भगवत कथा अकाल मृत्यु को टालती है। भगवत कथा आयु, आरोग्य और पुष्टि को देती है। भगवत कथा भगवान को आकर्षित करती है। भगवत कथा से हृदय में भगवान आ उभरते हैं। दुःखों से नहीं डरना चाहिए, दोषों से डरना चाहिए ये भगवत कथा सिखाती है।
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#अश्लीलता_पर_लगाम_कब
समाज की उन्नति केवल आधुनिकता में नहीं, बल्कि संस्कार, मर्यादा और चरित्र में भी है। संत श्री आसाराम जी बापू ने संयम और सदाचार के महत्व पर लगातार जोर दिया है। इन मूल्यों पर समाज में सार्थक संवाद होना चाहिए।
जिनको गुरु का ज्ञान पक्का हो गया कि मैं आत्मा हूँ, चाहे सारी दुनिया के लोग उल्टा बात करें। अरे ब्रह्मा जी भी बोल दें कि तू जीव है, तो भी उनको संदेह नहीं होता। ऐसा पक्का ज्ञान जिनको हो गया, उनको बोलते हैं ब्रह्मज्ञानी। वो पहले नंबर का सत्संग करते हैं।
#RishiDarshan#AsharamjiBapu
आसाराम बापू मामले में अभियोजन की कहानी के अलग-अलग हिस्सों की अदालतों में जांच हुई। चार आरोपी भी पर्याप्त प्रमाण न मिलने पर बरी हुए।
क्या अभियोजन की बाकी गवाहियों और दावों को भी स्वतंत्र प्रमाणों की कसौटी पर नहीं परखा जाना चाहिए?
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नई पीढ़ी को संस्कृति, परंपरा और जीवन-मूल्यों से जोड़ना आज समय की आवश्यकता है। संत श्री आशारामजी बापू की प्रेरणा से चल रहे बाल संस्कार केंद्र बच्चों में अनुशासन, नैतिकता और सेवा के संस्कार देकर एक सशक्त एवं संस्कारित पीढ़ी के निर्माण में योगदान दे रहे है
#CharacterBuilding
आज के बच्चे कल के नागरिक हैं, इसलिए उनका चरित्र निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
बापूजी द्वारा प्रांरभ किए गए
Bal Sanskar Kendra संस्कार देकर Sanskari Peedhi के उज्ज्वल भविष्य की राह बनाते हैं।
Lot of thanks🌹🙏 to BAPUJI FOR INSPIRE US #CharacterBuilding
Stories of courage, truth and kindness can leave lasting impressions on young minds. Under guidance of Sant Shri Asharamji Bapu, Bal Sanskar Kendra uses value-oriented learning to support a Sanskari Peedhi where #CharacterBuilding grows through
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आसाराम बापू केस: लड़की की गवाही में विरोधाभास, क्या हर अंतर को “मानवीय भूल” माना जा सकता है?
राजस्थान हाईकोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले में बचाव पक्ष ने शुरुआती शिकायत, FIR, धारा 164 के बयान और अदालत की गवाही के बीच कई अंतर बताए।
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युवा पीढ़ी मे नैतिक मूल्यों का पतन देश के लिए घातक है
इसलिए
Bal Sanskar Kendra के माध्यम से Sanskari Peedhi का निर्माण करने पर ध्यान दिया जाता है
#CharacterBuilding ही असली संपत्ति है❗
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जरा-जरा बात में सज्जन अपने भाग्य को कोसता है,यह बहुत भारी गलती करता है।
बेटे की शादी नहीं होती,बेटे का भाग्य फूटा है। मेरे को ठीक नहीं होता हूँ,बीमारी है,मेरा भाग्य फूटा है।
ऐसा करके प्रतिकूलता में आप अपनी हीन-भावना न करें,अपने को कोसो नहीं।
#RishiDarshan#AsharamjiBapu
उद्देश्य अगर वाहवाही पाना बनता है तो जलाता है, उद्देश्य अगर भोगप्राप्ति बनता है तो सताता है और उद्देश्य अगर भगवत्प्राप्ति बन जाता है तो युद्ध करना भी तार लेता है, रसोई बनाना भी तार लेता है । #AsharamjiBapuQuotes
गर्भपात को पाप ही नहीं, महापाप माना गया है। जो 84 लाख योनियों में भटक के आपके जैसे पवित्र कुलों में आया उसीको आप पैसे देकर मरवा दोगे?
गर्भपात के महापाप से बचो और दूसरों को भी ज्ञान दो,बचाओ ।
नवम्बर 2015,अंक 275,पेज 26
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प्रेम पैदा कैसे होता है कि पहले आशा करो कि मुझे भगवत् प्रेम चाहिए। प्रेम का प्रागट्य कैसे होता है? पहले आशा हो, आशा तो एक राम की और आश निराश।
दूसरा फिर दृढ़ता। आशा तो किया लेकिन दृढ़ निश्चय नहीं है तो फिर जरा सिगरेट का रस, जरा फलाने का रस, जरा टीवी का रस। नहीं, ये सब छोड़ो। मुझे तो भगवत प्रेम रस चाहिए। आज सुबह भगवत प्रेम रस थोड़ा चखाया था। जिसको अच्छा लगा हाथ ऊपर करो। अभी भी मैं करवाता हूँ । तो एक तो आशा करो कि हमें भगवत् प्रेम रस चाहिए। दूसरा दृढ़ संकल्प करो। तीसरा उत्कंठा और चौथा व्याकुलता। व्याकुलता, उत्कंठा, दृढ़ संकल्प और आशा, ये प्रेम रस के प्रागट्य की पूर्व भूमिका है। अब प्रेम रस का रसायन क्या है ? उद्दीपन क्या है ? बोले विरह, भगवान के नहीं मिलने का विरह, ये रसायन है और भगवान में शांति भगवान में प्रीति। और प्रेम रस में कभी तृप्ति नहीं होती। जिसको सत्संग में तृप्ति होती है उसने सत्संग का रस नहीं जाना। और जिसको प्रेम रस में तृप्ति हो गई तो उसने प्रेम रस नहीं जाना।
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