पटना में बैठे कुछ वरीय पदाधिकारियों द्वारा जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि जहाँ भी राजद का स्पष्ट बहुमत दिखाई दे, वहाँ काउंटिंग धीमा कर दिया जाए तथा जहाँ NDA की बढ़त दिखाई दे, वहाँ तुरंत रिजल्ट घोषित कर दिया जाए ताकि रिजल्ट में एनडीए को बढ़त दिखाकर गोदी मीडिया की मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जा सके।
ऐसे पदाधिकारियों की पहचान कर ली गयी है उन्हें चेतावनी है कि अपनी कार्यशैली सुधार लें अन्यथा हर प्रकार के कठोर दंड के लिए तैयार रहें।
कथित तौर पर EVM से भरा हुआ ट्रक सासाराम (रोहतास जिला) के मतगणना केंद्र बिना किसी पूर्व सूचना और पारदर्शिता के जिला प्रशासन द्वारा क्यों घुसाया गया?
ट्रक चालकों को सामने लाए बिना क्यों भगा दिया गया?
2 बजे से यहां CCTV कैमरा का फीड क्यों बंद रहा?
पूरा फुटेज जारी किया जाए!
ट्रक में क्या है प्रशासन बताए!
@CEOBihar@ECISVEEP का स्पष्टीकरण तुरंत आए अन्यथा हजारों लोग #वोटचोरी रोकने के लिए मतदान केंद्र तुरंत पहुंचेंगे!
अर्नब गोस्वामी को भी पता चल चुका है कि हवा बदल रही है, बीजेपी प्रवक्ता को धो रहा है 🚨
“बीजेपी प्रवक्ता- दुलार चंद यादव कोई हरिश्चंद्र की औलाद नहीं थे”
“अर्नब गोस्वामी- अनंत सिंह क्या हरिश्चंद्र की औलाद है? 🤣🤣
संविधान ने सभी को वोट डालने का अधिकार दिया, लेकिन चुनाव आयोग ने जिंदा लोगों को मार दिया।
जिन्होंने पिछले चुनाव में वोट डाला, उनका नाम भी काट दिया गया।
जब मैंने उन लोगों से पूछा कि आपका नाम वोटर लिस्ट से क्यों काटा गया तो जवाब मिला- ऊपर से ऑर्डर आया है।
इसका मतलब नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग मिलकर लोगों के नाम काट रहे हैं।
: 'वोटर अधिकार यात्रा' में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 औरंगाबाद, बिहार
EC ने ज़िंदा लोगों को मरा हुआ घोषित कर दिया। EC ने उन लोगों को भी वोटर लिस्ट से हटा दिया जिन्होंने अभी लोकसभा चुनाव में वोट डाला था। EC ने एक बार फिर डिजिटल, मशीन-रीडेबल वोटर रोल देने से इनकार कर दिया। EC अब CCTV फुटेज न देने के लिए बहाने पर बहाना बना रही है। SIR के नाम पर खुलेआम की जा रही है।
- राहुल गांधी
मैं सवाल पूछता हूं कि सीसीटीवी का कानून क्यों बदला , मैं सवाल पूछता हूं कि 2023 में यह कानून क्यों लाया गया है चुनाव आयोग कमिश्नर पर कोई केस नहीं किया जा सकता ?
- राहुल गांधी ( नेता विपक्ष )
राजीव कुमार - पूरा सीसीटीवी डेटा देखने में 3600 साल लगेंगे
ज्ञानेश कुमार - सीसीटीवी फुटेज देने से महिलाओं की प्राइवेसी का खतरा है।
ऐसा क्या है सीसीटीवी फुटेज में जो चुनाव आयोग किसी भी कीमत में बाहर नहीं आने देना चाहता ?
मोदी जी : दिल्ली को वर्ल्ड क्लास बनाएंगे
CM रेखा गुप्ता : इस बार पानी कही जमा नहीं होगा
जल मंत्री प्रवेश वर्मा : 500 गुना तैयारी करी है
1 बारिश के बाद देश की राजधानी दिल्ली
Dear @AshwiniVaishnaw@RPF_INDIA@IRCTCofficial,
We need to see these MFs behind the bars.
Asking for extra money has become a norm in trains, and this is how your staff treat a passenger? They should be severely punished.
The case is being taken with utmost seriousness. A penalty of ₹5 lakh has been imposed on the caterer. An FIR has been lodged by GRP, Kathua. The matter remains under strict watch. Stern action will follow based on the investigation outcome.
पिछले 11 दिन से राजस्थान के एक गाँव में विपश्यना ध्यान शिविर में था। मौन, एकांत, और अपने ही अंतर्मन का अवलोकन। फोन भी बंद था, बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटा हुआ। आज सुबह ही शिविर पूरा हुआ।
विपश्यना सिर्फ ध्यान नहीं, एक गहरी आध्यात्मिक यात्रा है। दिन में 12+ घंटे केवल अपनी साँसों को देखना, बिना किसी प्रतिक्रिया के बस अपने मन और शरीर को समझना। गौतम बुद्ध की वही सीख— चीजों को वैसे ही देखना, जैसी वे वास्तव में हैं, न कि जैसी हम उन्हें देखना चाहते हैं।
इस यात्रा में कोई संवाद नहीं। न फोन, न किताबें, न लेखन, न ही किसी से नज़रों का सामना। पहले कुछ दिन दिमाग़ भागता है, बेचैन होता है, लेकिन धीरे-धीरे समय ठहरने लगता है। एक अजीब-सी शांति हर हलचल के बीच जन्म लेने लगती है।
सबसे दिलचस्प बात यह लगी कि शिविर में 75% लोग 20-35 वर्ष की उम्र के थे। जब आख़िरी दिन बातचीत की, तो पता चला कि सफलता की दौड़ थकान, उलझती ज़िंदगियाँ और भीतर की बेचैनी उन्हें इतनी कम उम्र में ही इस राह पर ले आई है।
उनकी शिकायत थी कि जिस शिक्षा ने उन्हें सफलता की इस दौड़ के लायक़ बनाया है उसमें इस थकान और इन उलझनों से निपटने का मंत्र भी सिखा दिया जाता तो हर पढ़े लिखे इंसान की ज़िंदगी कितनी खुशहाल भी हो सकती है।
मुझे ख़ुशी है कि दिल्ली का शिक्षा मंत्री रहते हुए स्कूलों मे हैप्पीनेस पाठ्यक्रम के तहत रोज़ाना हर बच्चे के लिए #HappinessClass शुरू करा सका। यह शिक्षा के मानवीयकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है जिसका ज़िक्र विपासना ध्यान में दस दिन बिताने के बाद के बाद ये युवा कर रहे थे।
आज शाम तक दिल्ली लौटूँगा, नई ऊर्जा और नए जोश के साथ। और संकल्प वही—देश के हर बच्चे को शानदार शिक्षा मिले। अच्छी शिक्षा हर बच्चे को न सिर्फ़ सफल बल्कि एक बेहतर इंसान बनाए। शिक्षा के मानवीयकरण का काम भी तो आगे बढ़ाना है।
और हाँ, अगर जीवन में आपको भी कभी मौका मिले, तो 10 दिन का यह अनुभव ज़रूर लें। यह केवल चित्त की शांति का मार्ग नहीं, बल्कि स्वयं को जानने का एक दुर्लभ अवसर है। मेडिटेशन कोर्स का विवरण यहाँ देख सकते हैं — https://t.co/O0GkepPfcJ
May all experience the magical peace in life.
#Vipassana
ऐसी सरकार को डूब मरना चाहिए
ऐसी भगदड़ में वीआईपी मंत्री क्यों नहीं मरता?
रेल मंत्री और प्रधानमंत्री को देश से माफ़ी मांगते हुए
अपने अपने पदों से तत्काल इस्तीफ़ा देना चाहिए