We always said, you have freedom to criticize RSS, BJP or Govt. but don't abuse our nation.
ध्यान से सुनें.. हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह तुम्हें बहुत ज़्यादा महंगा पड़ेगा।
आप अन्याय पर अन्याय करते रहो और हम उफ़ तक ना करें 🤔
ये कैसी इंसानियत है l गलती से भी यदि आपकी गलत नीतियों को बता दिया तो सीधे देश द्रोहियो के जैसा वर्ताव?
ये सब आपको सही लग रहा होगा पर परमात्मा के सीसीटीवी में सब रिकॉर्डिंग हो रही है और आपके हर अन्याय का दंड आपको मिलेगा l
जिसका जितना बड़ा पद उसकी उतनी बड़ी जिम्मेदारी यही प्रकृति का नियम है जिससे कोई नहीं बचेगा
बेटी-बेटी होती है, जाति नहीं !
RHA मेंबर प्रतीक पांडे ने सही सवाल उठाया -
OBC / जनरल बेटी के साथ रेप पर सामान्य केस,
और SC/ST बेटी पर 8 से 12 लाख का मुआवजा क्यों?
दर्द का मुआवजा जाति देख कर कैसे तय हो सकता है?
#ReservationReform#RHA
कल डायरेक्टर @filmervishal विशाल चतुर्वेदी की फिल्म श्री #हनुमान_अंश देखी। विशाल जी को निजी तौर पर जानता हूँ, इसलिए एक क्रिटिक की तरह देखी।
जानते हैं क्यों??
जब आप किसी को जानते हैं, तो उसकी कैपेबिलिटी, उसके क्राफ्ट, उसके आर्ट के बारे में आपकी समझ इतनी विकसित नहीं होती। क्योंकि जो लोग विशाल जी को जानते हैं, वो जानते हैं कि विशाल जी एक नितांत सरल, सहज, साधु किस्म के व्यक्ति हैं।
जिस ज़माने में @Clubhouse और @XSpaces बहुत टॉक्सिक हो गए थे, तब फ़िल्म श्री हनुमान अंश के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी दुनिया से अलग रोज़ सुबह 7 बजे बहुत सारे लोगों को इकट्ठा करके गिटार बजाकर श्री हनुमान चालीसा की अलख जगाते थे।
एक हनुमान चालीसा को विभिन्न धुनों में, विभिन्न तरीकों से, विभिन्न लोगों से सुनकर हम लोग अभिभूत हो जाते थे।
लेकिन इस सहजता में विशाल जी के क्राफ्ट के बारे में, उनके आर्ट के बारे में नहीं पता था… उनकी भक्ति पता थी उनका सामर्थ्य नहीं…
लेकिन आज पता है… श्री हनुमान अंश एक बहुत ही परिपक्व फिल्म है। कोई एज, कोई कोना ढीला नहीं है।
फिल्म का म्यूज़िक अद्भुत है और उसकी टाइमिंग इतनी अद्भुत कि जैसे ही आप फिल्म में किसी बहुत महत्वपूर्ण घटना होते देखते हैं, उसके पीछे से जो म्यूज़िक आता है, वो रोम-रोम आह्लादित कर देता है।
इसके अलावा फिल्म का डायरेक्शन, पात्रों का चयन, बाबा नीम करौली की कृपा से उनकी कहानी का नैरेशन, कैमरे की क्वालिटी… ये लग ही नहीं रहा था कि मात्र दो करोड़ रुपये की लागत से बनी फिल्म है।
इतना परफेक्ट कैमरा, लोकेशन का चयन, रिसर्च, सब कुछ इस फिल्म को अप्रतिम बनाता है।
इसीलिए मैं किसी से ये नहीं कह रहा हूँ कि फ़िल्म इसलिए देखिए-उसलिये देखिए…
श्री हनुमान अंश इसलिए देखिए क्योंकि एक अच्छी फिल्म क्या होती है, उसको देखने का एक स्टैण्डर्ड डेवलप हो, सिनेमैटोग्राफी क्या होती है उसकी समझ डेवलप हो… अगर अच्छी फिल्में नहीं देखेंगे, तो गुणवत्ता के मायने बदल जाएंगे।
बाबा नीम करौली का पात्र निभा रहे बंधु, इतनी सौम्यता, इतनी सरलता, इतना माधुर्य, इतना प्रेम… बाबा के पात्र को आपने जिया है और ये भी बाबा की कृपा से ही संभव है।
लखनऊ वालों पर बाबा का विशेष प्रताप रहा। अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण वर्ष वो यहाँ रहे, श्री हनुमान सेतु मंदिर का निर्माण कराया। हम लोगों से बाबा की बॉन्डिंग अलग ही है… हमारी तरफ़ से साधुवाद…
फिल्म में कृष्णदास जी का भजन ॐ नमः शिवाय, एक विदेशी जो भारत आकर बसा और भारत को, हनुमान जी को, भगवान शिव को समर्पित हो गया।
फिल्म में फेमस साउंडट्रैक मेरे संकट के खेवैया हनुमान के गीतकार का चयन,
और इस फिल्म का सर्वश्रेष्ठ गाना… @filmervishal जी, आपका गाया “हृदय में जिनके सीता राम, सीताराम जय सीताराम” बिल्कुल आपके अनरिलीज़ हनुमान चालीसा जैसा है, नितांत पवित्र, जिसको आपने बहुत साल पहले मुझे शेयर किया था।
हमारे घर की दिनचर्या उसी से आरम्भ होती है और हमारे घर के सभी फोन्स की कॉलर ट्यून हृदय में जिनके सीता राम हो गयी है।
क्या लिखूँ और क्या-क्या लिखूँ इस फिल्म के बारे में?
मैं कोई इकोसिस्टम से गुहार नहीं करने जा रहा कि जाइए, इस फिल्म को सपोर्ट कीजिए। मैं सीधे कह रहा हूँ, अपने आप को एक ट्रीट दीजिए, ये फिल्म देखिए। आनंद से सराबोर हो जाएंगे, दिव्य शब्द के मायने समझ पायेंगे…
विशाल जी अपनी टीम से कहिएगा, हमारी शुभकामनाएँ आप सभी को, आप सभी को श्री राम का आशीष मिले, हनुमान जी आपके हृदय में वास करें, बाबा आपके चित्त-मन को और दिव्य बनाएं, और सुंदर बनाएं कि आप एक दूसरे और तीसरे पार्ट रूपी सुंदर रचना, ऐसी सुंदर फ़िल्म पुनः रच सकें।
माँ भवानी आपको सामर्थ्य दें, शक्ति दें, विजय दें, प्रेम दें।
बहुत-बहुत धन्यवाद बंधु। बहुत-बहुत धन्यवाद बंधु… इतने सारे झंझावात, संताप, कष्ट, राजनीति के बीच में कुछ ऐसा देने के लिए, जो मन को शांत करता है, हृदय के सारे संताप हर लेता है, तृप्त कर देता है, संतुष्ट कर देता है।
जय-जय श्री सीता राम।
पिता फौज में सूबेदार थे, एक ब्राह्मण अध्यापक ने अपना नाम दिया, पत्नी ब्राह्मण थीं, कभी भूखे नहीं मरे और पानी ना मिलने की बात भी गलत है..
1936 में उन्होंने लिखा था कि इंटरकास्ट मैरिज से ही जातियां खत्म होंगी, लेकिन एक ब्राह्मण से शादी करने के बाद भी "अंबेडकर" के बच्चे दलित ही बने रहे। जाति तो नहीं टूटी।
जानते हैं क्यों?
क्योंकि दलित बने रहने के फायदे बहुत हैं।
@shubhankrmishra
UGC रोल बैक, आरक्षण खत्म आंदोलन में ये मासूम बेटा भाई देवेंद्र सिंह पलाड़ा शहीद हो गए😭
इनका संघर्ष ब्यर्थ नही जाना चाहिए मित्रो😭😭
देवेंद्र की आत्मा को प्रभु अपने चरणों मे स्थान दे🙏😭😭😭😭
यह कहानी लखनऊ के "कुमार टैग कोचिंग" चलाने वाले कुमार सर हैं!
ये बता रहे हैं कि कैसे इनके ऊपर 2023 में एक लड़की ने पैसे के लालच में उनके खिलाफ झूठा SC/ST एक्ट का मुकदमा लिखवा दिया था।
लड़की ने जाति-सूचक शब्दों का झूठा आरोप लगाकर 20 हज़ार रुपये ऐंठ लिए थे। पैसे मिलते ही लड़की ने एप्लिकेशन वापस ले ली।
Sir दस्तावेज़ दिखाते हुए साफ कहते हैं - "यह रियल घटना है उनके साथ। झूठी FIR के डर से उन्हें पैसे देने पड़े।"
सोचो... झूठे मुकदमों का कितना बड़ा दुरुपयोग हो रहा है।
कोचिंग वाले भी सुरक्षित नहीं।
#StopMisuseOfSCSTAct
अजीत जी के साथ समस्त भारत के सनातनी हे और मेरा सुझाव हे कि उनके द्वारा कोई अपराध नहीं किया हे और न ही उनका व्यक्तव्य किसी भी अपराध की श्रेणी में आता हे इसलिए हम सब को मिलकर पुलिस से ही खात्मा लगवाए कृपिया सभी साथ दीजिए 🙏