CS Engineer | Frond End Developer | Social Thinker | Stand Up Artist | History Lover | Future-Oriented | Secular | Logical Indian in search of Achhe din.
इसे बैन करना नहीं, इसे डरना कहते हैं
इसे पत्रकारों का बहिष्कार नहीं सवालों से भागना कहते हैं
आपको आदत है हाँ में हाँ मिलाने वालों की
वो न कल किया था न आगे करूँगी
बैन लगाने की हिम्मत उन नेताओं पर लगाइए जो मुहब्बत की दुकान में कूट कूट कर भरी नफ़रत परोस रहे हैं…
सवाल बेलौस थे, हैं और आगे भी रहेंगे। जय हिंद
ये फासला दूर होना बहुत ज़रूरी हैं। आज़ादी के बाद ही इसे बंद हो जाना था। केंद्र और राज्य सरकारें चाह लें तो मिशन मोड में काम करके छह महीने के अंदर सीवर की मानव द्वारा सफ़ाई का सिस्टम बंद हो सकता है। थोड़ा सा रुपया, एक बड़ा सा दिल 💓 और नीयत चाहिए।
स्वच्छता अभियान की कामयाबी के बाद ये एक ज़रूरी प्रोजेक्ट है।
@narendramodi@PMOIndia सुनें।
भारत का समाज पूरा सड़ चुका है। इसके सुधरने की कोई गुंजाइश नहीं है।
इस बकैत भाभी को देखा है?
यह महिला BODY SHAMING करने वाली एक नंबर की बकैत है। इसने लफ्फबाजी में उस सचिन की BODY SHAMING की और FAMOUS कर दि गई।
अब इस पर गाने बन रहे हैं मीडिया वाले इसके इंटरव्यू कर रहे हैं और SOCIETY देख रही है। देख ही नहीं उसको ऐसे PRAISE कर रही है जैसे BODY SHAMING कोई स्पोर्ट्स हो गया हो और इसने उसमें गोल्ड मेडल जीता हो।
जब सौ-दो सौ साल बाद देश का इतिहास लिखा जाएगा और सवाल उठेगा कि यह देश मूर्खताओं की जकड़ में कैसे आया था?
तो इस सवाल के घेरे में राजनेताओं से ज्यादा मीडिया ही होगा।
सुनिए, पुरुषोत्तम अग्रवाल जी क्या कह रहे हैं!