इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..
95% शुगर रोग को रिमूव कर देगा सदाबहार फूल...
शुगर की टेबलेट बंद कर देगा ये फूल, डायबिटीज मरी�� रोज चबाएं इसकी 3 से 4 पत्तियां...
खराब लाइफस्टाइल के चलते डायबिटीज की समस्या आम हो गई है। पहले तो डायबिटीज 50 साल से ज्यादा उम्र के लागों को होती थी, लेकिन जेनेटिक होने के कारण अब कम उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। समय रहते इसे कंट्रोल कर लिया जाए, तो इसके बढ़ने की संभावना को कम किया जा सकता है। वैसे तो डायबिटीज को नियंत्रण में रखने के लिए लोग लौकी, गिलोय जैसे घरेलू नुस्खे अपनाते हैं, लेकिन आ��� चाहें, तो सदाबहार के फूलों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। इसे "एवर ब्लूमिंग ब्लॉसम" के रूप में भी जाना जाता है।
सदाबहार के फूल में मौजूद हाइपोग्लेमिक गुण ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है। इस फूल के अर्क को लेने से बीटा- पैन्क्रियाज सेल्स से इंसुलिन का उत्पादन होना शुरू हो जाता है। यह स्टार्च के ग्लूकोज में ब्रेक होने में भी हेल्प करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल में कमी आने लगती है। तो आइए जानते हैं क्या है सदाबहार और डायबिटीज के लिए इसका उपयोग कैसे किया जाता है।
◾सदाबहार क्या है◾
सदाबहार एक पौधा है, जो आमतौर पर भारत में पाया जाता है और यह मेडागास्कर का मूल निवासी है। यह एक झाड़ी है, जो सजावटी पौधों के रूप में और औषधी बनाने के काम आती है। फूलों के साथ चिकने, चमकदार और गहरे रंग के पत्ते टाइप 2 डायबिटीज के लिए प्राकृ��िक औषधि के रूप में काम करते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, सदाबहार के फूल और पत्तियों का इस्तेमाल ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो सुबह के समय फूलों से बनी हर्बल चाय पी सकते हैं या अच्छे परिणामों के लिए इसकी 3-4 पत्तियों को चबा सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, मधुमेह एक मेटाबॉलिक कफ प्रकार का विकार है, जिसमें पाचन अग्रि कम होने लगती है औ�� ब्लड शुगर लेवल बढऩे लगता है। ब्लड शुगर में स्पाइक्स को कंट्रोल करने के लिए आयुर्वेद ��दाबहार नाम के फूल का उपयोग करने की सलाह देता है। वैसे सदाबहार का उपयोग आयुर्वेद और चीनी दवाओं में लंबे समय से किया जाता रहा है। यह मधुमेह, मलेरिया, गले में खराश और ल्यूकेमिया जैसी स्थितियों को मैनेज करने के लिए हर्बल ट्रीटमेंट है। विंका रसिया में दो एक्टिव कंपाउंड होते हैं- एल्कोलॉइड और टैनिन। ऐसा माना जाता है कि पौधे में 100 से ज्यादा अल्कलॉइड होते हैं, जिनमें से विन्क्रिस्टाइन और विनब्लास्���ाइन अपने औषधीय लाभों के लिए जानेजाते हैं।
◾शुगर रोगी के लिए सदाबहार को उपयोग करने के तरीके:-
🔹पहला तरीका- सदाबहार की ताजी पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना लें और कांच के कंटेनर में भरकर रख लें। मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए सुबह खाली पेट 1 चम्मच सूखे पत्तों का चूर्ण पानी या ताजे फलों के रस में मिलाकर सेवन करें।
🔹दूसरा तरीका- सदाबहार के पौधे की 3-4 पत्तियों को दिनभर में चबाएं। ताकि अचानक से ���्लड शुगर में वृद्धि न हो पाए।
🔹तीसरा तरीका- ताजे तोड़े गए सदाबहार के फूलों को पानी में उबाल लें। इसे ��ीगने दें और फिर छान लें। मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए इस कड़वे तरल को सुबह खाली पेट पीएं। ब्लड शुगर लेवल काफी हद तक कम हो जाएगा।
अगर आप डायबिटीज के लिए किसी दवा के साथ इस जड़ी-बूटी को लेने की सोच रहे हैं, तो ब्लड शुगर लेवल के कम होने की संभावना बहुत है। फिर भी ध्यान रखें कि ऐसा करने से पहले किसी डायबिटीज विशेषज्ञ से सलाह ले...प्रकृति में छिपी हुई है हर मर्ज की दवा बस उसे सही तरीके से उपयोग करना ���ै, अनादि काल से ऋषि मुनियों द्वारा इसी पद्धत से ही पूर्ण रूप से मरीज को स्वस्थ कर दिया जाता था....
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#DheerajSahu के परिवार के एक जानकर ने दो दिन पहले ही मुझे निजी संदेश भेजा था और कहा था कि उनके पास कई सौ नहीं, भ्रष्टाचार का हजार करोड़ से ज्यादा का पैसा है। और अभी उन्हीं सूत्र स�� जानकारी मिली है कि गिनती 1200 करोड़ तक पहुंच गई है।
...और ये आदमी नोटबंदी से दुखी था, भ्रष्टाचार देख कर व्यथित हो जाता था, और इस आदमी का दावा था कि सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही भ्रष्टाचार से लड़ सकती है।
गृध्रसी= साइटिका का आयुर्वेद से सफल चमत्कारी इलाज...
◾लक्षण-: एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना गृध्रसी या रिंगण बाय कहलाता है। प्रायः पैर के पंजे से लेकर कूल्हे तक दर्द होता है जो लगातार होता रहता है। मुख्य लक्षण यह है कि दर्द केवल एक पैर मे होता है। दर्द इतना अधिक होता है कि रोगी सो भी नहीं पाता।
हारसिंगार = पारिजात के 10-15 कोमल पत्ते को कटे फटे न हों तोड़ लाएँ। पत्ते को धो कर मिक्सी मे या कैसे ही थोड़ा सा कूट ले या प��स ले। बहुत अधिक बारीक पीसने कि जरूरत नहीं है। लगभग 200-300 ग्राम पानी (2 कप) मे धीमी आंच पर उबालें। तेज आग पर मत पकाए... चाय की तरह पकाए। चाय कि तरह छान कर गरम गरम पानी (काढ़ा) पी ले। पहली बार मे ही 10% फायदा होगा।
प्रतिदिन 2 बार पिए...यदि आप ऑफिस जाते हैं तो दोगुना पानी उबाले। थर्मस मे भरकर ले जाएँ। इस हरसिंगार के पत्तों के काढ़े से 15 मिनट पहले और बाद तक ठंडा पानी न पीए...दही लस्सी और आचार न खाएं।।
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महाभारत में अभिमन्यु ने चक्रव्यूह तोड़ने की कला अपने मां के पेट में सीखी थी।
इस बात पर शायद आपको विश्वास नही होता है ना!
तो यह वीडियो देखिए 8 महीने के बच्चे का।
अद्भुत अलौकिक सनातन संस्कृति
जय सियाराम 🙏
समझ लीजिए हार्ट अटैक:
भारत में 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे। नाम था महाऋषि वागवट जी उन्होंने एक पुस्तक लिखी, जिसका नाम है, अष्टांग हृदयम Astang hrudayam इस पुस्तक में उन्होंने बीमारियों को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखें थे।
यह उनमें से ही एक सूत्र है। वागवट जी लिखते हैं कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब ��ै कि र���्त blood में acidity अम्लता बढ़ी हुई है अम्लता आप समझते हैं
जिसको अँग्रेजी में कहते हैं acidity अम्लता दो तरह की होती है एक होती है पेट की अम्लता और एक होती है रक्त blood की अम्लता आपके पेट में अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट में जलन सी हो रही है, खट्टी खट्टी डकार आ रही हैं , मुंह से पानी निकल रहा है और अगर ये अम्लता acidity और बढ़ जाये तो hyperacidity होगी और यही पेट की अम्लता बढ़ते-बढ़ते जब रक्त में आती है तो रक्त अम्लता blood acidity होती है और जब blood में acidity बढ़ती है तो ये अम्लीय रक्त blood दिल की नलियों में से निकल नहीं पाती और नलियों में blockage कर देता है तभी heart attack होता है इसके बिना heart attack नहीं होता और ये आयुर्वेद का सबसे बढ़ा सच है जिसको कोई डाक्टर आपको बताता नहीं क्योंकि इसका इलाज सबसे सरल है ! इलाज क्या है ?
वागवट जी लिखते हैं कि जब रक्त (blood) में अम्लता (acidity) बढ़ गई है तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करो जो क्षारीय हैं आप जानते हैं दो तरह की चीजें होती हैं अम्लीय और क्षारीय, acidic and alkaline अब अम्ल और क्षार को ��िला दो तो क्या होता है ? acid and alkaline को मिला दो तो क्या होता है ?
neutral होता है सब जानते हैं तो वागवट जी लिखते हैं कि रक्त की अम्लता बढ़ी हुई है तो क्षारीय (alkaline) चीजें खाओ, तो रक्त की अम्लता (acidity) neutral हो जाएगी, और रक्त में अम्लता neutral हो गई, तो heart attack की जिंदगी मे कभी संभावना ही नहीं ! ये है सारी कहानी ! अब आप पूछेंगे कि ऐसी कौन सी चीजें हैं जो क्षारीय हैं और हम खायें ?
आपके रसोई घर में ऐसी बहुत सी चीजें है जो क्षारीय हैं जिन्हें आप खायें तो कभी heart attack न आए और अगर आ गया है तो दुबारा न आए यह हम सब जानते हैं कि सबसे ज्यादा क्षारीय चीज क्या हैं और सब घर मे आसानी से उपलब्ध रहती हैं, तो वह है लौकी जिसे दुधी भी कहते हैं English में इसे कहते हैं bottle gourd जिसे आप सब्जी के रूप में खाते हैं ! इससे ज्यादा कोई क्षारीय चीज ही नहीं है ! तो आप रोज लौकी का रस निकाल-निकाल कर पियो या कच्ची लौकी खायो वागवट जी कहते हैं रक्त की अम्लता कम करने की सबसे ��्यादा ताकत लौकी में ही है तो आप लौकी के रस का सेवन करें, कितना सेवन करें ? रोज 200 से 300 मिलीग्राम पियो कब पिये ? सुबह खाली पेट (toilet जाने के बाद ) पी सकते हैं या नाश्ते के आधे घंटे के बाद पी सकते हैं इस लौकी के रस को आप और ज्यादा क्षारीय बना सकते हैं
इसमें 7 से 10 पत्ते तुलसी के डाल लो तुलसी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप पुदीने के 7 से 10 पत्ते मिला सकते हैं पुदीना भी बहुत क्षारीय है इसके साथ आप काला नमक या सेंधा नमक जरूर डाले ये भी बहुत क्षारीय है लेकिन याद रखें नमक काला या सेंधा ही डाले वो दूसरा आयोडीन युक्त नमक कभी न डाले ये आओडीन युक्त नमक अम्लीय है तो आप इस लौकी के जूस का सेवन जरूर करें 2 से 3 महीने की अवधि में आपकी सारी heart की blockage को ठीक कर देगा 21 वें दिन ही आपको बहुत ज्यादा असर दिखना शुरू हो जाएगा कोई आपरेशन की आपको जरूरत नहीं पड़ेगी घर में ही हमारे भारत के आयुर्वेद से इसका इलाज हो जाएगा और आपका अनमोल शरीर और लाखों रुपए आपरेशन के बच जाएँगे आपने पूरी पोस्ट पढ़ी
आपका बहुत बहुत धन्यवाद। सनातन धर्म सर्वश्रेष्ठ है🙏
रा���े राधे गोविंदा 🙏
हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं!
क्या हमे चालीसा पढते समय पता भी होता है कि हम हनुमानजी से क्या कह रहे हैं या क्या मांग रहे हैं?
बस रटा रटाया बोलते जाते हैं। आनंद और फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो। इसलिए हर व्यक्ति को इसके फल के लिए अर्थ का ज्ञान आवश्यक है।
��्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित!!
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।
📯《अर्थ》→ गुरु महाराज के चरण.कमलों की धूलि से अपने मन रुपी दर्पण को पवित्र करके श्री रघुवीर के निर्मल यश का वर्णन करता हूँ, जो चारों फल धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला हे।★
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बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि वि���्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार।★
📯《अर्थ》→ हे पवन कुमार! मैं आपको सुमिरन.करता हूँ। आप तो जानते ही हैं, कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है। मुझे शारीरिक बल, सदबुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दुःखों व दोषों का नाश कर दीजिए।★
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जय हनुमान ज्ञान गुण सागर, जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥1॥★
📯《अर्थ 》→ श्री हनुमान जी! आपकी जय हो। आपका ज्ञान और गुण अथाह है। हे कपीश्वर! आपकी जय हो! तीनों लोकों,स्वर्ग लोक, भूलोक और पाताल लोक में आपकी कीर्ति है।★
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राम दूत अतुलित बलधामा, अंजनी पुत्र पवन सुत नामा॥2॥★
📯《अर्थ》→ हे पवनसुत अंजनी नंदन! आपके समान दूसरा बलवान नही है।★
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महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी॥3॥★
📯《अ��्थ》→ हे महावीर बजरंग बली! आप विशेष पराक्रम वाले है। आप खराब बुद्धि को दूर करते है, और अच्छी बुद्धि वालो के साथी, सहायक है।★
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कंचन बरन बिराज सुबेसा, कानन कुण्डल कुंचित केसा॥4॥★
📯《अर्थ》→ आप सुनहले रंग, सुन्दर वस्त्रों, कानों में कुण्डल और घुंघराले बालों से सुशोभित हैं।★
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हाथ ब्रज और ध्वजा विराजे, काँ��े मूँज जनेऊ साजै॥5॥★
📯《अर्थ》→ आपके हाथ मे बज्र और ध्वजा है और कन्धे पर मूंज के जनेऊ की शोभा है।★
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शंकर सुवन केसरी नंदन, तेज प्र��ाप महा जग वंदन॥6॥★
📯《अर्थ 》→ हे शंकर के अवतार! हे केसरी नंदन! आपके पराक्रम और महान यश की संसार भर मे वन्दना होती है।★
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विद्यावान गुणी अति चातुर, राम काज करिबे को आतुर॥7॥★
📯《अर्थ 》→ आप प्रकान्ड विद्या निधान है, गुणवान और अत्यन्त कार्य कुशल होकर श्री राम काज करने के लिए आतुर रहते है।★
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प्रभु चरित्र सु���िबे को रसिया, राम लखन सीता मन बसिया॥8॥★
📯《अर्थ 》→ आप श्री राम चरित सुनने मे आनन्द रस लेते है। श्री राम, सीता और लखन आपके हृदय मे बसे रहते है।★
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सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा, बिकट रुप धरि लंक जरावा॥9॥★
📯《अर्थ》→ आपने अपना बहुत छोटा रुप धारण करके सीता जी को दिखलाया और भयंकर रूप करके.लंका को जलाया।★
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भ��म रुप धरि असुर संहारे, रामचन्द्र के काज संवारे॥10॥★
📯《अर्थ 》→ आपने विकराल रुप धारण करके.राक्षसों को मारा और श्री रामचन्द्र जी के उदेश्यों को सफल कराया।★
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लाय सजीवन लखन जियाये, श्री रघुवीर हरषि उर लाये॥11॥★
📯《अर्थ 》→ ��पने संजीवनी बुटी लाकर लक्ष्मणजी को जिलाया जिससे श्री रघुवीर ने हर्षित होकर आपको हृदय से लगा लिया।★
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रघुपति कीन्हीं बहुत बड़ाई, तुम मम प्रिय भरत सम भाई॥12॥★
📯《अर्थ 》→ श्री रामचन्द्र ने आपकी बहुत प्रशंसा की और कहा की तुम मेरे भरत जैसे प्यारे भाई हो।★
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सहस बदन तुम्हरो जस गावैं, अस कहि श्री पति कंठ लगा��ैं॥13॥★
साल 1941 में ली गई इस तस्वीर में काबा परिसर मक्का ,जो की मुसलमानों का सबसे पवित्र स्थान है जिसने बारिश का पानी भरा हुआ है।
82 साल पहले इन���े पास एक ड्रेनेज सिस्टम तक नहीं था जो इनकी सबसे महत्वपूर्ण जगह से बारिश का पानी निकाल सके लेकिन वहाँ से हज़ारों किमी दूर भारत में 354 साल पहले औरंगजेब ने कथित ज्ञानवापी मस्ज़िद में फव्वारा लगवा दिया था..जिसकी टोंटी ग़ायब है !!
आपके घर का एवं आपका शुभ मंगल कैसे हो?
#thread
1.घर के मुख्य द्वार पर सूखे फूल, पत्ते, हटा दें। इसका मतलब यह है कि घर में शुभ ऊर्जा के प्रवेश में हटाने से कोई बाधा नहीं आती है।
2. घर के सभी कमरों में घड़ियां उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगानी चाहिए ताकि घड़ी देखते समय हमारा मुख पूर्व और उत्तर या शुभ दिशा की ओर रहे।
3. बेहतर स्वास्थ्य के लिए उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोएं, यानी आर्थिक, मानसिक और शारीरिक प्रगति अच्छी होगी।
4. बिस्तर के सामने दर्पण या दर्पण वाली अलमारी न रखें। इससे शरीर में ऊर्जा की हानि होती है और बीमारियाँ बढ़ती हैं।
5. घर में सुखी-समृद्ध जीवन के लिए टूटे हुए दर्पण, टूटे हुए खिलौने, टूटे हुए फर्नीचर आदि। वस्तु का भंडारण न करें.
6. भरपूर तरक्की और सफल सक्रिय जीवन के लिए घर में बंद घड़ियां नहीं रखनी चाहिए।
7. सोते समय बिस्तर घर की दक्षिण या पश्चिम दिशा में होना चाहिए, इसका मतलब अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि है।
8. घर के 25 से 60 वर्ष के कमाने वाले व्यक्ति को उत्तर दिशा की ओर पैर करके ��ोना चाहिए। उत्तर दिशा प्रगतिशील है अत: कोई भी कार्य उत्तर दिशा की ओर मुख करके करें।
भारत के नफ़रती मुस्लिम चिंटूवो देखों... आंखें खोल कर देखो... फिलिस्तीन के हमास "आतंकी" तिरंगे का उपयोग करके फिलिस्तीन से निकल रहे हैं?
क्योंकि तिरंगा देख कर ��जराइल नहीं मार रहा इन आतंकियों को। ये भारत की ताकत है...
और तुम भारत से ही गद्दारी करते ह�� 🚩
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