@MediaHarshVT ये राजनीतिक दलों के चक्कर में किया जा रहा है जो गलत है। इनको समझना होगा ये proof बना रहे है नए और ये इस वर्ग के उच्च कोटि के महामानव इनके चक्कर में आ जाते है। खुद के थोड़े स्वार्थ के लिए।।
@chitraaum आरक्षित वर्ग से बहुत कम मिलेंगे सामान्य वर्ग में इसका उदाहरण ews में देख सकते हो, जितने प्रमाण पत्र बन रहे है उनमें बहुत से मापदंड से बाहर है लेकिन बन रहे है। रसोइए की जानने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि आप sure हो की वो उन वर्ग से नहीं है।।
@jatintomar80@kalisenachief आपसे एक ही निवेदन है आपका काम निकलते ही, उनके साथ धोखा मत करना। जैसा इतनी दिनों से उनके लिए जो तकलीफ महसूस हो रही है तो हमेशा उनके साथ रहना। क्योंकि इतने statement देखे आप सब हितैषियों के की शक होने लगा है आपकी मंशा पर।
@kalisenachief हिंदू धर्म को तोड़ने में सबसे ज्यादा आप लोगों का हाथ हैं, इसका पुराने उदाहरण देने की जरूरत नहीं हैं। आपकी post की पहली पंक्ति में दिख रही नफ़रत हैं इसलिए दूसरे को दोष देने से पहले अपने में देखों। और यहाँ भी जाटव, महार कर दिये ना। बस इस वज़ह से आप जैसे लोगों से सावधानी जरूरी हैं।
@RatanRanjan_ हर नियम, अधिनयम और कार्य करने की शक्ति (अच्छे विभाग है) राज्य व केंद्र में अधिकांश सवर्णों के पास है, फिर ये कहना कि इतना जुल्म हो रहा हैं गलत इरादा है इसके पीछे।।।
@neha_laldas शादी ब्याह नहीं करते इसका मतलब ये नहीं हैं कि वे भेदभाव करते है, act के अधिकांश मामले वापस लिए जाते सामाजिक दबाव, बाहुबली लोगों के दवाब से इसलिए वो झूठे नहीं है।।
@neha_laldas महोदया, कही आरक्षित पदों पर GC वाले promotion लेकर बैठे है। अब जैसे आरक्षित वर्ग राज्य कर्मचारी जागरूक हुए है वैसे न्यायलय से वो पद वापस ले रहे हैं। ऐसे बहुत से काम हो रखे है।
@kalisenachief महोदय, ये स्वाभाविक है आज विरोध कर रहे हो लेकिन यही विरोध जातिय श्रेष्ठता के लिए क्यों नहीं करते। इतने जातिय उत्पीड़न हुए कितनो में इन वर्गों के साथ थे। केवल खुद का स्वार्थ सिद्ध करना है अलग अलग बाते करके। आपके साथ इतने लोगों लगे हैं जिनकी भाषा ही हीनता से भरी पड़ी है। नियत .?
@SabitaShailend1 जातिय श्रेष्ठता से किसी को हीन समझे और उसी हीनता की मानसिकता से कभी वो सभी के लिए सही नहीं हो सकता। पक्षपात करेगा ही करेगा।। इससे आप सहमत हो कि नहीं!
@ajeetbharti आरक्षण बाद में हटवाना पहले शिक्षा व्यवस्था सही करवा लो और सभी को एक समान पंक्ति पर लाकर मेरिट निकालना। आरक्षण हटाने के आंदोलन के साथ जातिय उत्पीड़न के खिलाफ भी आंदोलन करों। एकतरफा मांग सही नहीं है, जातिय श्रेष्ठता नीचा दिखाने के लिए रखोगे और आरक्षण भी हटाने को बोलोगे।
@janardanmis वो कमजोर नहीं है बस आप की नीयत सही नहीं है, सामान्य सीट पर आप में से एक भी वोट करने नहीं जाए इनको और तो और कोई पार्टी टिकट तक नहीं दे। इसलिए मानसिकता सही नहीं है।
@Divya_trpathi लेकिन आप से नहीं हो पाएगा। अप्रत्यक्ष आरक्षण हैं वो छोड़ पाओगे, कोई आपसे काबिल आपकी संस्था में हो और इन वर्गों से हो तो वो आरक्षण छोड़ पाओगे। निजी क्षेत्र के पक्षपात का हमें पता है।
@kalisenachief स्वयं घोषित श्रेष्ठों स्वार्थ छोड़ के अपनी कार्ययोजना बताओ कि इन सब के बदले और क्या हल हो सकता हैं। आप अपनी परेशानी देख रहे हो लेकिन इन वर्गों का क्या होगा क्योंकि मानसिकता तो इतने सालों में नहीं बदली। और ये सुरक्षा भी हटाने को कह रहे हो।
@kalisenachief एक्ट समाप्त करने की वकालत तो कर रहे हो लेकिन जिनको प्रताड़ित किया जाता है, परेशान किया जाता है उनके लिए भी कोई मांग रखो, सारी मांगे खुद के लिए रखोगे। जिनको संविधान में सुरक्षा मिली हुई है उनकी सुरक्षा हटाने को तो आंदोलन करोगे लेकिन उनके लिए और कोई विकल्प तो बताओ।।
@buddha2000@neha_laldas मेरा मानना हैं उन लोगों को सामान्य से चयन होना चाहिए जिससे अधिक से अधिक आरक्षित लोगों का चयन हो सके और मुख्य धारा में आ सके। लेकिन मकसद गलत है।
@kalisenachief महोदय, आपको गैर जाटव जातियों से कोई मतलब नहीं इनकी एकजुटता को खत्म करना मकसद है, ये काम पहले ही हो रखा है नहीं तो 1100 जातियां कहा से आती। आपका काम हुआ और 1100 के लात मार बाहर करोगे। मानसिकता बदल लोगे तब ही कुछ हो सकता है।