त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्।
त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम्॥
बिल्वपत्र के तीन दल भगवान शिव के त्रिनेत्र, त्रिशूल तथा सत्त्व, रज और तम के प्रतीक हैं। श्रद्धा और शुद्ध भाव से अर्पित एक बिल्वपत्र भी तीन जन्मों के संचित पापों के क्षय का कारण माना गया है।
ॐ नमः शिवाय, हर हर महादेव🧘