प्रियंका वाड्रा जी ने जब बोलना शुरू किया तो मुझे लगा संदेवनशील हैं, लेकिन जिस तरह से गौमूत्र कहकर हंस पड़ीं, उससे स्पष्ट समझ आया कि, उन्हें छात्रों या पेपर लीक से कोई मतलब ही नहीं है। IIT Madras के निदेशक वी कामकोटी जैसे विद्वान व्यक्ति पर ऐसी टिप्पणी करते हिन्दू प्रतीकों का हास्य करके प्रियंका जी ने पुन: स्थापित किया कि, कांग्रेस पार्टी कैसे सोचती है। दुर्भाग्यपूर्ण
"आपके पूरे परिवार की डिग्री मिला ले तो भी इनके बराबर नहीं हो पाएंगे"
"गौमूत्र का उपहास उड़ा रहे है...राहुल और प्रियंका गांधी एक ही वनस्पति पर है, और एक ही गौमूत्र इनका दिमाग ठीक करेगा"
This is Absolutely Brutal From Anurag Thakur 🔥🔥
Took Pappu & Pinki to cleaners
भाजपा से अब एक ऐसी लीडरशिप भी TV सोशल
सोशल मीडिया आदि पर दिखनी चाहिए जो युवाओ की भाषा में उसे और अधिक कन्विंस कर सकती हो।
राजनीति के पुराने ट्रेडिशनल तरीके आउटडेटेड होते जा रहे है और आगे और भी होंगे।
अनुराग ठाकुर जैसे नेता उस श्रेणी में आते है जो सांसद में भी इंपैक्टफ़ुल है और मीडिया में भी।
What a brutal exposé of the Opposition’s dirty politics by MP @Tejasvi_Surya ! Their hypocrisy, lies and fake narratives have been torn apart in just one video. Watch and share
युवराज अखिलेश यादव और राज मंत्री धर्मेंद्र यादव संसद से बाहर आ रहे है-
बारिश में छाता लगाने के लिए एक एक आदमी रखा हुआ है।
यही कोई भाजपा नेता कर देता तो आदमी के चोचन में ये दोनों उसका इस्तीफ़ा माँग रहे होते।
मीडिया के ख़िलाफ़ फैलाई नफ़रत में ख़ुद ही फँसते हुए देख कर दुख हुआ।
वो तो शुक्र है मास्क वाले ‘सिपाहियों’ का कि कुछ अनहोनी नहीं हुई।
वो कौन सा दोहा है?
करता था सो क्यों किया, अब करि क्यों पछताय।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
कहाँ गया वो नफ़रती कीड़ा जिसकी देन है ये नफ़रत? उसने अजीत जी का कुशल मंगल जाना के नहीं?
आज धर्मेंद्र का इस्तीफा करवा कर उपद्रवी भीड़ के मुखिया बेशक बार में डांस कर रहे हों |
पर ध्यान रखना इस पार्टी का नाम भाजपा है - कही ऐसा ना धर्मेंद्र प्रधान को उस स्थान पर बिठा दे | 😡
जहां से तुम्हारी विदेशी फंडिंग और बिरयानी के खर्चे की सारी लिस्ट अखबारों में छपवादे और दुनिया के सामने तुम्हे नंगा कर दे |
देश में शायद पहला इस्तीफ़ा होगा जो बिना किसी भ्रष्टाचार के एक आरोप के हुआ होगा।
और ये बात पूरे NDA को पता है।
आज संसद पहुँचने पर धर्मेंद्र प्रधान के आस पास का माहौल यही बता रहा है।