एक दिन क्लास में मास्टर जी ने एक बच्चे से पूछा
लाल बहादुर शास्त्री के बारे में बताओ।
बच्चा बोला
नहीं सर, मै महात्मा गांधी नहीं जानता हैं…
मास्टर जी: अरे बुद्धू! तो नेहरू के बारे में बता!
बच्चा : “नहीं सर, वो भी नहीं… और लाला लाजपत राय के बारे मे पता होगा !” 😵
मास्टर जी गुस्से में बोले
सारा दिन घर में बैठे रहते हो, कभी बाहर निकला करो… तभी तो दुनिया के बारे में पता लगेगा!”
बच्चा चुप… पूरी क्लास हँस रही 😂
थोड़ी देर बाद बच्चा बोला
सर, एक बात पूछूँ?
मास्टर जी: हाँ पूछो।
बच्चा: आप झालमुड़ी को जानते हो क्या होती है ?
मास्टर जी: नहीं!
बच्चा बोला
तो सर… आप भी सारा दिन स्कूल में ही रहते हो… कभी गोदी मीडिया भी देखा करो तभी तो पता लगेगा!🤣🤣
कपड़े पर हिन्दुओं के लिए टैक्स - 5 %
कपड़े पर मुसलमानो के लिए टैक्स - 5 %
स्टेशनरी पर हिन्दुओं के लिए टैक्स - 12 %
स्टेशनरी पर मुसलमानो के लिए टैक्स - 12 %
मोबाइल पर हिन्दुओं के लिए टैक्स - 18 %
मोबाइल पर मुसलमानो के लिए टैक्स - 18 %
फ़ोन रिचार्ज पर हिन्दुओं के लिए टैक्स - 18 %
फ़ोन रिचार्ज पर मुसलमानो के लिए - 18 %
गैस सिलेंडर हिंदूओं के लिए - 1000/-
गैस सिलेंडर मुसलमानो के लिए - 1000/-
सीमेंट पर टैक्स हिन्दुओं के लिए - 18 %
सीमेंट पर टैक्स मुसलमानो के लिए - 18 %
बाकी ज़ब सरकार टैक्स और महंगाई थोपने में कोई भेदभाव नहीं करती है किसी भी चीज पर,
तो तुम लोग क्यों आपस में भेदभाव क्यों करते हो?? मिलकर रहो ना यार, क्या दिक्कत है.
कुछ गलत तो नहीं कहा मैंने??
सुप्रभात राजस्थान पुलिस
उठ गए हो तो राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के चरित्र पर ओछी टिप्पणी करके अपमान करने वाली इस बद्दतमीज कार्यवाही भी कर दो।
@PoliceRajasthan या इसे संरक्षण दे रखा है तो हमें बता दो।
आजादी के महानायकों के अपमान पर कैसे चुप रह सकते हो ?
रोटी हर मज़हब के फासले को मिटा देती है.
कुछ ऐसा ही इस food ब्लॉगर के साथ हुआ
ब्लॉगर - अंकल जी खाना खा रहे हो?
अंकल - आओ, तुमने भी खाना है क्या
ब्लॉगर - अंकल जी खाना तो है, लेकिन एक प्रॉब्लम है, मैं मुस्लिम हूं... आपको कोई दिक्कत तो नहीं?
अंकल - इंसान तो हो ना? ये हिन्दू मुस्लिम सब इंसान के तो बनाये हैँ, ऊपर से थोड़ा ना बने हैँ
ब्लॉगर - लेकिन अंकल जी आपका खाना जूठा हो जायेगा फिर
अंकल - अरे नहीं, इंसान के दूसरे इंसान की चीज इस्तेमाल करने से वो अपवित्र थोड़ा हो जायेगा, आओ खाना खाओ.
इस अंकल जी की बातों से ये तो साफ हो गया
कि ये देश इंसानियत प्रेम और भाईचारे से चलेगा, आरएसएस बीजेपी की फैलाई नफ़रत से नहीं..
आपके साथ हुआ है कभी ऐसा? या आपके मन में तो नहीं ऐसा कुछ भेदभाव?
“मैं नेपाल की निंदा करता हूँ!
सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि हर भारतीय को नेपाल की निंदा करनी चाहिए!
सरकार को तुरंत नेपाल को कड़ी चेतावनी देनी चाहिए और ऐसे व्यवहार की सख्त आलोचना करनी चाहिए. जरूरत पड़े तो सेना को भी तैयार रहने के लिए कहा जाना चाहिए!
कर्नाटक का एक 35 साल का रैपर, जो स्ट्रक्चरल इंजीनियर बना, उसे आप काठमांडू का मेयर बना देते हैं और अब नेपाल का प्रधानमंत्री!
नेपाल, तुम कुछ भी कर देते हो! पिछले साल तुमने उस Gen Z ग्रुप को लाकर सरकार ही पलट दी.
नेपाल, तुम ऐसा क्यों करते हो?
तुम्हारी हरकतें हम भारतीयों को बहुत परेशान करती हैं; वाकई बहुत ज्यादा. हम नजरअंदाज करने की कोशिश करते हैं, लेकिन तुम हर दिन कुछ नया कर देते हो!
वो बालन शाह, जिसे बालेंद्र शाह भी कहा जाता है, नेपाल में एक नई सुबह लाने की कोशिश कर रहा है. वह लोगों से घुलता-मिलता है, काले चश्मे पहनता है, सेल्फी क्लिक करता है. अपनी पत्नी और बेटी को अपने साथ लेकर सम्मान और पहचान भी देता है!
वह प्राइवेट स्कूल और कॉलेज बंद कर रहा है, VIP कल्चर खत्म कर रहा है, और मंत्रियों को आम नागरिकों की तरह व्यवहार करना सिखा रहा है. वह पूरी तरह से युवा कैबिनेट बना रहा है.
ये क्या हो रहा है! क्या तुमने कभी सोचा है कि इसका तुम्हारे पड़ोसी भारत पर क्या असर पड़ेगा?
हमारे देश में राजनीति बुजुर्गों के दम पर चलती है. हम उसी पुरानी पीढ़ी को सत्ता में बनाए रखते हैं. वे अपने तंत्र को इसलिए सहजता से चलाते हैं क्योंकि वे युवाओं के दिमाग में नए विचारों को प्रवेश नहीं करने देते.
लेकिन तुम नेपाली लोगों ने पूरी तरह से पुरानी पीढ़ी, के.पी. शर्मा ओली, प्रचंड, शेर बहादुर देउबा को किनारे कर दिया है और अब नई, युवा, शिक्षित और विशेषज्ञ लोगों को कैबिनेट में ला रहे हो ! तुमने तो एक सरकारी अस्पताल में नर्स रही लड़की को देश का स्वास्थ्य मंत्री तक बना दिया.
कम से कम थोड़ा तो सोचो. मान लिया हमारे नेता मोटी चमड़ी वाले हैं. लेकिन अगर कल भारत के युवा मोबाइल से नजर उठाकर बगावत पर उतर आए तो हम क्या करेंगे?
जो नेपाली यहाँ रात में गश्त करते थे और “सलाम साब” कहते थे, वे अब इतनी बड़ी बौद्धिक क्रांति से गुजर चुके हैं.
हम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.”🎯
— प्रशांत बोराडे
#MindfulMonday
आदमी - आप तो आईटी सेल में काम करते थे ना, मोटा पैसा मिलता होगा?
भिखारी - अरे कहां, 1 रूपया ट्वीट देते थे बस.
आदमी - ये जो चुनाव का मेनिफेस्टो होता है, उसमें तो आप लोगों का बड़ा रोल होता होगा?
भिखारी - हाँ, मेनिफेस्टो हम ही डिसाइड करते हैँ, सर्वे कराकर
आदमी - कैसा सर्व कराते हैँ आप लोग?
भिखारी - यही कि कहाँ कहाँ दारू पहुंचाना है, कहाँ कहाँ पैसा पहुंचाना है
आदमी - लेकिन मेनिफेस्टो में तो दारू और पैसे की बात नहीं होती?
भिखारी - मेनिफेस्टो में नहीं होती, क्या है डायरेक्ट नहीं पैसा दे सकते ना, इसके लिए स्कीम निकाली जाती है
आदमी - लेकिन दारू बंटवाना तो गलत है ना?
भिखारी - अरे बहुत जरुरी है ये. नहीं तो लोग गांजा फूक कर सही जगह वोट डाल आते हैँ, फिर ईवीएम ठीक करवाना पड़ता है.
व्यंग्य के लिए बनाई गयी ये बातचीत आज की राजनीती पर गहरा कटाक्ष करती है
कैसे दुबे जी का लड़का 300 रूपये की दारू और 1000 रूपये वोट के लेकर अपना भविष्य नेताओं को बेच देता है
कैसे बीजेपी आईटी सेल काम करता है
लोगों का दिमाग़ घुमाने के लिए.
वीडियो देखकर और भी मज़ा आएगा.
बाबाजी @AchryConfucious फिजीशियन के यहां हेल्थ चेकअप करवाने पहुंचे।
नम्बर आया तो डॉक्टर ने अन्दर बुलवाया। फिर प्रोफेशनल अंदाज में सवाल किया- हाँ बताइये! क्या समस्या है?
डॉ साब, कई दिन से तबियत कुछ ठीक नही रहती है।
भूख लगती है?
भूख तो लगती है डॉ साब क्योंकि खुद ही Liv 52 लेनी शुरू की है।
फीवर वगैरह तो नही रहता?'
बुखार.... परसों थोड़ा बुखार था जरूर लेकिन 650 mg Tab DOLO ली थी तो... उतर गया!
अच्छा। ब्लड टेस्ट लिख देता हूँ, करवा लीजिये!
होल बॉडी चेकअप खुद ही करवाये हैं सोमवार को.... हीमोग्लोबिन 12 से थोड़ा कम निकला है... आयरन की गोली ले रहे हैं।
अच्छा! वायरल वगैरह तो नही हुआ इस बीच?
हुआ था पिछले महीने। 5 दिन Azithromycin 500 mg लिए, ठीक हो गया।
गले में खराश वगैरह है क्या अभी? जीभ निकालिये!
आsss (जीभ निकालकर) ... खराश थी लेकिन Montair LC ले लिए तीन दिन, सही हो गयी।
डॉ- "अच्छा" (टार्च बन्द कर के)- "थोड़ा टहला कीजिये।"
"रोज सुबह तीन किमी की मॉर्निंग वॉक करते हैं।
फिर लौटकर आधे घण्टे योग-प्राणायाम, तत्पश्चात दलिया, स्प्राउट का हल्का नाश्ता करते हैं।
लन्च में तीन चपाती और दाल, शाम में हल्का स्नैक और रात में दो रोटी और दही या हरी सब्जी।"
फिर डॉक्टर ने स्टेथस्कोप उठाया तो बाबाजी बोले- "चेकअप कर रहे हैं क्या? क्या दिक्कत है डाक साब??"
डॉक्टर-
आप तो अपना stethoscope वगैरह लाये नही होंगे..... लेकिन अनुभव है आपको! थोड़ा मेरा चेकअप कर दवा लिख दीजिए आज सीने में बहुत दर्द हो रहा है, बड़ी मेहरबानी होगी!"😀😀🤓🤓
😂😂😂😂
शहर के सबसे बड़े सभागार में ऐतिहासिक आयोजन था मूर्खता का महासम्मेलन
प्रवेश द्वार पर बैनर टंगा था सोचने वालों का प्रवेश वर्जित
अंदर कदम रखते ही माहौल बता रहा था कि यह कोई साधारण सम्मेलन नहीं है। यहाँ तर्क की जगह तालियाँ थीं, सवालों की जगह नारे थे, और समझदारी को देशद्रोही गतिविधि घोषित कर दिया गया था।
सम्मेलन का उद्घाटन दीप जलाकर नहीं, दिमाग बुझाकर किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा
मित्रों! आज हम गर्व से कह सकते हैं कि हमने तथ्यों को पूरी तरह पराजित कर दिया है। अब केवल भावना ही राष्ट्रहित तय करेगी।
तालियाँ इतनी ज़ोरदार थीं कि कुछ लोगों की आख़िरी बची समझ भी गिरकर वहीं मर गई।
वक्ता मंच पर आए और बोले मैंने आज तक कुछ पढ़ा नहीं, लेकिन मेरी राय बहुत मजबूत है।
श्रोताओं ने खड़े होकर सम्मान दिया।
यहाँ प्रमाण माँगना असभ्यता माना जाता है और सवाल पूछना चरित्र दोष।
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के शोधपत्र
इस सत्र में गंभीर शोध प्रस्तुत किए गए
सूर्य रात में पश्चिम से निकलता है, बस नेहरु जी छुपा लेते है😎
महँगाई विदेशी साजिश है
बेरोज़गारी एक मानसिक भ्रम है
हर स्लाइड के अंत में लिखा था
स्रोत: भरोसा करो
चाय के साथ बुद्धि नहीं परोसी गई, सिर्फ़ अफ़वाहें थीं।
कोई बोला भाई, सुना है सच बोलने से गैस बनती है।”
दूसरा बोला हाँ, इसलिए मैं झूठ पर ही ज़िंदा हूँ।
यहाँ 10 लोग एक साथ बोले, कोई किसी की नहीं सुन रहा था।एंकर चिल्ला रहा था
आप बोलने मत दीजिए, यही लोकतंत्र है!
जो सबसे ज़्यादा चिल्लाया, उसे बुद्धिजीवी घोषित किया गया।
अध्यक्ष महोदय ने गर्व से कहा
मित्रों! आज मूर्खता संगठित हो चुकी है।
अब यह व्यक्तिगत कमजोरी नहीं, राष्ट्रीय नीति है।
सम्मेलन के अंत में संकल्प लिया गया
हम सोचेंगे नहीं समझेंगे नहीं
और जो समझेगा, उसे समझा देंगे
यह महासम्मेलन किसी एक जगह नहीं हुआ,
यह हर दिन टीवी स्क्रीन पर, सोशल मीडिया पर,
और हमारे आसपास पूरी भव्यता से चल रहा है।
फर्क बस इतना है यहाँ टिकट नहीं लगता,
बस दिमाग गिरवी रखना पड़ता है। 😌
आज लालकिले से पीएम मोदी फिर युवाओं को बेवकूफ बना गए😂
उन्होंने युवाओं लिए एक बड़ी घोषणा की प्राइवेट सेक्टर में उनकी पहली नौकरी पर 15,000 रुपए देने की योजना
इससे युवाओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी… लेकिन रुकिए, ये पूरी खबर नहीं है
असल में, कौन-कौन पाएगा ये 15,000 रुपए उसका एक क्राइटेरिया है
1. आपकी नौकरी 1 अगस्त 2025 के बाद जॉइन हुई हो
2. आपकी सैलरी कम से कम 1 लाख रुपए महीना हो
3. पैसा साल भर नौकरी करने के बाद मिलेगा और बीच में नौकरी छोड़ दी तो कुछ नहीं मिलेगा
मतलब, ये सबको नहीं बल्कि पहली नौकरी में लाख रुपए सैलरी पाने वाले चुनिंदा युवाओं को ही मिलेगा
अब सवाल ये है कि देश में कितने युवा होंगे जिनकी पहली नौकरी पर ही 1 लाख रुपए महीना सैलरी होगी?
Salute to this 24 year old Kannan Tamizhselvan, who rushed to save the boy who fell into water aftre being electrocuted by a leak in underground power cables in Chennai. #RealHero
एक तोता रोज़ एक आदमी को देखता और बोलता -
"और कमीने..."
उस आदमी ने तोते के मालिक से शिकायत की तो
तोते के मालिक ने तोते को बहुत मारा।
अगले दिन आदमी जब तोते के करीब से गुज़रा
तो तोता कुछ ना बोला।
थोडा आगे जाकर आदमी ने मुड़ कर देखा तो
तोता हँसते हुए बोला -
"बेटा, समझ तो तू गया ही होगा।"😎
😁😁😁🤣🤣🤣😁😁😁