मेरे ख़ेत की हर पंखुड़ी में मेरी खुशी का एक टुकड़ा छिपा है।
मुझे मेरे बगीचे की शांति में, शांति और खुशी मिलती है।
ख़ेत को बढ़ता हुआ देखना मेरे दिल को अनंत खुशी मिलती है
मेरे खेत मेरा स्वर्ग है, जो खुशी से खिलता है।#एकांतऔषधिहै#farmlife#farming#homegrown#organic
कहता है इतिहास, ज���त में हुआ एक ही नर ऐसा,
रण में कुटिल काल-सम क्रोधी, तप में महासूर्य जैसा।धर्म हेतु सब कुछ अर्पण कर, बना साक्षात विनाशक,
पर अंतर्मन था शांत, समर्पण में भी था उजासक।
जय दादा परशुराम 🙏🏻🙏🏻