To those attempting to demean Pt. Jawaharlal Nehru, can they imagine an India without
• IIT, IIM, AIIMS, Bhakra Nangal Dam,
Planning commission
• SAIL, ITI, BARC, Bhilai Steel Plant
• ISRO, DRDO, BHEL
All these were envisioned by Pt. Jawaharlal Nehru. @SunilAh64145529@Rahul
श्यामलाल यादव जी देश के सबसे बड़े पत्रकार हैं,
RTI में उनका सानी दुनिया मानती है,
India Today, इंडियन एक्सप्रेस जैसे बड़े संस्थानों में क़ाम कर चुके हैं,
लेकिन आपने इन���ो कभी Tv डिबेट्स में नहीं देखा होगा,
वहाँ सिर्फ हर्षवर्धन त्रिपाठी जैसे स्टिंगर्स बुलाए जाते हैं,
श्यामलाल यादव के सामने जिनकी हैसियत इंटर्न जैसी भी नहीं है,
क्योंकि सबको पता है कि
अपने तर्क और तथ्यों से श्यामलाल यादव
कथित मेरि�� की सब पोल खोल देंगे
जैसे आज खोल रहे हैं,
पाकिस्तान जैसा देश अमीर हो गया है या हम गरीब होते जा रहें हैँ??
Crude Oil पाकिस्तान के लिए - $72/- बैरल
Crude Oil भारत के लिए - $72/- बैरल
पाकिस्तान की जीडीपी - 400 अरब डॉलर
भारत की जीडीपी - 415 लाख करोड़ डॉलर
पाकिस्तान मे पेट्रोल की कीमत - 90 से 95 रूपये
भारत मे पेट्रोल की कीमत - 102 से 115 रूपये
मनमोहन सिंह जी $120 बैरल मे 72 रूपये लीटर दे रहे थे, तुम��े $72 बैरल मे भी 72 रूपये लीटर नहीं दिया जा रहा है
और उसमें भी ऐथेनोल मिला रहे हो??
इसका मतलब तुम कमजोर प्रधानमंत्री हो
Corrupt पीएम हो.
History will Never Kind to you
Mr Modi
न्यूज-18 के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बोलने के लिए खड़े हुए तो मोदी-मोदी के नारे लगने शुरू हो गए...हमें लगा कि बीजेपी के लोग होंगे जो नारे लगा रहे हैं लेकिन जब कैमरा घूमा तो गले में ID कार्ड डाले पत्रकार लोग ही मोदी-मोदी के नारे लगाते हुए दिख रहे हैं...
मैडम जी!
मीडिया में तो कोई जातिगत आरक्षण नहीं है, 90 % एंकर सवर्ण और उसमे भी ब्राह्मण है सर्वाधिक। आपकी विश्व में क्या रैंकिंग है, भारतीय मीडिया तो टॉप पर होनी चाहिए, क्यूंकि सर्वश्रेष्ठ जाति के ही स��रे एंकर और रिपोर्टर है। उसके बाद भी 180 में से 151 वा स्थान है इनका, और बातें करते है मेरिट की।
आपके जैसे निम्न दर्जे के पत्रकार क्यों पैदा हो रहे है ? जिनको एक सीधा सा नियम समझ नहीं आता।
मोदी सरकार ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा बदल दी है. अब 100 मीटर ऊंचे पहाड़ को ही अरावली का हिस्सा माना जाएगा.
इस परिभाषा बदलने से अरावली का 90% क्षेत्र अब अरावली का हिस्सा नहीं होगा. यहां खनन, जंगल की कटाई जैसे काम होने लगेंगे.
बाकी आप एक पेड़ मां के नाम जरूर लगाएं.
दिल्ली में RSS हेडक्वार्टर पर पार्किंग की जगह कम होने पर 1400 साल पुराने मंदिर को ढहा कर पार्किंग बना ली गई
हिंदुओं, जाग जाओ और धर्म के स्वयंभू ठेकेदारों से सावधान रहो
यह सनातन के सबसे बड़े दुश्मन हैं
यह एक गंभीर चिंतन का विषय है।
यह आंकड़ा सामाजिक न्याय और समावेशिता के सिद्धांतों पर गंभीर प्रश्न उठाता है, विशेषकर उन वर्गों के संदर्भ में जो ऐतिहासिक रूप से हाशिये पर रहे हैं।
मिलिए ब्राह्मण सौरभ शर्मा से 🔥🔥🔥
भाई कांस्टेबल बन गया
◆ 52 Kg सोने का मालिक है
◆ 234 Kg चांदी का मालिक है
◆ दुबई में 50 करोड़ का विला है
◆ 400 करोड़ की संपत्ति का मालिक है
यह सब सिर्फ़ ₹28,000 प्रति माह की सैलरी पर हैं।
Note -: भ्रष्टाचार में इन लोगों को महारत हासिल है, देश को खोखला कर दिया।
जिस SC/ST एक्ट को दलित समाज एक ढाल के तरह उपयोग करता है उस SC ST एक्ट में जब BJP और नीतीश कुमार ने बदलाव लाने को बिल पास करने जा रहे थे तब इस बदलाव के ख़िल���फ़ पूरे देश में खड़ा हुआ उसका नाम है तेजस्वी!
आज उसके बदले तेजस्वी को दलित समाज तोहफा दिया मात्र 16 प्रतिशत का वोट!
दलित समाज के नेता बने चिराग पास��ान जो कहते हैं कि अमीर दलितों को आरक्षण छोड़ देना चाहिए।
दलित समाज का वोट मिला जीतन राम मांझी को जिन्हें राम मंदिर जाने के बाद मंदिर धुलवा दिया गया, जो कहते हैं दलितों को अब आरक्षण छोड़ देना चाहिए!
जातीय जनगणना करवाकर पिछड़ा अतिपिछड़ा वर्ग को 65% का आरक्षण दिया, वो भी तब जब नीतीश कुमार इसके खिलाफ हुए तो उनको साथ लाया और फिर आरक्षण का बिल पास करवाया, बाद में तेजस्वी को सत्ता से बेदखल करके BJP और नीतीश कुमार ने उस आरक्षण पर रोक लगा दिया!
आज सबसे बड़ा दुश्मन इस समाज का तेजस्वी ही है।
राजपूत समाज अपने स्वर्णिम काल में तब तक ही था जब लालू प्रसाद और राबड़ी देवी बिहार में शक्रिय राजनीति में थे, 21 मंत्रालय में लालू प्रसाद ने राजपूतों को 9 मंत्री बनाया था, लालूजी के बाद राजपूत मंत्री आज एक दो गिनकर हैं।
जब लालूजी रेल मंत्री बने तो डेटा कहता है कि रेलवे लाइन सबसे ज्यादा राजपूतों के खेत��ं के बगल से गुजरे जिससे गरीब राजपूत अपने जमीनों के ठेकेदार बन गए और साइकिल से चलने वाले राजपूत फॉरच्यूनर पकड़ लिए..
ग्रामीण विकास, लघु सिंचाई, भू राजस्व, शिक्षा विभाग जैसे पद राजपूतों के हाथों में था।
आज ये लोग एक मंत्री बनाकर अपने स्वर्णिम काल वाले लालू जी के राज को खुलकर जंगलराज कहते हैं।
गलती किसकी है लालूजी की या तेजस्वी की ?
CAA NRC जब लागू करने की बात आई तो दो बिहारी शाहीन बाग में लड़ रहा था त��� तेजस्वी अकेले सब्जी बाग में लड़ रहे थे, कई सप्ताह तक धरना दिया, बिना ये सोचे कि 2014 में हिंदू मुस्लिम का मुद्दा ही काम कर रहा है।
इस धरने में तेजस्वी जेल तक गए!
एक तस्वीर दिखा दो जहां ओवैसी शाहीन बाग में था या पटना के सब्जी बाग में..
वक़्फ़ बिल के विरोध में राजद के चारों सांसद रात के 11 बजे तक संसद भवन में चिल्लाते रहे, वहीं पर बैठा ��लन सिंह, गिरिराज सिंह, कौशलेंद्र कुमार और JDU BJP का पूरा 30 सांसद ठहाके लगाते हुए वक़्फ़ बिल का समर्थन किया।
तेजस्वी से ग़लती कहां हुई साथियों ?
बिहार में सड़के बनवाए भारत के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री मनरेगा मैन रघुवंश प्रसाद सिंह ने लेकिन मीडिया ने क्रेडिट दिया नीतीश कुमार को क्योंकि राजपूत समाज से आने वाले रघुवंश बाबू लालूजी के मंत्री थे।
अब तेजस्वी जी को साइलेंट होकर BJP की सरकार बनने में ��ोई रोड़ा नहीं डालने देना चाहिए!
बिहार कि जनता बिहार को उत्तर प्रदेश वाले बुलडोजर और सरेआम दलित वर्ग की बेटियों को बलात्कार कर जला देने वाली BJP ही चाहिए, उनका 5 किलो राशन में पेट भर जा रहा है, उनको गुजरात दिल्ली बंगाल में ठेला लगाने में, सूरत में साड़ी फैक्ट्री में काम करने में, बंगलौर में प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करने में बहुत मन लगता है, यही उनका भविष्य है,ये मान चुके ह���ं तो आप कौन हैं उन्हें वहां से लाकर बिहार में नौकरी देने वाले ?
तेजस्वी जी को अब क्रांति छोड़ देनी चाहिए क्योंकि इसका भुगतान केवल तेजस्वी जी नहीं उनका समाज भी भुगत रहा है।
नीतीश कुमार पिछले 20 साल में ऐसे भी बहुत तोड़ चुके हैं आपके समाज को, अब जो बचा है उसे क्रांति में मत झोंकिए!
भैया आपको बिहार डिजर्व नहीं करता!
"मतदान पूर्ण हुए तीन दिन हो चुके हैं, तीन दिन बाद भी वोट का प्रतिशत नहीं बता रहे, चुनाव आयोग को इसका जवाब देना पड़ेगा"
◆ राघोपुर से राजद उम्मीदवार और महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने कहा
#TejashwiYadav | Bihar Elections | #RJD | #ElectionCommission
Videos on #AirPollution : 00
Videos on Vote Chori : 00
Videos on Train Accident : 00
Videos on Ethanol Scam : 00
But trust me, he is neutral youtuber 🤡
जब यादव समाज से आने वाले एक व्यक्ति ने कथावाचक बनने की हिम्मत की, तब बाभनों ने उसे बेरहमी से रातभर पीटा, उसका सिर मुंडवाया और उस पर महिला का मूत्र डाला — तब कहाँ थी तथाकथित हिंदू एकता? याद रखिए, उनके “हिंदू राष्ट्र” के सपने में आप हमेशा शूद्र ही रहेंगे — उनकी सेवा करने वाले सेवक, आपको कभी वो शंकराचार्य या मठाधीश नहीं बनाएंगे,
दलित उनके लिए आज भी अछूत हैं। हर दिन दलितों पर अत्याचार होता है, पर कोई आवाज़ नहीं उठती। आदिवासियों को “वनवासी” कहकर पहले ही समाज से अलग कर दिया गया है।
दरअसल, वे “हिंदू राष्ट्र” इसलिए चाहते हैं क्योंकि अब दलित, पिछड़े और आदिवासी देश के सर्वोच्च पदों पर पहुँच रहे हैं। मनुवादी व्यवस्था की जड़ें हिल रही हैं, जाति व्यवस्था कमजोर हो रही है, नारी उत्पीड़न पर रोक लग रही है और पुरानी कुरीतियाँ टूट रही हैं — यही उनकी सबसे ��ड़ी हार है।