हार्दिक बधाई राव साहब! आपने देशवासियों के सामने हकीकत रखी। नहीं तो नौकरीशाही मोदी योगी सरकार से थर थर कांपती है यह किसी से छिपा नहीं है।
भगवाधारी बाबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में गोमांस निर्यात में उत्तर प्रदेश देश में टॉप पर है 2017 से अब तक।
सनातन, संस्कृति और धर्म की दुहाई देने वाली सरकार को इन सवालों का जवाब तथ्यों और आधिकारिक आँकड़ों के साथ देना चाहिए। आखिर भाषणों से नहीं, सरकार के कामकाज और नीतियों से ही जवाबदेही तय होती है।
अनपढ़ नाबालिग बबुआ राजा।
MLC चुनाव में किसी बड़े भाजपा नेता ने न यूपी न बिहार में वोट डाला है।
CM सम्राट चौधरी ने भी वोट नहीं डाला 7वीं फेल।
यूपी में योगी आदित्यनाथ केशव प्रसाद मौर्या ने भी वोट नहीं डाला।
पाठक जी ने डाला LU product हैं शेष की डिग्रियां फर्जी हैं।
नबिन बबुआ 12वीं फेल हैं कायस्थ समाज बिना स्नातक अनपढ़ मानता है।
राहुल गांधी चुनाव आयोग और SIR पर सवाल उठाते हैं।
मैं राहुल गांधी और कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि जब मतदाता सूची पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए पूरा समय दिया जाता है, तो कांग्रेस के कितने कार्यकर्ताओं ने इस प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराई?
दरअसल, इनको देश की जनता की कोई चिंता नहीं है, इन्हें सिर्फ घुसपैठियों को बचाने की चिंता है।
-श्री @NitinNabin
आज के दौर में एकमात्र ऐसे नेता है जो अपने कार्यकर्ताओं का खुद से ज्यादा सम्मान करते हैं और उनका नाम अखिलेश यादव है ।
इस वीडियो में देखिए डॉ संजयन त्रिपाठी जी ने 4 तारीख को पार्टी की सदस्यता ली और 8 तारीख को एक कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने इन्हें पहचान लिया और स्टेज पर बुलाकर मंच दिया।
अखिलेश यादव अपने कार्यकर्ताओं का बहुत सम्मान करते हैं यही वजह है कि पिछले चुनाव में इन्हीं कार्यकर्ताओं के मेहनत से हम लोग 37 सीट जीते थे।
भारत चीन सीमा पर जाने भर का नाम सुनकर लघु शंका इन्हें उतर जायेगी।
ये पार्कों में कभी कभी लाठी भाजने की प्रैक्टिस किया करते हैं इससे ज्यादा कभी RSS से उम्मीद मत करना नहीं तो इनके भरोसे देश फिर किसी का गुलाम हो जायेगा।
It is high time to send at least 5 lakh RSS shakha volunteers to the entire LAC with China, to help the Army and other Forces assert supremacy. All Shakha Pramukhs to also accompany them. Enough of parading on safe Indian city streets. Time to hit the actual borders. Stay there for a few months.
Proud of all. All the best.
लखनऊ
आकाश अग्रवाल के वीडियो पर अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। MLC चुनाव में हार के बाद आकाश अग्रवाल के रोने पर अखिलेश ने कहा कि उनके आंसुओं से अग्रवाल समाज आहत है। उन्होंने भाजपा और अधिकारियों पर चुनावी घपले, प्रताड़ित करने और अपमानित करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि आकाश अग्रवाल को उचित सम्मान और स्थान देंगे। सपा आकाश और पूरे अग्रवाल समाज के साथ है।
Prime Minister Narendra Modi is coming to Varanasi tomorrow, and the massive demolition in the Kachaheri area is being covered just like Mithun Chakraborty firing from behind a bicycle.
ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण खोना लगभग तय है। सीनेट की मुझे ज्यादा चिंता नहीं है, क्यों कि किसी भी पार्टी को पूर्ण नियंत्रण के लिए 60 सीटों की जरूरत होती है।
मेरे विचार में रिपब्लिकन पार्टी सीनेट में 4 सीटें खो सकती है, फिर भी मुकाबला 50-50 का रहेगा।
उपराष्ट्रपति रिपब्लिकन पार्टी के हैं, इसलिए उनका एक निर्णायक वोट होगा। इस तरह 51 सीटों के साथ रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में नाममात्र का नियंत्रण रहेगा और वे कोई बड़ा बदलाव नहीं कर पाएंगे।
डेमोक्रेट्स की ओर से कांग्रेस में भेजे गए विधेयकों को वे कुछ समय तक रोक जरूर सकते हैं, लेकिन अंततः उन्हें उन पर फैसला करना ही होगा।
ट्रंप के लिए सबसे बुरी स्थिति तब होगी, जब डेमोक्रेट्स कांग्रेस और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लें और इज़रायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (बिबी) भी सत्ता खो दें। ऐसी स्थिति में ट्रंप और बिबी, दोनों के जेल जाने की नौबत आ सकती है।
मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर दोनों मिलकर ईरान पर हमला करने जैसा कोई बड़ा कदम उठा लें। इससे पूरे मध्य पूर्व में युद्ध भड़क सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
Trump/Republicans are certain to lose control of Congress. Senate I really don’t care because no party can have absolute control for that u need 60 seats. In my opinion Rep will lose 4 Seats still it will be 50:50 and VP is Rep that has 1 vote so with 51 Rep have name sake control of Senate and they can’t bring any changes. Whatever Dem Congress send them they can delay but ultimately has to approve it. The worst scenario for Trump is Dem get control of Congress and Senate & in Israel PM Bibi also lose! In this scenario both Trump & Bibi will go to jail. I will not be surprised if both of them join & do stupid things by attacking Iran & that will flare up the whole Middle East and hurt the entire world economy.
2024 की तुलना में आज समाजवादी पार्टी और अधिक मजबूत होकर उभरी है, जबकि बीते ढाई वर्षों में योगी सरकार और भाजपा की राजनीतिक पकड़ लगातार कमजोर होती दिखाई दी है।
ऐसा कोई दिन नहीं बीता, जब भाजपा को अपनी नीतियों, जनविरोधी फैसलों और विफलताओं के कारण राजनीतिक नुकसान न उठाना पड़ा हो।
जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
PDA की बढ़ती एकजुटता, जनहित के मुद्दों और समाजवादी विचारधारा के प्रति बढ़ते विश्वास के साथ 2027 में समाजवादी पार्टी प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
2027 में जनता का फैसला होगा—भाजपा की विदाई और समाजवादी सरकार की वापसी।
आत्ममुग्ध नॉन-बायोलॉजिकल राजा और भारत देश।
यह देश अब सुधार की हर उम्मीद से परे जा चुका है…
अमेरिका: इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ChatGPT बना रहा है।
चीन: DeepSeek को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रहा है।
भारत: एक मृत बाबा को दोबारा ज़िंदा दिखाने की तकनीक विकसित कर रहा है, ताकि वे मोदी जी की तारीफ कर सकें और कहें—
पूरा देश आपके साथ है।
झोल 403 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ है। सपा समर्थित मतदाताओं के नाम क्यों काटे गए?
चिल्लूपार गोरखपुर में श्री विनय शंकर तिवारी जी के क्षेत्र में 15 हजार से ज्यादा वोट काट दिए गये थे।
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर सवाल।
चुनाव आयोग और बीजेपी जवाब दें—
क्या यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी समर्थित मतदाताओं के नाम काटे जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जाँच होगी?
क्या मतदाता सूची में हुई कथित गड़बड़ियों से बीजेपी को राजनीतिक लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई है?
अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र संस्था है, तो वह सामने आकर बताए कि कितने मतदाताओं के नाम काटे गए, किनके नाम जोड़े गए और इसकी विधानसभा-वार जाँच क्यों नहीं कराई जाती?
सवाल बीजेपी से भी है: अगर सब कुछ नियमानुसार हुआ है, तो मतदाता सूची का पूरा पारदर्शी ऑडिट कराने से परहेज क्यों? क्या विपक्षी समर्थकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी नहीं है?
लोकतंत्र में सरकारें जनता के वोट से बनती हैं, मतदाता सूची में कथित हेरफेर से नहीं। हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी दल का समर्थक हो।
चुनाव आयोग 403 विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची का निष्पक्ष ऑडिट कराए, नाम काटे जाने का पूरा विवरण सार्वजनिक करे और दोषियों पर कार्रवाई करे।
जनता के वोट पर सवाल है—चुनाव आयोग चुप क्यों है? बीजेपी जवाब कब देगी?
#मतदाता_अधिकार #चुनाव_आयोग #उत्तरप्रदेश
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
समाजवादी पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता के माध्यम से "विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार अंकित होने" के आरोप के संबंध में करायी गयी जांच पूर्ण
प्रकरण में दोषी पाये गए कम्प्यूटर सहायक एवं 05 बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाने के निर्देश
कम्प्यूटर सहायक एवं 05 बूथ लेवल अधिकारियों को सेवा से हटाये जाने सम्बन्धी दिया गया नोटिस
दोषी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने के निर्देश
जिम्मेवार तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने के निर्देश
लखनऊ, 24 अक्टूबर, 2026।
समाजवादी पार्टी द्वारा दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता के माध्यम से लगाये गये आरोप "विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार अंकित होने" का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रकरण की विस्तृत जांच आख्या जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से प्राप्त की गयी।
प्राप्त जांच आख्या के अनुसार समान नाम,समान वल्दियत का एक मतदाता गोरखपुर जनपद के विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र चौरीचौरा से सम्बन्धित है, जो अन्य 13 प्रविष्टियों से भिन्न है। विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में आरोप में उल्लिखित मतदाता ‘‘विकास यादव’’ का हिन्दी में नाम 13 बार अंकित होना पाया गया। 13 जगह मतदाताओं के नाम हिन्दी में ‘‘विकास यादव’’ प्रदर्शित होने के संदर्भ में 02 जगह पूर्व में ही नियमानुसार विलोपन की कार्यवाही की जा चुकी है। शेष 11 प्रविष्टियां जनपद आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से सम्बन्धित हैं, जो अपने-अपने गांव में वर्तमान में निवास कर रहे हैं और उन 11 में से वास्तविक ‘‘विकास यादव’’ को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के वास्तविक नाम एवं अन्य विवरण के संशोधन हेतु को फार्म-8 भरवा दिया गया है।
प्रकरण में दोषी पाये गए मतदाता पंजीकरण केन्द्र के कम्प्यूटर सहायक एवं बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाते हुए उनकी सेवा समाप्त किये जाने सम्बन्धी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रकरण के लिए जिम्मेवार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ के कम्प्यूटर सहायक एवं बूथ लेवल अधिकारियों, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने से पूर्व उनको नोटिस दिए जाने के निर्देश दिये गये हैं।
मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के लिए तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने हेतु आरोप पत्र जारी किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं।
जनपद आजमगढ़ के समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इस बिन्दु पर गहनता से जांच कर विस्तृत आख्या एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश भी जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को दिये गये हैं।
बृजेश सिंह, धनंजय सिंह, कुंटू सिंह, पिंटू सिंह, प्रिंसू सिंह, सुशील सिंह, अभय सिंह पर किक मारते समय क्या पोलियो हो जाता है?
या स्वजातीय बचाओ अभियान निकल आता है?
जिस आडवाणी जी और अरुण जेटली ने इन्हें धरातल दिया उन्हें दोषी ठहरा रहे हैं पण्डित रजत शर्मा।
दोनों नेता EVM के विरोधी रहे हैं।
अक्ल की दुश्मन कांग्रेस को तब EVM बहुत प्यारी थी मोदी बीजेपी ने उससे ही मोहब्बत कर ली।
रजत शर्मा-बैलट का जमाना लौट आया तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जायेगा।
बूथ कैप्चरिंग से ही बीजेपी सत्ता में बनी हुई है।
काश समय से कांग्रेस जाग गयी होती तो आज लोकतंत्र बचाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता।
उत्तर प्रदेश और बिहार में MLC चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं. कई साल बाद बैलट लूटने की घटनाएं हुईं.
हालांकि, इन चुनावों में आम जनता वोट नहीं देती, स्नातक या शिक्षक MLC चुनते हैं. इस चुनाव में EVM का इस्तेमाल नहीं हुआ. पर्ची पर ठप्पा लगाकर वोट डाले गए. बैलट का ज़माना लौट आया.
बैलट लौटा तो अपने साथ मारपीट, गुंडागर्दी और बाहुबल को लेकर आया. जगह-जगह से झड़प की तस्वीरें आईं. जो लोग बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हैं, उन्होंने कल अपनी आंखों से झलक देख ली. बैलट के चुनाव में वोट और बूथ कैसे लूटे जाते हैं, वो सब कैमरे में क़ैद है. लेकिन पहले जो होता था, उसके मुक़ाबले ये कुछ भी नहीं है.
मैंने रिपोर्टर के तौर पर ऐसे न जाने कितने चुनाव देखे हैं, जहां मतदान के दिन 10-12 बंदूक़धारी गाड़ियों में भरकर आते थे, हवाई fire करके वोटरों को भगा देते थे, चुनाव कराने वाले कर्मचारी और लाठी लिए एक-दो पुलिसवाले कहीं छिप जाते थे.
बंदूक़धारी बैलट पेपर पर क़ब्ज़ा करके आराम से बैठकर ठप्पा लगाते थे. मतपत्रों को मोड़कर डिब्बे में डालते और एक घंटे में चुनाव ख़त्म हो जाता था. सबको कह दिया जाता था वोट डल गए. उस समय न TV कैमरे होते थे, न किसी के हाथ में मोबाइल फोन, इसलिए सबूत देना बड़ा मुश्किल था.
यूपी, बिहार के चुनाव में तो मैंने दबंगों को एक-एक दिन में कई-कई बूथ लूटते देखा. कभी-कभी कोई अख़बार का कैमरापर्सन बूथ लूटने वालों की फोटो खींच लेता था और जब वो अख़बार में छपती थी तो ये बड़ी सनसनीखेज़ ख़बर होती थी. उस बूथ पर फिर से मतदान कराया जाता था. जिन लोगों ने सिर्फ़ EVM का ज़माना देखा है, वो सोच भी नहीं सकते कि दबंग वोट कैसे लूटते थे.
इस बूथ कैप्चरिंग के कारण ही राजनीति में बाहुबलियों, माफ़िया और ग़ुंडों का प्रभाव बढ़ा और बाद में तो बूथ कैप्चर करने वाले बाहुबली ख़ुद ही चुनाव लड़ने लगे.
30 साल पहले जब चुनावों में EVM का इस्तेमाल पूरी तरह होने लगा, तब वोट माफ़िया का असर धीरे-धीरे ख़त्म हुआ. आज जो लोग बैलट पेपर से वोट कराने की मांग करते हैं, वो वापस देश को उसी ख़तरनाक दौर में ले जाना चाहते हैं, जिसके बारे में सोचकर, जिसे याद करके रोंगटे खड़े हो जाते हैं.