With the clean chit given to the late Manmohan Singh ji, the great economist and humble Prime Minister, it has now been proven that all the allegations leveled against the Congress party before 2014 were fabricated propaganda, amplified with the help of India's media, and used to remove one of the best governments.
The country is now suffering the consequences.
भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत ही घिनौना काम किया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट ने जो ख़ुलासा किया है उसके मुताबिक उन्होंने महापाप किया है, भारत को विश्व भर में बदनाम किया है।
मोदी बार-बार कहते हैं कि भारत बुद्ध और गाँधी का देश है। अहिंसा, शांति और करुणा की भूमि। वे दावा करते हैं कि भारत फिलिस्तीनियों के साथ खड़ा है, दो-राज्य समाधान का समर्थन करता है।
लेकिन अम्नेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट एक पूरी तरह अलग तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट कहती है कि गाजा युद्ध के दौरान भारत इज़राइल को बड़े पैमाने पर हथियारों के पुर्जे, गोला-बारूद के कंपोनेंट्स और सैन्य उपकरण भेज रहा है।
और ये ऐसे समय में किया जा रहा है जब एम्नेस्टी और कई अन्य संगठन इज़राइल पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ “नरसंहार” का आरोप लगा रहे हैं।
अम्नेस्टी इंटरनेशनल ने 29-30 जुलाई को अपनी रिपोर्ट “Made in India: The Supply of Weapons and Ammunition to Israel” जारी की है।
रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से 30 नवंबर 2025 तक भारत से इज़राइल को 2,596 शिपमेंट भेजे गए। इनमें शामिल हैं:
3 लाख 90 हजार से ज्यादा सैन्य-ग्रेड छोटे हथियारों के पुर्जे
5 लाख 64 हजार से ज्यादा विस्फोटक गोला-बारूद के कंपोनेंट्स (ड्रोन वारहेड, आर्टिलरी शेल केसिंग आदि),
और 298 सैन्य वाहनों के पुर्जे।
ये सामान मुख्य रूप से इज़राइली कंपनियों – Elbit Systems, Rafael और Israel Aerospace Industries – को भेजे गए, जो सीधे इज़राइली सेना को सप्लाई करती हैं।
कुछ खास घटनाएँ भी सामने आईं हैं।
मई 2024 में स्पेन के पोर्ट पर एक जहाज रोका गया जिसमें चेन्नई से भेजे गए 20 टन रॉकेट इंजन और विस्फोटक थे। जून 2024 में गाजा के एक स्कूल पर हमले के मलबे में “Made in India” के निशान वाले टुकड़े मिले।
रिपोर्ट में सरकारी कंपनियाँ जैसे Munitions India Limited और निजी कंपनियाँ जैसे Premier Explosives, Kalyani, Adani-इज़राइल जॉइंट वेंचर आदि का नाम लिया गया है।
अम्नेस्टी का आरोप है कि यूरोप के कई देशों ने गाजा युद्ध के बाद हथियार निर्यात रोक दिए और ऐसे समय भारत ने भारत ने इस्राइल की मदद की।
ध्यान रहे कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के ख़िलाफ़ पेश के गए कई प्रस्तावों पर अनुपस्थिति दर्ज की है। प्रधानमंत्री मोदी ने नेतन्याहू को “प्रिय मित्र” कहा है। नवंबर 2025 में दोनों देशों ने नया रक्षा सहयोग समझौता भी किया।
यहाँ बड़ा सवाल उठता है। जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि भारत गाँधी और बुद्ध का देश है, फिलिस्तीनियों के दर्द को समझता है, तो फिर क्यों ऐसी आपूर्ति जारी रखी जा रही है, जिसका सीधा संबंध फिलिस्तीनियों के नरसंहार से जुड़ता है।
एक तरफ मानवाधिकार संगठन कहते हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने नरसंहार रोकने के अस्थायी आदेश दिए हैं, और गाजा में हजारों नागरिक मारे जा चुके हैं, तब हथियारों के पुर्जे भेजना नैतिक और कानूनी दोनों रूप से ग़लत है।
कुल मिलाकर सच्चाई यह है कि मोदी सरकार ने इज़राइल को खुलेआम हथियार निर्यात कर रही है। पाखंड ये है कि इसी के साथ वह फिलिस्तीन के लिए मानवीय सहायता और दो-राज्य समाधान की बात भी करती है।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा भले ही आज दिया लेकिन हम दो साल पहले से उनकी और मोदी सरकार के निकम्मे मंत्रियों की पोल खोल रहे हैं। बीजेपी नेताओं को अपने शत्रुओं के तुष्टीकरण की बीमारी है जो भारी पड़ रही है। देखें पूरा वीडियो: https://t.co/s9qWbzqFQf
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कल पौदी जी के लाइव विडियो पर एक रीलबाज भौपाली को कमेंट्स में रील बनाने के टिप्स दे रहा था.... 🫵😂🫵
कि पौदी जी अपने थौबडे़ को मोबाइल से थौडा़ दुर किजये... आपकी शक्ल सुवर जैसी लग रही है... 🫵🫣🫵🫣🫵😂🫵😀🫵😂🫵
मुकेश डांगी
जेन ज़ी मदर के तजुर्बे से सीखिये मोदी कुछ.
ये जंतर मंतर से बिना इस्तीफ़ा लिये जायेंगे नहीं. इन पर हिंदू मुसलमान, गोदी मीडिया का कुछ असर नहीं पड़ने वाला.
वहां खड़े पुलिसवालों से पूछिये, लाठीचार्ज के बाद अब उनका ये क्या हाल कर रहे हैं 😀