आज तक के पत्रकार राजदीप सरदेसाई मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे का इंटरव्यू ले रहे थे उन्होंने पूछा क्या आप नेपोकिड है।
प्रियंका खड़गे इतना सुनते ही तिलमिला गए उन्होंने राजदीप सरदेसाई से पूछा आपके मीडिया में कोई भी मीडिया
एक बार पूछा है कि जय शाह कितने रणजी मैच खेला है ..?
आपने एक बार भी पूछा है अनुराग ठाकुर कितना रणजी मैच खेला है..?
किसी के पूछा अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश के क्रिकेट टीम में सीधा बीसीसीआई में आए हैं।
लेकिन प्रियांक खड़गे के आने से प्रॉब्लम सबकों हैं।
किसी भी पार्टी के नेता से परिवारवादी राजनीति पर पूछने से पहले मीडिया आम आदमी से क्यों नहीं पूछना चाहती हैं।
उनकी क्या मजबूरी है जो इस परिवारवादी राजनीति के चंगुल मे फंसती जा रही हैं ।
इंडिया की जनता को सोचना होगा वो किस तरह के सिस्टम में फंसती जा रही हैं।
चाय बेंच कर जो प्रधानमंत्री बनें वह पद मिलते ही चाय जिसमें उबालते हैं. उस गैस के दाम बढ़ाने दिया, चीनी के दाम बढ़ाने दिया. पत्ती के बाम बढ़ने दिया. दूध के दाम बढ़ने दिया. इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि जिस रास्ते से चलकर सफलता मिला, उस रास्ते में चलते हुए कदम के निशान मिटाते चले गए. ताकि भविष्य में कोई इस रास्ते से चलकर देश के शीर्ष पद पर न पहुंच सके.
ऐसे लोगों से क्या उम्मीद कीजिएगा कि वह किसी जमीनी कार्यकर्ता को ऊपर उठने देंगे? कहते तो हैं कि हमारे साथ खड़े अंतिम छोर तक के कार्यकर्ता को मौका देंगे, लेकिन देते नहीं हैं. जिससे हताश होकर कार्यकर्ता पार्टियों से कभी इस्तीफा दे देते हैं तो कभी पार्टी में रहकर निष्क्रिय भूमिका निभाते हैं.
#चाय_पे_खर्चा
फोटो AI जेनरेटेड