी जाति मास्टर जाति है। हम इस ग्रह के देवता हैं। हम निचली जातियों से अलग हैं। वे कीड़े-मकौड़ों की तरह हैं।"
~ मेनाचेम बेगिन (1977-1983), इज़राइल के छठे प्रधान मंत्री
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नकली बीमारी का डर फैलाया गया, असली जहर 💉💉💉 देने के लिए।
अगर आपने 💉💉💉 नहीं लिया है, तो आप इस धरती के बहुमूल्य प्राणी हैं। कुदरत आपसे बहुत कुछ बड़ा करवाना चाहती है।