#ओशो_आश्रम_भारत_की_धरोहर
अतीत में पश्चिमी आक्रांताओं नेहमारे मिस्ट्रीस्कूलों को नष्ट किया उसीतरह कुछ आक्रांता ओशोआश्रम को नष्ट करनाचाहते हैं
निवेदन है @narendramodi सरकार ओशोआश्रम, पुणे को राष्ट्रीयधरोहर घोषित करे और उसका प्रबंधन रामजन्म भूमि ट्रस्ट जैसा एक ट्रस्ट बनाकर उसे सौंपे
🥀आनंद-गीता☘️
चुकता जाता है तेल, और
जलती जाती तन की बाती।
रह जाती तब भी रात बहुत,
जिन्दगी न खुद को पढ़ पाती।
इसके पहले कि दीप बुझे,
खुद की किताब पढ़ ले पगले।
स्वाध्यायं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता☘️
जो ढूंढ रहे हैं ईश्वर को,
वे भक्त नहीं हैं, लोभी हैं।
खुद से मिलने को जो आतुर,
वे ही मुमुक्षु हैं, योगी हैं।
छोड़ो जीना जीवन उधार,
'मैं कौन हूं' पूछो बार - बार।
जिज्ञासा शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता☘️
जो उलझे लहरों को गिनने में,
तट पर ही रह जाते हैं।
कुछ थोड़े से हिम्मतवाले,
भव सागर को तर जाते हैं।
अब तोड़ो जग का मोह भरम,
मत कल पर डालो ध्यान - धरम।
अथ धर्मं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता ☘️
साधुता न पथ है वणिकों का,
यह मार्ग तपस्वी - मुनियों का।
जिसका रस लाभ कमाने में,
उसका कल्याण न आने में।
है धर्म जिन्दगी की बाजी,
आए जो मिटने को राजी।
निर्वाणं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता☘️
हीरा किलो के भाव नहीं,
विक्रय होता बाजारों में।
बैताल बजाता हुक्म नहीं,
राजाओं के दरबारों में।
विक्रम के कंधे पर शोभित,
अथवा तरु पर उल्टा लंबित।
नर - रत्नं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता☘️
ज्ञानी होने का दंभ जिसे,
वह महामूढ़ अज्ञानी है।
सागर जैसा है ज्ञान, और
खोजी सरिता का पानी है।
सागर जिस दिन पा जाती है,
सरिता उस दिन मिट जाती है।
अज्ञेयं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता🥀
कुछ तो उजियाला होगा ही,
माना घनघोर अंधेरा है।
चाहे लंबी हो रात बहुत,
होता अंततः सवेरा है।
इसलिए न तुम हिम्मत हारो,
कुछ नहीं तो खुद दीपक बारो।
अथ ज्योतिं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia
🥀आनंद-गीता🥀
कितनी सुन्दर है सृष्टि, और
कितना कुछ पाने को जग में।
तुम पत्थर चुनते रहते हो,
हीरा अनदेखा कर पथ में।
हीरा - पत्थर का भेद जान,
ढाई आखर का वेद जान।
अथ वेदं शरणं गच्छामि,
भज #ओशो शरणं गच्छामि।।
-सद्गुरु
@SiddharthAulia