बांकीपुर उपचुनाव- कोई बता सकता है कि गोलघर शाखा क्या है? किसकी शाखा है? पहली तस्वीर 19 जुलाई को ली गई थी। पटना पुलिस लाइन के ठीक सामने वाली सड़क के घरों पर पोस्टर लगा था। 27 जुलाई को चेक कराया तो इसे किसी ने हटा दिया था। अल्प विराम, पूर्ण विराम हिंदी के प्रसार के लिए दक्षिण की यात्रा पर चले गए हैं।
बांकीपुर में खुलेआम भगवा को वोट देने के पोस्टर लगाए गए। भाजपा का नया नाम है भगवा को वोट दो। एक उप चुनाव भी साफ सुथरे ढंग से नहीं जीता जाता है और रिजल्ट आने पर उसका विश्लेषण जनादेश के नाम पर किया जाएगा। दूसरे पोस्टर में सिंदूर के रंग के नाम पर वोट माँगा जा रहा है। इस पर लिखा है हम लोगों के आराध्य का रंग भगवा है। बगल में मर्यादा राम की तस्वीर है। बस विपक्ष ने मंदिर के फोटो के साथ चंदा चोरी का पोस्टर नहीं लगाया, लगाता तो सौ FIR हो जाती।
जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री ही गुंडा हो, वहाँ की पुलिस का अपराधी होना स्वाभाविक है।
बिहार पुलिस को छात्रों पर AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया? 3 छात्रों को गोली लगने की घटना का जवाबदेही कौन तय करेगा?
कहने को इस देश में लोकतंत्र है क्योंकि यहाँ के लोगों को अपने हक के लिए बोलने ओर शांतिपूर्ण आंदोलन करने का हक भी नहीं है, ये सारी पार्टियां मिलके देश को फिरसे गुलाम बनाने पे तुली है सभी की मिली भगत है।
Reservation
#Ethanol#NEETExamProtest#DemocracyWin#StudentPower
बिहार के बांकीपुर में ₹1.57 करोड़ की लागत से बने एक स्कूल कक्षा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उद्घाटन मंत्री नितिन नवीन ने किया था। वीडियो में क्लास की हालत देखिए-
जिन मोहम्मद इरफान से आज राहुल गांधी और मीडिया मिल रहे हैं, उनसे मैं 3 साल पहले पहलवानों के प्रोटेस्ट में मिली थी। इस बार भी मुलाकात हुई तब के सब्जी बेचने वाले इरफान ने संघर्ष से सीखकर आज अपनी बात को और भी मजबूती से रखना सीख लिया है। ये पिछली मुलाकात की वीडियो है!
#rahulgandhi
फर्जी एनकाउंटर वाली BJP सरकार का अहंकार बढ़ता ही चला जा रहा है! अपराधी को राज्य के शीर्ष पर बिठाने वाली सरकार में बैठे लोगों को अपराधियों और छात्रों का फर्क नहीं पता, सरकार का दायित्व नहीं पता, पुलिस का कर्तव्य नहीं पता!
अनर्गल बयानबाजी और मीडिया मैनेजमैंट को ही गवर्नेंस मान लिया गया है! सीवान में AK47 से हुई गोलीबारी में एक सिपाही को बलि का बकरा बनाया जाना मंजूर नहीं! गोली चलाने का आदेश देने वाले और निरंकुश आचरण को बढ़ावा देने वाले पर कार्रवाई होना चाहिए।
बांकीपुर में ये गेट लगा है। विकास के नाम पर वोट माँगने से चुनाव आयोग को भी दिक्कत नहीं है। अगर विपक्ष इस इस तरह के बैनर लगवा दे कि मंदिर में चंदा चोरी करने वालों को वोट नहीं दें तो चुनाव आयोग चारों तरफ़ दिखाई देने लगेगा। इसलिए इस देश में चुनाव मज़ाक बन गया है। कई दिनों से इस तरह के तोरण द्वार लगे हैं।
इसका एक और मतलब है। विपक्ष के नेता और कार्यकर्ता गलियों में घूम नहीं रहे हैं और घूम भी रहे हैं तो इन बातों पर नज़र नहीं पड़ रही है।
आज इरफ़ान बाबू शाम को घर आये और घंटों बातें हुईं, दिन में राहुल गॉंधी जी इरफ़ान के घर गये थे तो इरफ़ान आज बहुत ख़ुश थे, राहुल जी से बातचीत के ख़ूब क़िस्से सुनाए, मेरी कई पुरानी नज़्में सुनाईं।
इरफ़ान जैसे युवा लोकतंत्र और संविधान की प्रस्तावना के बोलते हुए शब्द हैं, इनके ज़मीर की ज़िंदादिली यूँ ही बरक़रार रहे।
हमने इरफ़ान की हिम्मत के लिये उन्हें सम्मानित किया और परिवार के लिये ढ़ेर सारी मुहब्बतें भेजीं।
इरफ़ान आप यूँ ही मुस्कराते रहिये❤️