एक ट्रेन में तबीयत बिगड़ने पर एक हिंदू बहन ने बुज़ुर्ग मुसलमान अंकल का हाथ थाम कर मदद की… यही असली भारत है।❤️
ना टोपी देखी, ना तिलक बस तकलीफ़ देखी और दौड़कर इंसान ने इंसान का साथ दिया… नफ़रतों के इस दौर में ऐसे लम्हे याद दिलाते हैं कि “आज भी इंसानियत ज़िंदा है।
@BiharEducation_ Mahoday !! Aakhir kab tak hum log aise hi berozgaar rahenge, ab to hum logon ko joining karwa kar berozgari se mukt kijiye.
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