मुल्ले शवों के साथ भी रेप करते थे। पाकिस्तान में आज भी वही हो रहा है। इसलिए हिन्दू स्त्रियाँ जौहर करती थीं। किसी दो कौड़ी की मुल्ला प्रेमी, करियर में फुँक चुकी लौंडी के लिए यह समझना कठिन हो सकता है क्योंकि उसके लिए उसकी ‘पुसी फॉर अ रेंट’ ही जीवन का सत्य है।
ऐसी लौंडियाँ सेक्स को स्वतंत्रता मानती हैं, जितनों के साथ सेक्स, उतनी अधिक स्वतंत्र। हर स्त्री ऐसा नहीं मानती। उनके लिए अरब के बाजारों में सेक्स स्लेव बनना उतना अडवेंचरस और फुलफुलिंग नहीं दिखा होगा, जितना आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझती, भैया कह कर सैंया बनाने वाली के लिए दिखता हो।
तुम नंगी हो कर एम्सटर्डम के बाजारों के शीशे में नाचों, तुम्हारी मुटल्ली देह भी किसी को पसंद आ जाएगी। हाँ, किसी योनि-केन्द्रित लौंडिया का नारीवाद यह तय नहीं करेगा कि दूसरी स्त्रियाँ रंडी बन कर ही घूमें क्योंकि तुम्हें रंडीपना बहुत पसंद है।
यह पोस्ट मैंने बहुत माइल्ड लिखा है। हिन्दू नारियों पर ऐसे आक्षेप का उत्तर मैं और भी अच्छी शब्दावली के साथ दे सकता हूँ।
@KraantiKumar पढ़ाई लिखाई करी होती तो पता होता कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।NCERT की किताबों से कूड़ा ही पढ़ा।एकलव्य महाभारत के युद्ध में द्रोणाचार्य के साथ कौरवों का एक सेनापति भी था।
कब तक Telecom कपानियों की जनता से मनमानी लूट जारी रहेगी?
क्यों हर टेलीकॉम कंपनी जबरदस्ती डेटा पैक थोप रही है, जबकि करोड़ों गरीब लोगों को उसकी जरूरत ही नहीं?
👉 सिर्फ कॉल करने वालों के लिए सस्ता वॉयस प्लान क्यों नहीं है?
👉 30 दिन का न्यूनतम रिचार्ज प्लान सभी कंपनियों पर लागू क्यों नहीं किया जाता?
👉 क्या सरकार जानबूझकर चुप है क्योंकि इन कंपनियों से भारी चंदा आता है?
👉 TRAI और दूरसंचार मंत्रालय आखिर कर क्या रहे हैं — क्या उन्हें नहीं दिखता कि ये “मोनोपॉली” बन चुकी है?
👉 जो लोग सिर्फ कॉल करना चाहते हैं, उनसे हर महीने 200–300 रुपए वसूलना क्या लूट नहीं है?
👉 क्या अब मोबाइल रखना भी अमीरों का हक़ बन जाएगा?
जनता पूछ रही है — जब डेटा नहीं चाहिए तो डेटा के नाम पर मजबूरी क्यों?
सरकार जवाब दे, ये कंपनियां नहीं — पब्लिक प्रॉब्लम बन चुकी हैं।
नई दिल्ली स्टेशन पर हुई भगदड़ के समाचार आए, फिर आधिकारिक रूप से कहा गया ऐसा कुछ नहीं हुआ, फिर समाचार आए कि 15 व्यक्ति, जिसमें बच्चे भी हैं, मृत पाए गए हैं।
कारण? वही पुराना वाला- प्लेटफ़ॉर्म परिवर्तन की घोषणा। छठ के समय लोग ऐसे में मरते रहे हैं। ऐसे कौन कर्मचारी हैं जो भीड़ के दिनों में प्लेटफ़ॉर्म क्या रहेगा, तय नहीं कर पाते और अंतिम समय में बताते हैं कि ट्रेन 12 की जगह किसी और प्लेटफ़ॉर्म पर आ रही है?
क्या आपने सुना है कि इनके ऊपर हत्या का केस चलता है? क्या आपने कभी भी देखा है कि आम जनता तीन दिनों तक ऐसी किसी भी दुर्घटना पर मृत्युदंड माँगती है? नहीं माँगती क्योंकि इसमें वो मजा नहीं है जो समय रैना या अलाहबादिया वाले केस में है।
यह समाचार यह बताता है कि हमारी प्राथमिकताएँ क्या हैं और हम कैसे विकृत हो चुके हैं। हमारे लिए रेलवे कर्मचारियों की हत्यारन त्रुटियाँ एक दिन का आउटरेज हैं, जबकि टिकट खरीद कर गाली सुनने जाने वालों का सर माँगना पाँच दिन से चल रहा है।
रेलवे ने ट्रेन चलाई, विशेष गाड़ियों की व्यवस्था की और फिर कर्मचारी को लगा कि प्लेटफ़ॉर्म तो सही नहीं है, बदल देते हैं। वो कमरे में बैठा माइक पर घोषणा करा देता है। क्या उसे पता नहीं कि प्रयागराज जाने को उद्यत भीड़ यह सुनेगी तो क्या होगा?
यदि रेलवे कर्मचारियों को यह बात पता नहीं है, तो उन्हें नौकरी से निकाल देना चाहिए। यदि पता है, तो उन्होंने प्लेटफ़ॉर्म बदला क्यों? भारतीय जीवन इतना सस्ता है कि कमरे में बैठ कर कुछ भी बोल दिया जाए?
@AshwiniVaishnaw जी, यह सामूहिक हत्या है और ऐसे कर्मचारियों को मृत्युदंड ही मिलना चाहिए। सदैव ही भीड़ का दोष नहीं होता। आप अपने राष्ट्र की भीड़ का व्यवहार नहीं समझ पा रहे, वह भी रेलवे की ही गलती है।
यह नरसंहार सदृश दुर्घटना है। ‘भगदड़’ वह होती है जब भीड़ जहाँ है, वहाँ किसी कारण से अराजकता फैलने से लोग भागने लगते हैं। यह वह अराजक कृत्य @RailMinIndia के कर्मचारियों द्वारा किया गया है। यदि सरकार ही भगदड़ मचाने का कार्य करे, तो वह भगदड़ नहीं, हत्याकांड ही है।
संभव है कि सुबह के आउटरेज के बाद, दोपहर तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के नामों पर चर्चा के साथ यह समाचार लुप्त हो जाएगा। चूँकि आज यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना घटी है, तो सीएम का नाम भले ही सोमवार को आता, अब रविवार को ही आ जाएगा।
मौलाना अरशद मदनी की हिम्मत को सलाम। आज उन्होंने जो कुछ कहा उसका एक एक हर्फ सच और हकीकत पर अधारित है और यह भाषण इतिहास के पन्नों में हमेशा दर्ज रहेगा। उन लोगों को भाषण में से 10 मिनट्स की यह क्लिप एक बार फिर सुनना चाहिए जिसमें वह विवाद तलाश कर रहे हैं।
ये है राम नाम ही महिमा
अद्भुत, अविश्वसनीय व अकल्पनीय दृश्य !
100008 बार प्रभु श्री राम का नाम लिखकर यह चित्र बनाया गया है।
जय सियाराम ,जय बागेश्वर धाम 🚩🙏
https://t.co/Cql4WGvwAk रसायन
@JVVNLCCare कल रात 16 अगस्त को 7 बजे कंप्लेंट की थी, पूरी कॉलोनी की लाइट आ रही है, मुझे छोड़ कर, अभी तक भी कोई रिप्लाई नहीं है, k no 210473055775, घर में वृद्ध लोग है, पीने का भी पानी कैसे भरें। स्नान और शौचालय में भी समस्या हो गई है
@JVVNLCCare worst service, i logged my complaint since yesterday and yet not get any response from company and staff. It's been 24 hours and we are in dark from past day.
She is "Aadi Swaroopa" from Mangalore. She can write in 11 different style. BOTH PARTS of her BRAIN functions at the SAME TIME, one in a million. Awesome !
This skill is known as AMBIDEXTERITY.