@Voiceofpavan मुसलमान को इस पर विचार करना चाहिए कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव बीजेपी से मिलकर मुसलमान का नुक़सान करवा रहे हैं अब मुस्लिम समाज को समझ जाना चाहिए।
क्या अब भी किसी को रत्तीभर भी सन्देह है कि अखिलेश यादव भाजपा के एजेन्ट नहीं हैं?
भाजपा नेता ओम बिरला के साथ फोटो खिंचवाते समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव
BSP को तोड़ने के लिए BJP ने 2014 के बाद BSP के सभी OBC नेताओं को तोड़ा। तोड़ने के लिए ये लोग क्या करते हैं आपको पता है।
OBC नेताओं को तोड़के BJP को लगा कि BSP टूट जाएगी। ��ेकिन जो टूट जाएगी वह BSP कैसे?
BSP विचारधारा और आंदोलन है, सिर्फ पार्टी नहीं, इसलिए पार्टी दोबारा खड़ी हुई है।
इस बार BSP क्यों जीत रही है, इसका कारण चुनाव के बाद बताऊंगा।
आज दिनांक 10-08-2026 को जनपद हाथरस विधानसभा साद��बाद में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में आदरणीय बहनजी का संदेश लेक�� पहुंचे बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक माननीय श्री आकाश आनंद जी का संबोधन।
"इस बार वोट हाथी को
अपने पुराने साथी को"
#बहनजी_का_संदेश
#युवाओ_की_आस_आकाश
#जयभीम #मिशन_2027
#हाथरस #lucknow #BSP
@ShivrajXind अखिलेश अंकल से पूछों अपनी सपा में जो नेता हैं कहां से आए हैं बसपा के नेता हैं पूरे खानदान क�� बसपा सांसद, मंत्री, विधायक, राज्यसभा भेज सकती है क्योंकि अखिलेश अंकल के बस का नहीं है कि वह बीजेपी को हराकर सरकार बना ले खाली जनता को गुमराह किया जाता है हर चुनाव में जनता सब सयझ रही है।
@ShivrajXind 2027 में अखिलेश यादव को भेजना उमाशंकर सिंह के पुत्र प्रिन्स के सामने आकर चुनाव लड़ें तब पता चलेगा कि बसपा मजबूत है कि नहीं। तुम लोगों जैसा कार्यकर्ता जिस भी पार्टी में रहेंगे उस पार्टी को निगल जाओगे समाजवादी पार्टी मुल्लों की पार्टी है मुल्ला ओवैसी को वोट कर दिया तो अखिलेश 00
दिल्ली के एलीट स्कूलों में SC/ST/OBC का प्रतिनिधित्व लगभग शून्य है। सरकारी संस्कृति स्कूलों में भी OBC 1.37%, SC 2.7% और ST 0.72% ही हैं।
फिर भी जब मौका ��िलता है, यही बच्चे AIIMS जैसी परीक्षाओं में टॉप करके दिखाते हैं।
समस्या प्रतिभा की नहीं, एक्सेस और अवसर की है।
डॉक्टर बाबा साहब यह जानते थें कि यदि मौका मिला तो, बहुजन बच्चे इतिहास रच देंगे।
बाबा साहब की दूरदर्��िता को नमन!🙏
हां तो सच कहा भाई ने आरक्षण की नहीं बल्कि "पृथक निर्वाचन क्षेत्र"(Separate Electorate) की मांग की गई थी। आरक्षण पूना पैक्ट द्वारा ज़बरदस्ती थोपा गया यह सच बाबा साहब को पढ़ने वाले सभी जानते हैं।
अरे!पूरी बात तो सुनी होती मोहतरमा बस अपना एजेंडा खोज ली, शर्मनाक!
SC ST OBC का मेरिट में चयन होने का मतलब यह नहीं है कि आरक्षण खत्म कर दिया जाना चाहिए।
इसका वास्तव में अर्थ है–
◾SC ST OBC छात्र मेहनती हैं। भारत में केवल सामान्य वर्ग के छात्र ही कड़ी मेहनत नहीं करते।
◾ SC ST OBC छात्रों में योग्यता (मेरिट) है। इसका अर्थ है कि आरक्षित उम्मीदवारों को कार्यकुशलता प्रभावित किए बिना सभी स्तरों पर लिया जा सकता है। एक तरह से यदि वे अधिक सचिव, संयुक्त सचिव SC ST OBC से लेते ह���ं, तो कार्यकुशलता प्रभावित नहीं होगी।
◾अंतिम लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, यदि SC ST OBC में योग्यता है, तो निजी क्षेत्र में आरक्षण क्यों न लागू किया जाए? न्यायपालिका और उच्च सिविल सेवाओं में आरक्षण लागू क्यों न किया जाए?
ये विचार करने योग्य महत्वपूर्ण प्रश्न हैं।
जब टॉप इंस्टिट्यूट में ही रिज़र्वेशन नहीं दिया जाता, तो आप रिज़र्वेशन में सुधार कैसे कर सकते हैं या उसे कैसे हटा सकते हैं। 2019 के डेटा के मुताबिक, देश के 23 IIT में कुल 8,556 सीटें हैं।
◾ जनरल सीटें = 4,876
◾ OBC सीटें = 329
◾SC सीटें = 144
◾ST सीटें = 21
SC, ST और OBC कैटेगरी की आबादी लगभग 85% है, लेकिन उन्हें कुल सीटों में से सिर्फ़ लगभग 9% ही दी गई हैं।
ब्राह्मणवादी लोग रिज़र्वेशन हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि रिज़र्वेशन दिया ही नहीं गया है।
सीवर साफ़ करते हुए अभिनव मिश्रा, रजत अय्यर, शोभित बनर्जी और आर्यन अग्रवाल की मौत!
यह खबर जिस दिन आ गई, उसक��� छह महीने के अंदर देश में मशीन से सीवर व नाले नाली साफ़ होने लगेंगे। सीवर व नाले की सफ़ाई की टेक्नोलॉजी तो दुनिया में 1849 से है। पर भारत में नहीं हो पाएगा।
जिसकी समस्या है, वह न पॉलिसी में है, न कोर्ट में, न मीडिया में।
जिस दिन ऐसी न्यूज़ टीवी और अखबारों में दिखने लगे उस दिन के बाद हमारे लोगों को आरक्षण देना बंद कर दीजिए।
जबतक ऐसा नहीं होता तबतक समानता कहां? और यदि समानता नहीं तो फिर यह आरक्षण ऐ��ी सामाजिक समानता होने तक जारी रहना चाहिए।
आगामी समय में प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण ज़रूर लागू होगा, इसे कोई नहीं रोक सकता। 🔥🔥🔥🔥
BSP के राज्यसभा MP रामजी गौतम ने SC, (ST), और (OBC) समुदायों के लिए प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू करने की मांग राज्यसभा में ज़ोरदार तरीके से उठाई। सभी साथियों को बधाई मांग अब संसद में भी उठने लगी है।