धर्म खतरे में है
मैंने कभी धर्म का लहू नहीं देखा
धर्म कभी मुझे रोते हुए चुप कराने नहीं आया
उसने मेरी स्कूल की फीस नहीं दी कभी
उसे ये भी नहीं पता
मैं आजकल प्रेम में हूँ
इस अनजान धर्म को देख रहा हूँ
धर्म के हाथों मार खाते आदमी
को खून निकल रहा है
धर्म बच रहा है
आदमी नहीं बचेगा शायद।
Kanpur: 6 Bangladeshi caught with fake Aadhaar and 13 passport. Samajwadi Party MLA Haji Irfan Solanki had certified their identity multiple times and had mentioned that he knows them. Kanpur police sharing all evidence.
If a person has a right to project anything, including vulgarity as art, then another person also has the right to express what he/she thinks about that art.
Strangley, some "intellectuals" feel that former is "strength of democracy" but the latter is "threat to democracy".
@IndoPac_Info Why chainese army was trying to cross their border, Every coin hace two side but you are representing like Indian army was doing wrong...
सुब्रमण्यम स्वामी नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत गए और जांच का आदेश ले कर आये-ऐसे ही जिन भी राजनीतिक दलों को लगता है कि कुछ मामलों में एजेंसियां मामला दर्ज कर जांच नहीं कर रही हैं तो उन्हें भी स्वामी की तरह आरंभिक सबूतों के साथ अदालत जाना चाहिए-केवल बोलने से तो बात नहीं बनेगी --
#Kharchapani लौट आया है आज का संस्करण
- सरकार कहती है खूब आया GST फिर भी क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल डीजल के दाम
- कोविड की दूसरी लहर में मंदी को लेकर सरकार असमंजस
- LIC क्यों कर रहा है शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली
With @Siddhantmt@TheLallantop
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टीकाकरण में किन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए?
- ऑक्सीजन टैंकरों के ड्राइवर
- सार्वजनिक वाहन जैसे ऑटो, बस, एंबुलेंस आदि के ड्राइवर
- शिक्षक, आंगनवाड़ी, आशा कर्मी
- दूध, सब्जी, परचून की दुकान वाले
- अखबार बांटने वाले
- घरेलू सहायक
- कोरोना राहत में लगे स्वयंसेवी संस्थाओं के लोग
बीजेपी कहती है tmc लोग हिंसा कर रहे है , tmc कहती है कि bjp वाले कर रहे है।लेकिन नुकसान किसका हो रहा है जो साधारण सा जीवन जीते है। सच मे अब लगता है लोकतंत्र मर चुका है।
#बंगाल_हिंसा#burningbengal
कोविड महामारी को एक साल से ज्यादा हो गया। इतने कम समय में कई वैक्सीन आ गईं। लेकिन इलाज को लेकर अलग-अलग बातें क्यों? रेमडेसिविर, सीटी स्कैन, स्टेरॉयड वगैरह पर जितने मुँह उतनी बातें? क्या एक प्रोटोकॉल नहीं बनना चाहिए? दूसरे देशों के अनुभव से सीखें।वहाँ के डॉक्टरों से पूछें।