UPSI 2025 की भर्ती में एक अभ्यर्थी का दर्द
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मैं एक #UPSI अभ्यर्थी हूँ जो इस समय अत्यंत विकट मानसिक परिस्थिति से गुजर रहा हूँ। परीक्षा परिणाम आने के बाद मेरे माता-पिता का एक ही सवाल है—"अगर असफल हुए, तो कैसे? कितने अंकों की कमी रह गई?"
मगर अत्यंत क्षोभ का विषय है कि मेरे पास उनके इन बुनियादी सवालों का कोई जवाब नहीं है। बिना आधिकारिक डेटा क�� मैं स्वयं अंधकार में हूँ।
हमारी प्रमुख मांगें और समस्याएं:
1️⃣ पारदर्शिता का अभाव: बोर्ड ने अब तक अभ्यर्थियों का व्यक्तिगत Scorecard जारी नहीं किया है। हमें अपने 'Raw Marks' और 'Normalized Marks' के बीच का अंतर नहीं पता।
2️⃣ नॉर्मलाइजेशन का रहस्य: बिना Shift-wise Normalization Data के यह समझना असंभव है कि किस शिफ्ट को कितना फायदा या नुकसान हुआ है? Sections Wise नॉर्मलाइजेशन कितना हुआ है?
3️⃣ उत्तरदेयता: माता-पिता को लगता है कि शायद हमारी मेह���त में कमी थी लेकिन हम बिना किसी ऑफिशियल डेटा के नॉर्मलाइजेशन की जटिल प्रक्रिया या तकनीकी चीजों को अपने माता पिता को कैसे समझाएं?
4️⃣ संशोधित सूची: DV/PST के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की लिस्ट को सभी आवश्यक सुधारों और पारदर्शिता के साथ पुनः अपडेट कर जारी किया ��ाए जिसमें अभ्यर्थी के रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर के अतिरिक्त,
✅ अभ्यर्थी का नाम
✅ परीक्षा की शिफ्ट
✅ Raw Marks (वास्तविक अंक)
✅ Normalized Marks
✅ जेंडर और कैटेगरी (ताकि आरक्षण नियमों की स्पष्टता दिखे)।
सीएम @myogiadityanath महाराज जी, एक युवा के लिए परीक्षा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार का सपना होती है। जब तक स्कोरकार्ड और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया सार्वजनिक नहीं होती, तब तक यह असफलता हमारे चरित्र पर एक प्रश्नचिह्न बनी रहेगी?
अतः आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि अविलंब Scorecard और Normalization डेटा सार्वजनिक कर हमें मानसिक प्रताड़ना से मुक्ति दिलाएं। न्याय की उम्मीद में...🙏🚩
#UPSI_GIVE_SCORECARD
#UPSI_GIVE_NORMALISATION_DATA
#YOGIJI_REFORM_UPPRPB
@myogioffice @CMOfficeUP @homeupgov @ChiefSecyUP
आज पुलिस मुख्यालय में प्रान्तीय पुलिस सेवा के 92वें बैच के 12 प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों से भेंट कर उन्हें विश्व के सबसे बड़े पुलिसबल का हिस्सा बनने पर बधाई दी।
उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन केवल उपलब्धि नहीं—यह सेवा, समर्पण और उत्तरदायित्व ��ी बड़ी जिम्मेदारी है।
पुलिसिंग एक नौकरी नहीं, बल्कि Way of Life है—जिसमें उच्च आचरण, जवाबदेही और प्रोफेशनलिज़्म अपेक्षित है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये युवा अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा को और सुदृढ़ करेंगे।
उत्तर प्रदेश विधान सभा में प्रस्तुत बजट 2026-27 में कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक पुलिसिंग के लिए ₹44,000 करोड़ से अधिक के प्रावधान हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का हृदय से आभार।
यह बजट स्मार��ट, तकनीक-संपन्न और आधुनिक पुलिसिंग को नई गति देगा—साइबर थानों के आधुनिकीकरण, साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना, डिजिटल एवं फॉरेंसिक जांच सुदृढ़ीकरण, नई विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के सशक्तीकरण तथा वैज्ञानिक अन्वेषण हेतु विशेष प्रावधान इसके प्रमाण हैं।
मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला बीट कर्मियों हेतु नए वाहन, UP-112 के बेड़े का विस्तार, SDRF की नई टीमें तथा अग्निशमन सेवाओं का सुदृढ़ीकरण—ये ��भी कदम सुरक्षित, संवेदनशील और सक्षम उत्तर प्रदेश की दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगे।
यह बजट “सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश” के संकल्प को सशक्त आधार प्रदान करने वाला ऐतिहासिक कदम है।
At Police HQ, Lucknow, #PoliceManthan Session 07—led by nodal officer Shri Naveen Arora, ADG (Technical Services)—presented the roadmap on CCTNS 2.0, Nyay Sanhita & Forensics.
With rising crime complexity and cyber threats, the focus was on making policing data-driven, scientific and citizen-centric, integrating police records, FIR and investigation data through CCTNS, and strengthening faster justice delivery through digital provisions under the new criminal laws—e-FIR, Zero FIR, e-Summon and e-Sakshya.
#पुलिस_मंथन #CCTNS2 #NyaySanhita