समारोह में पौधरोपण से जरूरी जंगल बचाना है।
बड़े पैमाने में यदि पौधे लगाए जाएं तो भी वह कभी कुदरती जंगल नहीं बन सकते। एक पेड़ लगाने से कहीं बेहतर है सारा जंगल महफूज रहे आरा उस पर ना चले।
इस मानसून, बारिश की हर गिरती बूंद हमारे लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है। मैं अपने सभी साथियों, मित्रों और शुभचिंतकों से सहृदय निवेदन करता हूँ कि इस बार मेरे साथ मिलकर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
@dmbas_
भीषण गर्मी शुरू हो चुकी है और बस्ती शहर के तमाम सारे इंडिया मार्का नल व सभी वाटर ए टी एम सूखे पड़े हैं।
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बस्ती ध्यान दें व अविलंब इन नलों व वाटर ए टी एम को ठीक कराने का कष्ट करें।
आशा है पोस्ट को संज्ञान में लेकर त्वरित कार्यवाही होगी।
यह एक अत्यंत गंभीर और प्रासंगिक मुद्दा है कि नागरिकों में नागरिक बोध की कमी भारतीय समाज में दिन-प्रतिदिन एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। नागरिक बोध का अर्थ केवल स्वच्छता से नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार, कानूनों के पालन, सामाजिक नैतिकता और दूसरों के प्रति सम्मान से है।
एम्बुलेंस को रास्ता देना एक नागरिक कर्तव्य है, जो किसी की जान बचा सकता है। सायरन बजने पर अपने वाहन को दाईं या बाईं ओर (ट्रैफिक के अनुसार) करके तुरंत रास्ता दें।
"जैव विविधता का सम्मान करें,
मानवता पर अभिमान करें।"
विश्व वन्यजीव दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए इस अवसर पर हम संकल्प लें कि वन्यजीवों के संरक्षण, संकटग्रस्त प्रजातियों की रक्षा तथा उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के प्रयासों में सक्रिय सहयोग करेंगे।