मेरा नेशनल में गोल्ड आया वहाँ से मेरा इंटरनेशनल के सेलेक्शन हो गया, लेकिन मुझसे 1.5 लाख मांगे गए, मैं नहीं दे पाई इसलिए इंटरनेशन नहीं खेल पाई:- CM पुष्कर धामी के सामने जब ये बोला गया तो सन्नाटा छा गया…..
ऐसे घूसखोर हर जगह हैं।
झारखंड आंदोलन से कोई गाली गलौज की, बदतमीज़ी की, मीडिया के साथ मारपीट की तस्वीरें सामने नहीं आ रहीं जबकि ज़ुल्म छात्रों पर पूरा हो रहा है...
इसलिए किसी के बुरे बर्ताव को प्रतिक्रिया के नाम पर जायज़ नहीं ठहराया जा सकता... क्या झारखंड के बच्चों का कष्ट कम है? क्या उनके साथ अन्याय नहीं हुआ? उन पर लाठियाँ नहीं बरसीं? पर वो तो कोई अभद्रता नहीं कर रहे..कोई गंदे नारे नहीं लगा रहे..किसी नेता को गाली नहीं दे रहे..
आप शोरूम या मॉल में जाकर हजार-पंद्रह सौ रुपये किलो का शानदार पैकेट उठाकर खुद को रईस समझ रहे हैं। फिर जो जूठन उनके बिना धुले हाथों से बच जा रही है, वो आपकी शानदार और महंगी एयर-टाइट पैकिंग में सलीके से ठूंसी जा रही है।
बीकाजी वालों को तो अब अपने पैकेट पर गर्व से लिख देना चाहिए, "100% प्री-टेस्टेड बाय आवर लेबरर्स, विथ स्पेशल ह्यूमन टच।"
शांति से क्यों बैठे हो? यहां नहीं बैठ सकते! रांची के Gen-Z पर पुलिस एक्शन, सियासत में राहुल गांधी पर सवाल
सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्या शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर विरोध करना भी अब अपराध है?
इतना बड़ा आंदोलन, इतनी बड़ी भीड़… और फिर भी अनुशासन!
JPSC आंदोलन में रविंद्र पासवान और उनके साथ खड़े छात्रों ने जिस तरह भीड़ को शांतिपूर्वक संभाला, छात्रों का हौसला बनाए रखा और आंदोलन को एक स्पष्ट दिशा दी, वह तारीफ के काबिल है।
आज बड़े-बड़े नेताओं के साथ पूरी रणनीतिक टीमें होती हैं, फिर भी कई बार ऐसा अनुशासन और क्राउड मैनेजमेंट देखने को नहीं मिलता। यहां छात्रों ने खुद अपना Code of Conduct बनाया, क्या करना है, क्या नहीं करना है, मंच पर किसे जगह मिलेगी, आंदोलन को राजनीतिक दलों से कितनी दूरी रखनी है और किसी भी उकसावे में नहीं आना है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि हजारों युवाओं के गुस्से को हिंसा नहीं, अनुशासन और उद्देश्य में बदला गया। ऐसे आंदोलनों और ऐसी छात्र लीडरशिप पर सिर्फ खबर नहीं बननी चाहिए, इनसे सीख भी ली जानी चाहिए।
His name is Ravindra Paswan
Kudos to his leadership. The way he led & motivated the students while managing the crowd peacefully should become a case study
People won’t share this video because, unlike Saurav Das, he doesn’t live in a lavish home or enjoy a luxurious lifestyle.
If any similar video featuring Chinese children went viral, leftists would started a huge drama, pointing out how active and healthy chinese children are and how excellent the schools are, that is why China wins medals bla bla ..
This video is from UP India
लोकतंत्र प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता देता है, तो उत्तर सुनने का दायित्व भी निर्धारित करता है।
माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर सदन में विस्तारपूर्वक अपना पक्ष रखने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। कांग्रेस और समूचे विपक्ष से अपेक्षा है कि तथ्यों का सामना करे, सदन की गरिमा बनाए रखे और उत्तर को पूरा सुने।
लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं।
#राहुल_भागना_नहीं
News Pinch's mask has fallen in Ranchi
Jharkhand students have openly called out 'News Pinch and Abhinav Pandey' for doing sponsored journalism.
According to the students, these journalists arrive at the protest, act like they care, take money from the government, and then start doing PR for the JMM government.
And the final proof?
The official JMM X handle is promoting their videos.
This is not reporting, this is paid damage control.
Arnab Brutally Roasts Double Standards of Left Cum Jihadi Gang.
"Javed Akhtar is Quiet
Prakash Raj dont even give Damn to Jharkhand,
Shekhar Suman Failed actor & self installed comedian has kept Quiet"
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NONE of the betas who went to jantar mantar even bothered to book a flight to Ranchi .. none of the so called true real journalists have written long long sermons for the Ranchi students .. which is why this selective outrage calls the bluff of such people .
पुलिस पर पत्थरबाजी करते दंगाई राजनैतिक कार्यकर्ताओं के ऊपर कार्रवाई करने पर पुलिस और गृह मंत्री से माफ़ी की आशा करती वामपंथन को राहुल गाँधी के टोकन ट्वीट से भी समस्या है। यानी, शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट पर लाठीचार्ज करो क्योंकि वो मोदी सरकार के विरोध में नहीं है!
🚨 BIG CLAIM by a female student protester on the lathi-charge that took place a few minutes ago: “There wasn’t a single woman police officer. Everyone was CHASED & BEATEN. The Jharkhand Govt runs the ‘Maiya Samman Yojana’, yet mothers and sisters are being BEATEN.”
=> Where is Rahul Gandhi now?
झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जितने सर फूटे, जितने हाथ टूटे, जितनों को लाठियाँ लगी, हर विद्यार्थी निहत्था था। लड़कियों को भी नृशंसता से पीटा गया। पत्रकार डिटेन किए गए।
काँग्रेस हो या JMM या कोई भी अन्य पार्टी, यदि आपको लगता है कि इस तरीक़े से आप इस उबलते क्रोध को दबा दोगे, तो आप देखते रहो। आपकी आँखों के सामने पहले आपकी क्रेडिबिलिटी जाएगी और बाद में सत्ता।