इथेनॉल को लेकर सरकार खूब हाथ पैर मार रही है…
लेकिन जनता के मन में वही एक सवाल हैं…
इथेनॉल मिलाकर भी पेट्रोल की क़ीमत कम नहीं हो रही…
तो फिर हम E20 क्यों ख़रीदे…
इससे अच्छा तो हमें वही पुराना पेट्रोल ही दे दो…!!!
और फिर भी यदि सरकार को इथेनॉल वाली नौटंकी करनी ही हैं
तो ग्राहकों को विकल्प दे दो…
जिसका जो मन होगा वो वैसा फ़्यूल भरवा लेगा….!!
तहसीन पूनावाला ने एथेनॉल मुद्दे के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की थी. लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया. वीडियो जारी कर तहसीन पूनावाला ने बताया कि दिल्ली पुलिस के अनुसार, तहसीन की सोशल मीडिया अपील के बाद इस हड़ताल में हज़ारों की भीड़ आ रही थी. इसलिए उन्हें हाउस अरेस्ट करना पड़ा. सुनिए पूरी बात...
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 3 दिन तक हजारों किसान सड़कों पर डटे रहे। कई जगह पुलिस से टकराव हुआ। वह CM हाउस जा रहे थे। 22 बेरीकेड्स पार कर चुके थे। सिर्फ 3 बेरीकेड्स बचे थे। सरकार की तरफ से बातचीत का बुलावा आया और ज्यादातर मांगों पर सहमति बन गई। आंदोलन खत्म हुआ।
सवाल यह है कि क्या अब आंदोलन के बाद ही सरकारें आपकी मांग पूरी करेंगी?
देश के हर कोने से छात्रों का सालों पुराना दर्द बाहर आ रहा है - उनकी मेहनत को जिस तरह से कुचला गया है कि झारखंड JPSC परीक्षा विवाद अब सिर्फ़ आरोपों तक सीमित नहीं रहा। CID ने अब तक 10 लोगों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें JPSC की पूर्व Deputy Controller of Examinations और डेटा प्रोसेसिंग कंपनी (TDPL) के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। OMR में गड़बड़ी, रिज़ल्ट प्रोसेसिंग और भर्ती अनियमितताओं की जांच जारी है।
अब ये होगा तो या तो लोग भी यही घूस देने को मजबूर होंगे या फिर डर से किताबें छोड़ने लगेंगे - ऐसे बनेगा भारत महान?
दिनांक 29 जुलाई 2026 को JPSC-JSSC के पीड़ित छात्रों द्वारा *"संविधान मार्च"* का आयोजन दिनांक: 29 जुलाई 2026 ,समय: सायं 3:00 बजे से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची से अल्बर्ट एक्का चौक, रांची तक कर रहे है!
झारखंड के सभी युवा साथी इस संविधान मार्च में शामिल होकर भ्रष्टाचार-मुक्त एवं पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को सशक्त बनाने का विनम्र आग्रह करेंगें!!
झारखंड के युवा आखिर किस पर भरोसा करें?
कहीं पेपर लीक, कहीं OMR पर सवाल, कहीं Result में गड़बड़ी, कहीं भर्ती प्रक्रिया ही विवादों में।
जिस राज्य के युवाओं को सबसे ज़्यादा एक निष्पक्ष व्यवस्था और बेहतर भविष्य की ज़रूरत है, वहीं उनके सपनों के साथ बार-बार खिलवाड़ हो रहा है।
आख़िर इतनी धांधलियों के बीच कोई युवा व्यवस्था पर विश्वास कैसे करेगा?
अगर युवाओं का भविष्य ही सुरक्षित नहीं होगा, तो किसी भी राज्य का भविष्य बेहतर कैसे बनेगा?
जिनके राज में टीवी न्यूज़रूम गाली का अड्डा बना, जहाँ महिलाओं के सामने माँ बहन की गाली दी जाए, चीखने चिल्लाने की प्रथा हो - वो Gen Z के एक गुट की गाली पर समाज के लिए चिंतित हैं। जैसे यह गालीबाज़ एंकर अकेले पूरा पत्रकारिता जगत नहीं, वैसे ही गालीबाज़ GenZ पूरा GenZ समाज नहीं।
Our reach has dropped by 95% by twitter in the last 24 hours.
If you’re seeing this post, comment “E20” so we know it’s reaching real people. Every comment helps boost visibility.
उत्तर प्रदेश में Gen–Alpha छात्रों का पहला आंदोलन सफल
> हर क्लास रूम में कल तक 4–4 पंखे लगेंगे
> वायरिंग को दुरुस्त किया जाएगा
> डेस्क बेंच एक महीने में मिल जाएगी
> एक RO वाटर कूलर लगाया जाएगा
प्रदर्शनकारी छात्रों को लिखित रूप में यह सब आश्वासन दिया गया है। नई जेनरेशन अब अकाउंटेबिल्टी चाहती है। फतेहपुर के DIOS राकेश कुमार को सुनिए...👇
@bnetshukla