सिनेमा की चकाचौंध को पीछे छोड़, राँची में आंदोलनकारी छात्रों के बीच ज़मीन पर बैठे पीयूष मिश्रा जी ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ शब्दों के जादूगर नहीं, बल्कि ज़मीर के पक्के इंसान हैं।
जहाँ आज सब मौन हैं, वहाँ उन्होंने युवाओं की आवाज़ को बुलंद किया। ऐसे सच्चे और हिम्मती कलाकार पर पूरे देश को गर्व है।
#PiyushMishra #Ranchi #Students #YouthVoice
बहुत सही सवाल किया है इन महाशय ने
पैसे लेकर देश विरोधी कंटेंट वायरल करने के बाद META के माफ़ी मांगने से केजरीवाल को खुजली क्यों हुई?
क्या पैसा देने वाला ये केजरीवाल ही था??
100 बिलियन डॉलर की डील हो रही है यूएस से उसमें 20 बिलियन इथेनॉल के लिए देश पर थोपा जा रहा है -AAP प्रवक्ता
जब मैंने पूछा सुबूत दिखाओ कागज दिखाओ - तो कहते केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस देख लो
Deal हुई है अभी ? नहीं
Ministry कह चुका है के हम कोई इथेनॉल नहीं इंपोर्ट कर रहे
ये लोग झूठे हैं और झूठ के आधार पर देश में आग लगाना चाहते हैं…….
खुद पर बात आई तो औकात में आ गए?
यही औकात कॉक्रोचो का है।
अरे बेशर्मों,
कई विधार्थियों का करियर बर्बाद कर दिया
खुद कहां से लाखों रूपए किराए भर रहें हो?
तुम चिंता ना करों
एक एक रूपए का हिसाब लिया जाएगा
कहां से इतनी फंडिंग हो रही है, उसका भी पोल खुलेगा
मैंने पहले भी कहा था कि कुछ आंदोलनजीवी चाहते थे कि भूख हड़ताल में ही सोनम वांगचुक की मौत हो जाए। ताकि आंदोलन और भड़के और भारत को नेपाल और बांग्लादेश बना कर चोर दरवाजे से सत्ता को हथियाया जा सके। कल सोनम वांगचुक ने जो खुलासा किया वो इसी तरफ संकेत करता है।
याद रहे योगेंद्र यादव, राहुल गांधी के सलाहकार हैं, उन्होंने भी सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म होने पर निराशा जताई थी। और उन्होंने यह भी कहा था कि भारत अब संसद से या चुनावो से नहीं चलेगा, सड़क के आंदोलन से चलेगा।
जंतर मंतर प्रोटेस्ट में एकाउंटेबिलिटी और ट्रांसपेरेंसी की बड़ी बड़ी बातें हुई थीं।
ऐसे में अगर आज प्रोटेस्ट के नेताओं अभिजीत दीपके और सौरव दास से लोग एकाउंटेबिलिटी की डिमांड करते हुए उनके लक्ज़री लाइफस्टाइल पर होने वाले खर्च का हिसाब मांग रहे हैं तो इसमें गलत क्या है ?
सपा विधायक:- (नारा लगाते हुए) चंदा चोर गद्दी छोड़
सतीश महाना:- आप लोगो मे किसी ने चंदा दिया हो तो रसीद लेकर आ जाओ😳
जरा देखे तो सही आपका कौन सा पैसा चोरी हुआ है
सपा विधायक:- बजरंगबली को नचाने वाले कहां मिलेंगे, BJP के दफ्तर में
सतीश महाना:- अनिल प्रधान तुम तो पैदा भी नही हुए थे जब मंदिर बना था 😳
सपा विधायक:- NEET का पेपर कहां मिलेगा, BJP के दफ्तर में
सतीश महाना:- मै बताता हूं कहां मिलेगा
जिस समय छद्मभेष को निकाल दिया जाएगा तो जो देश की संसद के बाहर मिला वो वहीं मिलेगा !!
सतीश महाना यूपी विधानसभा के अध्यक्ष/स्पीकर है जो स्पीकर होने के बावजूद आज सदन मे भाजपा की तरफ से पूरी तरह सा मोर्चा सम्भालते दिखे !!
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।