जो लड़ सका वही तो महान है"
यश वैभव सुख की चाह नहीं
परवाह नहीं जीवन न रहे
यदि इच्छा है तो यह है जग में स्वेच्छाचार दमन न रहे ,महान कवि, ब्रिटिश भारत के सबसे बड़े किसान आंदोलनकारी, देश के पहले सत्याग्रही स्वर्गीय विजय सिंह पथिक जी की पुण्यतिथि पर उनके श्रीचरणों में शत-शत नमन 🙏💐
*वीरता, नीति और स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम। उनका जीवन राष्ट्ररक्षा और स्वराज्य के संकल्प की अमिट गाथा है।*
यह मौन कोई कमज़ोरी नहीं, बल्कि एक थकी हुई आत्मा का चयन है। यह तब आता है जब मन बार-बार टूटने के बाद अब टूटना नहीं चाहता, जब उम्मीदें दम तोड़ देती हैं, और जब समझाने की थकान भीतर तक जम जाती है। मौन तब नहीं आता जब हमें कुछ कहने को नहीं होता, बल्कि तब आता है...जब हमने बहुत कुछ कह दिया
पिता से महान कोई नहीं है जिस पिता ने स्वयं चप्पल न पहनकर अपने बच्चों को जूते पहनने लायक बना दिया हो उस पिता के संघर्षों का अनुमान लगाना भी बहुत मुश्किल होता है,
NEET 2025 बालोतरा का श्रवण कुमार
कच्चे झौपड़े में पलकर भी जिसने बङे सपने देखें,
वो साबित कर गया कि हालात कभी मंजिल की
एक दिन वर्षों का संघर्ष अचानक आकर सामने खड़ा हो जाता है उस समय जो आंखों से झलकता है उस समय मनुष्य जिस भावुकता गुजरता है वह पल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पल होते है
अकारण ही थकान हो जाती है कई बार,
समझ नहीं आता कि कुछ ऐसा श्रम नहीं किया
तो थकान कैसे हो गई?
मानसिक थकान जो दिखाई नहीं देती लेकिन थका जरूर देती है।
अकारण नकारात्मक हो जाना, गुस्सा करना,
अपशब्द कहना.. ये सब मानसिक थकान के कारण होता है।
अपने शरीर के साथ अपने मस्तिष्क को भी आराम दें।
राजा झुके, झुके मुगल-अंग्रेज, झुका गगन सारा।
सारे जहां के शीश झुके, झुका ना कभी सूरजमल हमारा।।
भरतपुर संस्थापक, कुशल प्रशासक,अजेय योद्धा महाराजा सूरजमल जी के बलिदान दिवस पर उन्हें सादर नमन