पत्रकार ने पूछा - ��खिलेश जी कह रहे हैं कि इस बार हम आएँगे। जवाब मिला - “अखिलेश अहीर… मट्ठा, दही, दूध निकाले!”
यही कुछ शब्द बता देते हैं कि जाति इस समाज में कितनी गहरी बैठी है।
जिस व्यक्ति ने मुख्यमंत्री रहते हुए एक्सप्रेसवे, मेट्रो, अस्पताल, शिक्षा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अनेक काम किए, उसकी योग्यता और राजनीतिक सफ़र पर बहस करने के बजाय उसे उसकी जाति से जोड़कर बनाए गए रूढ़िगत पेशों तक सीमित कर दिया जाता है।
यह किसी एक महिला या एक व्यक्ति को निशाना बनाने की बात नहीं है। यह उस वर्चस्ववादी मानसिकता की एक बानगी है, जो आज भी इंसान की योग्यता से पहले उसकी जाति देखती है।
इसीलिए जाति अभी गई नहीं है। और जब तक जाति पीछा नहीं छोड़ती, सामाजिक न्याय की लड़ाई भी पीछा नहीं छोड़ेगी।
@yadavakhilesh
लोक कल्याणकारी राज्य बनाने निकले थे लेकिन अपने कल्याण के लिए यूपी बेंच रहे हैं।
अखिलेश यादव ने JPNIC बनवाया था उनका सपना था कि गरीब बच्चा यहां वर्ल्ड क्ला��� सुविधाओं का फ्री में फायदा उठाए।
लेकिन आज योगी आदित्यनाथ ने 830 करोड़ में उसको 30 साल के लिए ��ेंच दिया।
अब इसको लखनऊ के सबसे बड़े होटल में परिवर्तित किया जाएगा जिसमें गरीब घुस भी नहीं पाएगा।
इसमें कन्वेंशन हॉल था।
जय प्रकाश नारायण संग्रहालय था।
107 कमरों का होटल और गेस्ट हाउस था।
बैडमिंटन टेनिस स्क्वैश टेबल टेनिस कोर्ट था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग व डाइविंग पूल था।
रूफ टॉप हेलिपैड था।
जिम स्पा योग सेंटर ओपन-एयर थिएटर और कई रेस्टोरेंट थे।
ये सारी सुविधायें यूपी की जनता के लिए मुफ्त में अखिलेश यादव देने जा रहे थे लेकिन जनता ने योगी को चुना।🫡
लखनऊ के JPNIC की मार्केट वैल्यू इस वक़्त
दो हज़ार करोड़ रूपये से कम ना होगी,
UP सरकार ने इसे तीस साल के लिए
वृंदावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड और रॉकवुड होटल एंड रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 30 साल की लीज पर देने की मंजूरी दे दी है,
@grok ये बता ये दोनों कम्पनी के मालिक किस जाति के हैं,
श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव जी ने श्रद्धेय चौधरी चरण सिंह जी की प्रतिमा विधानसभा में लगवाई थी, उस वक्त भाजपा ने चौधरी साहब की प्रतिमा का विरोध किया था और प्रतिमा को उखाड़ने का प्रयास किया था, ये भाजपाई चौधरी साहब से बहु�� नफरत करते थे
श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव जी ने चौधरी चरण सिंह जी के नाम से लखनऊ अमौसी एयरपोर्ट का नामकरण किया था, इसी भाजपा के लोगों ने उस नामकरण का भी विरोध किया था
भाजपा तो शुरू से चौधरी चरण सिंह जी की विरोधी रही है, चौधरी साहब से नफरत करने वाले भाजपाई कभी भी जाट समाज के सगे नहीं हैं
हम किसान कभी भूल नहीं सकते कि किस तरह से इन भाजपाइयों ने किसान आंदोलन के दौरान हमें मारा था, थार जीप से ��ौंदा था, अपमानित किया था, खालिस्तानी बताया था
जाटों की पगड़ी, किसानों की पगड़ी उछालने वाली भाजपा की गोद में बैठना शर्मनाक है, जाट समाज किसान समाज के साथ धोखा है, कोई चवन्नी नेता भले ही भाजपा की गोद में जाकर बैठ जाए लेकिन जाट और किसान कभी भाजपा को वोट नहीं देगा ये तय है
भाजपा में ‘पीडीए’ स्थान तो पा सकता है लेकिन ‘सम्मान’ नहीं।
यदि संपूर्ण पीडीए समाज के लोग अपने-अपने व्यक्तिगत स्वार्�� और लाभ का त्याग करके एकजुट हो जाएं तो पीडीए सरकार सदैव के लिए आ जाए। फिर किसी भी समाज का कोई भी व्यक्ति ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ नहीं होगा क्योंकि ‘पीडीए’ का मूल भावनात्मक सिद्धांत ही है : ‘प्रेम, दया, अपनापन’।
दस सालों में यह पहली बार है कि भारत को चीनी का आयात करने की जरूरत पड़ रही है।
सरकार ने घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 31 अक्टूबर तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है।
ची���ी की कीमतों में इतनी तेजी क्यों आई है? क्या E20 पॉलिसी अब महंगी पड़ रही है, या गन्ने की फसल अच्छी नहीं रही?
जो भी वजह हो, यह सरकार की चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि आगे त्योहारों का सीजन है और मांग भी बढ़ने वाली है।
सुनिए इस चेतना सम्पन्न नौनिहाल को Zen Alpha को बहुत बड़ी बात बहुत ही सहजता से कह रहा है , कि जिस चंपारण के किसान आंदोलन से आज़ादी के राह प्रशस्त हुई आज वही गांधी के चंपारण की धरती बुनियादी शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव में कराह रही है ?
कितना सही सवाल कि मंत्री जी अपने बेटे को इस स्कूल में भेजेंगे क्या?
लो अब ‘सोशलमीडिया बंदी’ आ गई!
सोशल मीडियावालों को सरकारी स्कूलों में जाने से रोकना बताता है कि सरकारी स्कूलों के हालात सच में बदहाली की दुखभरी कहानी कह रहे हैं। स्कूलों में क्लासरूम, बोर्ड, पंखे-बिजली, पीने के पानी, दोपहर के खाने, टॉयलेट, लैब, कॉपी-किताब, यूनिफ़ॉर्म से लेकर कई विषय के टीचर्स की बेहद कमी है।
सोशल मीडिया को तो सरकार रोक लेगी लेकिन जेन अल्फा का क्या करेगी?