आर्टिस्ट, कट्टर हिन्दू , लेखक, पूर्व अध्य्क्ष आर्ट कॉलेज जयपुर, कृपया शब्दो का इस्तेमाल सही से करे, गलियों का प्रयोग न करे क्यों कि इसमें हमारी phd है।
अगर कोई भगवा वस्त्र में इस त���ह की बात करता तो अब तक कांग्रेस समाजवादी पार्टी देश के सेकुलर लोग उसके ऊपर टूट पड़ते
लेकिन अगर कोई भगवा वस्त्र पहनकर मोदी सरकार पर योगी सरकार पर बकवास करता है तब यह सारे सेकुलर सूअर उसे धर्म गुरु और शंकराचार्य बोलने लगते हैं
अब यह भगवा कपड़े में छुपा हुआ धूर्त जंतर मंतर पर असामाजिक तत्वों द्वारा की गई पत्थरबाजी को सही बता रहा है और कह रहा है पत्थर बाजी ही नहीं गोलीबारी बम भी चलता तो भी वह सही था
और यह अपने आसपास अपने पाले हुए गुंडो को खड़ा कर लेता है और वह गुंडे सवाल पूछते पत्रकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करते हैं आप देखिए
मैं फिर से कह रहा हूं यह कोई हिंदू धर्म गुरु नहीं है यह विपक्ष पर के पे-रोल पर विदेशी ता���तों के पे-रोल पर काम कर रहा है
ये एक धूर्त व्यक्ति है वरना कोई भी व्यक्ति उन पुलिस वालों को जो घायल किया गया है उन पर की गई हिंसा को जायज नहीं बता सकता
यह देश संविधान से चलता है अगर आपको सरकार बदलनी है आप बेशक 5 साल के बाद बदल सकते हैं
और इन 5 साल ��ें अगर आपकी सरकार से नाराजगी है तो आप शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर सकते हैं लेकिन आप हिंसा को जायज कभी नहीं बता सकते
और हां जो पुलिस कर्मी बुरी तरह से घायल है उसमें से एक पुलिस कर्मी की बेटी मीडिया के सामने आई थी उसके पिताजी 15 साल भारतीय नेवी में मरीन कमांडो के पद पर रह चुके हैं और वह बता रही थी कि मेरे पिताजी ने रोते हुए मुझसे कहा कि 15 साल में नेवी में रहा देश के दुश्मनों ने भी कभी मेरे साथ हो हरक��� नहीं की जो दिल्ली के जंतर मंतर में असामाजिक लोगों ने मेरे साथ किया लेकिन फिर भी मेरे हाथ बंधे थे और मैं उनके ऊपर गोली नहीं चला सकता
और वह पूर्व भारतीय नेवी का मरीन कमांडो अपने सर पर 31 टांकों के साथ अस्पताल में भर्ती हैं अपना इलाज करवा रहे हैं
इस धूर्त को पता होना चाहिए कि इस पत्थरबाजी में कोई मंत्री कोई नेता कोई सांसद घायल नहीं हुआ है पुलिस कांस्टेबल होमगार्ड एसीपी यानि सारे के सारे पुलिस ��र्मचार�� ही घायल हुए हैं जो अपनी ड्यूटी निभा रहे थे जो अपना फर्ज निभा रहे थे
जुनैद के साल ने बता दिया कि जुनैद धर्मांतरण में बड़े पैमाने पर शामिल है और उसके घर हथियार भरे पड़े है , किसी भी धर्मांतरण वाले दिन गाय काटा जाता है और इसमें एक शाहनवाज नाम का कसाई भी शामिल है । साले साहब को धन्यवाद जो इसकी पोल खोल दी👌
My heart felt heavy after hearing what Modi Ji said. It genuinely broke me, and I couldn't hold back my tears. Some emotions are impossible to explain, no matter how hard you try. I just don't understand why people stoop this low disgusting.
एक-दो शर्ट दिन में नीं फाटे तो साहब म्हाने भी रात री ऊँग कोनी आए…कई-कई नेता तो ऐडा भी होवे जकां रे तो कड़फ़ भी भागे कोनी..हमें करा की:-भाटी साहब
@RavindraBhati__