@JaikyYadav16 jee
अभिनव पांडेय — यह ��ानते हुए भी कि उनके लाखों दर्शक उसी वर्ग से आते हैं, वे सच के साथ पूरी ईमानदारी से पत्रकारिता कर रहे हैं। जो गलत है उसका खुलकर विरोध करना आसान नहीं होता l इसके लिए हिम्मत, ईमान और ज़मीर चाहिए, जो हर किसी के पास नहीं होता।
वे सरकार से आम आदमी के सवाल पूछते हैं,
मुद्दों पर बिना डरे, बिना झुके बोलते हैं।
यही वजह है कि कुछ लोग उनकी बढ़ती विश्वसनीयता और लोकप्रियता से
जलन में बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।
अगर चाहते तो पेड ट्वीट्स और गोदी मीडिया का आरामदेह रास्ता उनके लिए भी खुला था,
लेकिन उन्होंने सच का कठिन रास्ता चुना।
अभिनव @Abhinav_Pan जैसे निडर और ईमानदार पत्रकार को सलाम l
क्योंकि यह साहस हर किसी के बस की बात नहीं। ✊
इनका नाम "अभिनव पाण्डेय" है। इन्होंने The Lallantop छोड़कर News Pinch बनाया, इनका ये चैनल "मुसहर जाति" पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाकर उठ गया। मुसहर जाति SC वर्ग में आती है।
अभिनव पाण्डेय आजकल UGC के विरोध में मोर्चा संभाले हुए हैं, मगर यहाँ यह जानना दिलचस्प है कि
अभिनव पाण्डेय के News Pinch के लगभग 80 फ़ीसदी Subscriber बहुजन समाज के होंगे, यही नहीं मैं यह भी दावे के साथ कह सकता हूँ कि
अभिनव पाण्डेय के News Pinch की लगभग 90 फ़ीसदी व्यूअरशिप भी बहुजन समाज से ही होगी।
इनके रंग मैं तो बहुत पहले से जानता हूँ मगर आप लोग भी इनके रंग देख लीजिए और ढंग से समझ लीजिए।
फ्रिज ठंडा कैसे करता है? | जानिए अंदर का पूरा साइंस
❄️ कंप्रेसर, रेफ्रिजरेंट और हीट ट्रांसफर का वो साइंस
जो हर घर में चलता है — लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं।
#ScienceHindi#HowThingsWork#FridgeScience
भाइयो और बहनो,
पुरव झा ने “ALL IZZ HELL” में कोई कहानी नहीं गढ़ी —
उसने बस आईना उठा दिया।
और आईना हमेशा कुछ लोगों की आँखों में चुभता है।
दिन-रात रटा हुआ जुमला चलता है —
“सब कुछ शानदार है, दुनिया हमसे जलती है!”
लेकिन जैसे ही किसी ने बोल दिया कि
बेरोज़गारी चरम पर है,
महँगाई आसमान पर है,
युवा दबाव में टूट रहे हैं,
और सिस्टम… रहने ही दो —
तो तुरंत ट्रोल आर्मी ऑन ड्यूटी।
“All Izz Well” का मास्क सबने पहन रखा था,
पुरव ने बस उसे खींचकर उतार दिया।
अब सच सामने है —
Well तो कब का गायब हो चुका,
पूरा सिस्टम HELL-फेयर स्टेट बन गया है।
जो लोग तिलमिला रहे हैं,
उन्हें वीडियो से दिक्कत नहीं है,
उन्हें अपने सच से दिक्कत है।
ट्रोल करने वालों,
एक बार दिल पर हाथ रखकर देखो —
कहीं तुम पहले से ��ी
“HELL” में तो नहीं जी रहे?
फुल सपोर्ट पुरव झा को।
ऐसी ही आवाज़ें उठती रहें,
ऐसे ही आईने दिखते रहें।
पूरा वीडियो देखो,
फिर तय करो —
झूठ क्या है, और सच क्या।
#RealityCheck पूरा वीडियो देखो, फिर खुद फैसला करो कि सच क्या है
#AllIzzHell
#PuravJha
#RealityCheck
#SachKadwaHai
#MirrorToSystem
मैं एक बार जिसको फॉलो कर लेता हूं फिर कभी अनफॉलो नहीं करता।
लेकिन जो मुझे अनफॉलो कर देते है या फॉलो बैक नहीं करते हैं, मै उनको खोज कर अनफॉलो करता हूं
आप लोग क्या करते है??
🇮🇳 गणतंत्र दिवस 🇮🇳
26 जनवरी सिर्फ़ एक तारीख नहीं,
ये याद दिलाने का दिन है कि
भारत किसी भी व्यक्ति से नहीं,
संविधान से चलता है।
सत्ता बदल सकती ह��,
सरकारें आ–जा सकती हैं,
लेकिन लोकतंत्र तब तक ज़िंदा है
जब तक सवाल ज़िंदा हैं।
आओ आज संकल्प लें —
तिरंगे का सम्मान सिर्फ़ हाथों में नहीं,
व्यवहार, विचार और न्याय में भी रखें।
जय संविधान।
जय लोकतंत्र।
जय हिंद 🇮🇳
#RepublicDay2026 #गणतंत्रदिवस #IndianConstitution #Democracy
ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी का अमानवीय रवैया सामने आया है। रास्ते से गुजर रहे एक गरीब व्यक्ति से हल्की टक्कर लगने पर पुलिसकर्मी के हाथ से मोबाइल गिर गया। आरोप है कि इसी मामूली घटना पर महिला पुलिसकर्मी आपा खो बैठीं और बीच सड़क उस व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर दी।
घटना सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वर्दी पहन लेने से आम नागरिक पर हाथ उठाने का अधिकार मिल जात�� है? यह मामला पुलिस की संवेदनशीलता, संयम और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
#Viral #NewsUpdate #News #Update
जो सही करता है, वही कुचला जाता है।
जो सच के साथ खड़ा होता है, वही निशाना बनता है।
दंड, प्रताड़ना और डर—ईमानदारी की यही कीमत तय कर दी गई है।
उस आदमी ने हिम्मत दिखाई।
बचाने की कोशिश की।
कामयाब नहीं हुआ—लेकिन कोशिश तो की।
आज उसी कोशिश की सज़ा उसे भुगतनी पड़ रही है।
नौकरी छोड़नी पड़��।
घर छोड़ना पड़ा।
ज़िंदगी से भागकर जीने को मजबूर कर द���या गया।
एक डिलीवरी बॉय की नीयत भर से पूरा तंत्र बेनकाब हो गया।
कुर्सियों पर बैठे बड़े-बड़े अफ़सर
शाम को घर गए होंगे,
लेकिन आईने में अपने बच्चों की आँखों में नहीं देख पाए होंगे।
कायरता उनके पीछे-पीछे चल रही होगी।
सामना करने का साहस नहीं है,
तो सच बोलने वाले को ही चुप करा दो।
धमकाओ।
झूठ बुलवाओ।
डर दिखाओ।
कोई उसे सराहना देना चाहे—तो वहीं रोक दो।
यही है इनकी बहादुरी।
यही है इनकी तथाकथित क्षमता।
सत्ता के पीछे छिपकर
कमज़ोरों को कुचल देना—बस इतना ही दम है।
अब तो गाली देने का भी मन नहीं करता।
नफ़रत भी बेकार लगती है।
क्योंकि इसके लिए भी इंसान होना ज़रूरी है।
#NoidaTechieDeath
#YuvrajMehta
#muninder