भारत अपने लिए नए-नए मार्केट बना रहा है
यह बुर्किना फासो के राष्ट्रपति इब्राहिम ट्रेरेरे हैं इन्होंने भारत के साथ 14 अरब डॉलर का अनाज खरीदने का डील किया है
आप खुद सुनिए यह भारत के बारे में क्या बता रहे हैं
@DeoriaPolice@narendramodi@UPGovt@Uppolice महोदय धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया यूपी का लॉ & ऑर्डर ध्वस्त करने का प्रयास किया, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को गुजरात का कातिल कहने के बदले खामपार so ने सिर्फ 151 में चलान करके छोड़ दिया ,,, उनसे पूछ तो लीजिए कितना लेन देन करके मामला सेटल किया है
ऑपेरशन सिंधुर पर अमिताभ बच्चन चुप
ऑपेरशन सिंधुर पर सचिन तेंदुलकर चुप.
ऑपेरशन सिंधुर पर शाहरुख खान चुप.
ऑपेरशन सिंधुर पर सलमान खान चुप.
पाकिस्तान के नेता, खिलाड़ी और फिल्मी कलाकार बढ़ चढ़कर अपने देश के समर्थन में एक्स पर ट्वीट कर रहे हैं.
भारत के ज्यादातर नामचीन हस्तियां चुप हैं. केवल शिखर धवन, इरफान पठान और अक्षय कुमार ने ऑपरेशन सिंधुर पर ट्वीट किया है.
बाकी नेताओं ने तो गर्दा मचा दिया है. पाकिस्तान का नाम लेकर रेलाई करने में सबसे आगे असदुद्दीन ओवैसी साहब हैं. मंच जब उठा नारा लगाया भारत ज़िंदाबाद.. पाकिस्तान मुर्दाबाद. हम तो कहते हैं असदुद्दीन ओवैसी जिंदाबाद.
@YusufJamil01@KraantiKumar हजारों में एक हिन्दू मिला तो कह रहे हो कि आतंकवादियों का कोई धर्म नही होता। अब तो हर हिन्दू को ऐसे ही अपना संगठन बनाना चाहिए और मदरजातों से उन्ही के घर में घुस कर उन्ही के जैसे धर्म पूछ कर पिछवाड़े में गोली मारनी चाहिए।
आठ वर्ष का बालक तक्षक एकाएक समय को पढ़ना सीख गया था, उसने भूमि पर पड़ी मृत माँ के आँचल से अंतिम बार अपनी आँखे पोंछी, और घर के पिछले द्वार से निकल कर खेतों से होकर जंगल में भाग गया।
25 वर्ष बीत गए। अब वह बालक बत्तीस वर्ष का पुरुष हो कर कन्नौज के प्रतापी शासक नागभट्ट द्वितीय का मुख्य अंगरक्षक था। वर्षों से किसी ने उसके चेहरे पर भावना का कोई चिन्ह नही देखा था। वह न कभी खुश होता था न कभी दुखी। उसकी आँखे सदैव प्रतिशोध की वजह से अंगारे की तरह लाल रहती थीं। उसके पराक्रम के किस्से पूरी सेना में सुने सुनाये जाते थे। अपनी तलवार के एक वार से हाथी को मार डालने वाला तक्षक सैनिकों के लिए आदर्श था। कन्नौज नरेश नागभट्ट अपने अतुल्य पराक्रम से अरबों के सफल प्रतिरोध के लिए ख्यात थे। सिंध पर शासन कर रहे अरब कई बार कन्नौज पर आक्रमण कर चुके थे, पर हर बार योद्धा राजपूत उन्हें खदेड़ देते। युद्ध के सनातन नियमों का पालन करते नागभट्ट कभी उनका पीछा नहीं करते, जिसके कारण मुस्लिम शासक आदत से मजबूर बार बार मजबूत हो कर पुनः आक्रमण करते थे। ऐसा पंद्रह वर्षों से हो रहा था।