जयपुर में प्रशासन हाई अलर्ट पर है लेकिन जैसा नेताजी का आदेश होगा, वैसा ही होगा....
नेताजी बोलेंगे राजधानी में घुसना है तो घुसेंगे, सामने चाहे कोई भी हो.....- प्रदेश के किसान
@hanumanbeniwal#हनुमान_का_जयपुर_कूच
अब केवल प्रतीक्षा का नहीं, निर्णायक कदम उठाने का समय है। मेड़ता से पुष्कर - अजमेर - किशनगढ़ - दूदू और जयपुर तक व इन शहरों/ कस्बों के आस-पास के किसान, युवा और हक की लड़ाई लोकतांत्रिक रूप से लड़ने में विश्वास रखने वाला हर जागरूक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कि यह आवाज किसी एक इलाके की नहीं बल्कि पूरे राजस्थान की अस्मिता की आवाज है इसलिए कूच में साथ आए | जब अन्याय लम्बे समय तक अ��सुना किया जाए, तो लोकतंत्र में जनशक्ति ही परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बनती है। आपकी मौजूदगी इस संघर्ष को दिशा देगी, आपकी संख्या इसे अडिग बनाएगी और आपका संकल्प सरकार तक स्पष्ट संदेश पहुँचाएगा कि जनता अब मौन नहीं, निर्णायक है।
जितनी बड़ी एकजुटता होगी, उतनी ही मजबूती से हक़ की बात रखी जाएगी। ��ह सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई है—जिसमें पीछे रहना विकल्प नहीं। आगे बढ़िए, साथ आइए, और इतिहास रचिए।
आज आपकी सहभागिता ही कल के न्याय की नींव बनेगी।
राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सांसद श्री रामेश्वर डूडी जी के निधन की ख़बर सुनकर गहरा दुख हुआ।
विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने हमेशा जनसेवा को प्राथमिकता दी और जनता के साथ सीधे जुड़े रहे। किसानों और वंचितों के ��धिकारों के लिए उनका संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा।
इस कठिन समय में मैं उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
किसानों की बुलंद आवाज़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री रामेश्वर डूडी जी का निधन अत्यंत दुखद है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति
X Trend Alert 🚨
जोजरी नदी के आस पास के गांवों में केमिकल भर जाने और समस्या समाधान नहीं होने के चलते मानवता बचाने के लिए RLP की तरफ से 11 अगस्त 2025 शाम 6 बजे से ट्विटर ट्रेंड रखा गया है मानवता को बचाने की लड़ाई में सभी अपना साथ देवें 🙏
#हनुमान_बचाएगा_जोजरी_में_मानवता
गांव के युवाओं से एक अपील — सरकारी स्कूलों को बचाइए, भविष्य संवारिए
आज हर गांव में एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों युवा बी.एड. और बी.एसटी.सी. कर चुके हैं या कर रहे हैं। अगर आप शिक्षक बनने और सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं, तो यह समय सिर्फ इंतजार करने का नहीं, कुछ करने का है।
सरकारी स्कूलों को बचाना, आपका भी कर्तव्य है।
बच्चों का नामांकन निजी स्कूलों की बजाय सरकारी स्कूलों में कराएं और अपने खाली समय में इन स्कूलों में वालंटियर के रूप में सहयोग करें। जब स्कूल बचेंगे, बच्चों की संख्या बढ़ेगी, शिक्षा का स्तर सुधरेगा — तभी नए पद सृजित होंगे और आपके सपनों की सरकारी नौकरी भी संभव होगी।
> जड़ों की रक्षा करिए, फल-फूल अपने आप मिलेंगे।
अब समय आ गया है कि हम सिर्फ अपने लिए नहीं, पूरे समाज के लिए सोचें। सरकारी स्कूल अब सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं हैं, वे पूरे समुदाय की जिम्मेदारी हैं।
आपका छोटा सा प्रयास किसी बच्चे का भविष्य संवार सकता है — और आपके अपने सपनों की राह भी खोल सकता है।